Quotes by Satish in Bitesapp read free

Satish

Satish

@ssatish


लड़खड़ाते कदम सभी ने देखे निकलते हुए मयखाने से
किसने देखा हमें क्या पी कर निकले थे मयखाने से..

Ssatish

पत्थर का बुत है तू, पिघलता क्यूं नहीं
कमी क्या है मेरी इबादत में, कहता क्यूं नहीं

ssatish

गुलाब सी खूबसूरत है तू
तो है खार भी तुझ में
और क्या देगा तू
जख्म हूं में
तेरा अहसास पहले ही है मुझ में...

ssatish

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પ્રથમ પ્રયાસ તમારી સાથે જોડાવાની મનથી

મન કરે છે....