मे अपने खुद की बात बताउ तो, कडवा हुं क्यो की सच्चा हुं , मेरा कीसीसे दुसमनी नही , मे हर कीसीको सकारात्मकता से ही लेता हुं , मेभी तो इनसान हुं सरल हुं तो क्या दील साफ रखना गुनाह है , और जरुरी नही हर बार मे ही सही हुं कुछ बार गलती हो भी सक्ती है, तो क्या मुजे जीने का अधीकार नही, अगर हर इनसान एसा सोचे तो दुनीया मे कीतना अमन और सान्ती होती, जीयो और जीने दो।।
Raajhemant
#खुद