फूल खिला तो टूटी डाली
जिसे उलाफत समझ बैठा, मेरी नज़रो का धोखा था
किसी को क्या ख़ता है
किसी को क्या ख़ता है
मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे
के तेरा हाल क्या है के तेरा हाल क्या है
मांगी मुहब्बत पाई जुदाई, दुनिया मुझको रास न आई
पहले कदम पर ठोकर खाई
सदा आज़ाद रहते थे हमें मालूम ही क्या था
मुहब्बत क्या बला है
मुहब्बत क्या बला है
मेरे टूटे हुए दिल से कोई तो आज ये पूछे
के तेरा हाल क्या है के तेरा हाल क्या है
💕
- Umakant