उनकी छोटी-छोटी फिक्र तब मुझे ‘ओवर’ लगती थी,
सोचती थी, बस बीमार हूँ… माँ क्यों इतना डरती थीं। 🥺
मेरी मामूली-सी तकलीफ़ पर भी वो सहम जाती थीं,
मुझसे ज़्यादा तड़प और परेशानी उनके चेहरे पर आती थी। 💔
आज जब अपने बच्चे को बीमार देखा, तो समझ में आया… 🥹
माँ का वो ध्यान, वो बेचैनी…
सिर्फ़ बेइंतहा प्यार था, जो तब समझ नहीं आया। ❤️🩹
~ अनामिका✍️