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इतने रंग दिखा चूकी हे,जींदगी हमारे होली नयी बात थोड़ी है। विपूल प्रीत - Vipul Borisa
अपनी शिकस्त को उस हद तक ले जाना है। या तो जीत जाना हे,या तो फिर मर जाना है। विपूल प्रीत - Vipul Borisa
तुमारी आँखों से जीतने बहे नही, उससे ज्यादा हम पी चूके है। तुम्हे अभी तक पता ही नही,सनम हम,कैसी जींदगी जी चूके है ¡ विपूल प्रीत - Vipul Borisa
एक अरसा हुआ मरे हुये। एक वक़्त था जीना चाहते थे। विपूल प्रीत - Vipul Borisa
જ્યાં ફક્ત મૌન હોય એવો ઉદ્દગાર થઈ જઈએ. કૃષ્ણ રાધા જેમ એકબીજાને સ્વીકાર થઈ જઈએ. વિપૂલ પ્રીત - Vipul Borisa
बड़ा ही सुकून होगा अब मरने मे, कुछ इस तरह जींदगी की समज पायी है। विपूल प्रीत - Vipul Borisa
એવી સ્થિતિ સ્વીકાર કરી ગયો છું. લાગે જાણે દરિયો પાર કરી ગયો છું. એવી રીતે જીંદગી જીવી જાણી છે, હું ખુદ ખુદ પર ઉપકાર કરી ગયો છું. વિપુલ પ્રીત - Vipul Borisa
तस्वीर अभी मुकम्मल भी नही हुई थी। और शख्स ओज़ल हो गया आँखों से, तूमने सिर्फ जाना हे,मेने महसूस किया हे। वो वक़्त,ज़ब रेत पिसलती हे हाथों से। विपुल प्रीत - Vipul Borisa
जींदगी के इतने तज़ुर्बे जी चूका हू। में जिया हू,उससे ज्यादा मर चूका हू। विपुल प्रीत - Vipul Borisa
चाँद सबकी किस्मत में नही होता। मगर,रात सबके नसीब में आती है। उसे देखे तो बरसो हो गये वैसे तो, मगर profile रोज देखी जाती है। विपुल प्रीत - Vipul Borisa
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