“तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी”
तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी
हेयरां हूं मैं
ओ हेयरां हूं मैं
तेरे मासूम सवालों से
परेशान हूं मैं
ओ परेशान हूं मैं
तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी
हेयरां हूं मैं
ओ हेयरां हूं मैं
तेरे मासूम सवालों से
परेशान हूं मैं
ओ परेशान हूं मैं
जीने के लिए सोचा ही नहीं
दर्द संभालें होंगे
जीने के लिए सोचा ही नहीं
दर्द संभालेंगे
मुस्कुराएँ तो मुस्कुराएँ के
कर्ज उतारेंगे
हो मुस्कुराउँ कभी तो लगता है
जैसे होठों पे कर्ज रखा है
तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी
हेयरां हूं मैं
ओ हेयरां हूं मैं
जिंदगी तेरे गम ने हमीं
रिश्ते नये समझे
जिंदगी तेरे गम ने हमीं
रिश्ते नये समझाये
🙏🏻
- Umakant