चलते चलते, चलते चलते
यूं ही कोई मिल गया था
यूही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते-चलते
सर-ए-राह चलते-चलते
वही थाम के रह गई है
वही ठमके रह गई है मेरी रात ढलते-ढलते
मेरी रात ढलते-ढलते
जो कहीं गई ना मुझसे
जो कह गई ना मुझसे वो जमाना कह रहा है
वो जमाना कह रहा है फ़साना
के फ़साना बन गयी है
के फ़साना बन गई है मेरी बात टलते-टलते
मेरी बात टलते-टलते
यूं ही कोई मिल गया था
यूही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते-चलते
सर-ए-राह चलते चलते
यूही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते-चलते
चलते-चलते सर-ए-राह चलते-चलते
चलते-चलते चलते-चलते
चलते-चलते चलते-चलते
चलते-चलते चलते-चलते
चलते-चलते चलते-चलते
यूही कोई मिल गया था
यूही कोई मिल गया था
शब-ए-इंतज़ार आख़िर
शब-ए-इंतज़ार आख़िर कभी होगा मुख्तार भी
कभी होगा मुख्तार भी चिराग
ये चिराग बुझ रहे हैं
ये चिराग बुझ रहे हैं मेरे साथ जलते जलते
मेरे साथ जलते जलते
ये चिराग बुझ रहे हैं
ये चिराग बुझ रहे हैं ये चिराग बुझ रहे हैं
ये चिराग बुझ रहे हैं ये चिराग बुझ रहे हैं
ये चिराग बुझ रहे हैं मेरे साथ जलते जलते
मेरे साथ जलते जलते
❤️
- Umakant