हम कामयाबी के किसी भी मुकाम पर हो,
वहां से हम आगे बढ़ सके या न बढ़ सके,
इससे हमारे जीवन में ज्यादा फर्क़ नहीं आएगा,
लेकिन लेकिन लेकिन, जब हम किसीका देखकर या फिर सुनकर इसके जैसा बनने, इसके जैसा हांसिल करने गए, तो समझ लेना की, अंत में हमें
सिवाय अफसोस कुछ हाथ नहीं लगेगा,
ऊपर से हमारे पास जो जो था,
वह भी हम गँवा बैठे, ऐसा भी हो सकता है,
और अक्सर ऐसा ही होता आया है.
- Shailesh Joshi