Quotes by POEMRAJA in Bitesapp read free

POEMRAJA

POEMRAJA

@yuvrajsinhvadher8181gmailcom1680


Alone🙇🏻
My Instagram I’d :POEMRAJA7

epost thumb

"जो मेरा है, वो भीतर है"

दुनिया जिसे "अभाव" कहती है, मैं उसे "स्वभाव" कहता हूँ,
तुम्हारी भरी हुई तिजोरियों से बेहतर, मैं अपना खाली हाथ कहता हूँ।

मोह के धागे बहुत बारीक होते हैं, जो सबको बांध लेते हैं,
पर मैंने उन धागों से अब अपनी कफनी (लिबास) बुन ली है।

मिल गया जो सफर में, उसे माथे का तिलक कर लिया,
जैसे कोई शहंशाह अपनी फतह पर ताज पहनता है।

पर याद रहे, वो ताज मेरी हस्ती को नहीं बढ़ाता,
मैं तो पहले ही मुकम्मल (पूरा) हूँ, वो तो बस एक गहना है।

और जो ना मिला, वो बस एक धूल का झोंका था,
मिट्टी की चीज़ थी, शायद कोई हसीं धोखा था।

क्या रोना उस चीज़ के लिए जो कभी रूह की थी ही नहीं,
मैंने तो उसे खोकर ही जाना कि मेरा होना ही कितना अनोखा था।

मुझसे लोहा लेने की कोशिश मत करना ऐ ज़माने,
जिसके पास खोने को कुछ ना हो, उसे कोई कैसे हराएगा?

तुम अपनी जीत के जश्न में भी डरे-सहमे रहोगे,
और मैं अपनी हार को भी हार की तरह नहीं, हार (माला) की तरह पहनूँगा।

मेरी अमीरी का अंदाज़ा तुम लगा नहीं पाओगे,
क्योंकि मेरी दौलत सिक्कों में नहीं, सुकून में है।

तुम महलों की दीवारों में कैद होकर खुश हो,
और मैं ज़मीन की धूल में भी "अर्श" (आसमान) देखता हूँ।

POEMRAJA✒️🙇🏻

Read More