तुम एक इंसान हो पत्थर के
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तुम एक इंसान हो पत्थर के,
तेरे अंदर दिल है ही नहीं।
मैं लाख जतन करती हूँ तुमको,
तेरे अंदर दिल मैं रख दूँ।
जो तू इंसान है पत्थर का,
तेरे अंदर मैं जान भर दूँ।
तू भी पिघले और प्यार करे,
अपनी बाहों में लेकर मुझको।
महसूस करे ले महबूब मेरा,
तुम एक इंसान हो पत्थर के,
तेरे अंदर दिल है ही नहीं।