Quotes by vikash arya in Bitesapp read free

vikash arya

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@vikasharya


मेरा नाम विकाश आर्य है । मैं bsc के student हु। यह मेरी दूसरी कविता है । यही आपलोगो को कुछ कमी या सुझाव देना । चाहते है तो मुझे जरूर मैसेज करे ।। मैं इंतजार करूंगा। धन्यवाद पाठक।।

मैं कुछ कर पाऊंगा कि नहीं ।
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आज मैं रात में सोने की कोशिश कर रहा हु तो।

आंखों में नींद के बजाय अपने सपने झलक रहा है।

मम्मी और पापा के बातों में उम्मीद झलक रहा है।

भैया और दीदी के बातों में आशा झलक रहा है।

मैं कभी कभी डर सा जाता है। की मै उनकी आंखों में दिख रहे आशा को पूरा कर पाऊंगा कि नहीं?

उनके उम्मीदें कभी कभी डरा सी देती है कि में सही रास्ते पर चल रहा हु कि नहीं?

में अच्छा कर पाऊंगा कि नहीं।

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