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सनातनी_जितेंद्र मन

सनातनी_जितेंद्र मन

@xvopwquy3722.mb


सीने में सजाकर के, जगता मैं सोता हूं,
आती हैं जब यादें ,घुट-घुट के रोता हूँ......
जब सामने आती है, मैं उसमें खोता हूं।
वो मुझमें होती है, मैं उसमें होता हूं।।
दूऽर हुए जब वोऽऽ, मशगूऽल रहेऽ थे हम।
कुछ वक्त रहे सोखे, फिर मन के साथी गम़।।
अहसासों कि माला, सांसों में पिरोता हूं।
मिलने कि चाहत में, तेरी राह जोहता हूं...आतीं हैं जब यादें.......
सीने में सजाकर के, जगता मैं सोता हूं,
आती हैं जब यादें ,घुट-घुट के रोता हूँ......

हैं वादे सारे तेरे, "मन" दिल दुनिया घेरे।
खुद के रहे ना हम, मुंह जो हमसे फेरे।।
जीने कि तमन्ना थी, सदियों का इरादा था।
इक ऐसा वादा था, गफलत का तकादा था।।
गर शौक़ अधूरे थे, पहले न बताया क्यों।
मंजूर किया रिश्ता, कैसी मजबूरी थी।।
सभी बीते यादों को, रख दिल में ढोता हूं...आतीं हैं जब यादें.....
सीने में सजाकर के, जगता मैं सोता हूं,
आती हैं जब यादें ,घुट-घुट के रोता हूँ......
सनातनी_जितेंद्र मन
#sanatani_jitendra_mann

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थोड़ी राहत मिले...
तो कुछ काम कर लें।
गुमनाम जिंदगी है,
नाम कर लें।
हो खत्म उलझनें सभी,
तमाम कर लें।
बेशक! हो कड़वी, दवाई मगर...
घूंट पी-पीकर, खुशियां,..
अपने नाम कर लें।
#काव्यपथिक
#सनातनी_जितेंद्र मन
#थोड़ीराहतमिले
#collab
#yqdidi
#yourquoteandmine
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इश्क़ की धुन.....
नाचे मुन-मुन।
थपके तिट-तुन,
सुन जरा सुन।।
प्यारे! इश्क़ की धुन.....
#इश्क़कीधुन
#सनातनी_जितेंद्र मन
#collab
#yqdidi
#yourquoteandmine
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विवेक शून्य, भावनात्मक ज्ञान....
प्रायः विषाक्त एवं अर्थहीन होता है।।
#दर्पणकासच
#विचार_प्रवाह
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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निपुणता बांध खड़ी पग है,
चपलता बनी महाठग है।।
निराधार भयीं घड़ियां,
अननुरूप लगे,यो जग है।।
क्रमशः......✍️
#दर्पणकासच
#जिंदगी_है_कैसी_ये_पहेली
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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आते हैं जद! में, कई लोग मगर.....
निभाता बखूबी, रिश्ता! कोई अपना ही है।
#दर्पणकासच
#रिश्तोंकीक़ीमत
#सम्बन्ध_स्नेह
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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थे जिंदा जब तलक, मुकाम ढूंढते रहे।
बेगाने शहर में, नामों-निशां ढूंढते रहे।।
हुआ न हासिल, मरकर भी कुछ मन!..
फिर से.........
जीने को इक जिंदगी!, कयाम ढूंढते रहे।।
#पीड़ा_मन_की
#तृप्ती_अंतस_की
#दर्पणकासच
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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रात सब देखती है
सुलाकर ख्वाबों में, करती है पर्दा...
बीत जाती है,
अकेले ही मगरूरियत में...
साथ कब देखती है।।
#पीड़ा_मन_की
#दर्पणकासच
#सनातनी_जितेंद्र मन
#रातकाअफ़साना #collab #yqdidi #YourQuoteAndMine
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है बदला क्या?,
सब वैसे ही है।
दर्द है, रुश्वाई है...
ईमान! दम तोड़ती, बेवफाई है...
मन! भीतर, इक तन्हाई है।।
#दर्पणकासच
#बदला_हैं_क्या_यहां
#तन्हाई
#पीड़ा_मन_की
#दर्द_छलक_जाता_है
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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कोई वादी-प्रवादी है,
कोई विषयों का आदी है।
नशा! हर एक इंसा में,
ये मन! तेरा उन्मादी है।।
#soulconnection
#lordkrishnasprayer
#कन्हैया
#योरकोट_दीदी
#योरकोटबाबा
#सनातनी_जितेंद्र मन

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