Quotes by Shraddha Panchal in Bitesapp read free

Shraddha Panchal

Shraddha Panchal

@shraddhapanchal808378


बहुत दूर निकल गई है,
मेरी पतंग 🪁
मुझे मेरी इस पतंग के धागे 🧵
को तोड़ना ही ठीक लगता है…………
अगर समेटूँगी !!!, या
खिच कर वापिस लपेटने की ,
कोशिश करूँगी !!!!!!
तो और उलझन बढ़ जाएगी ।।।🙏❤️

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एक उदास व्यक्ति तब तक भी ठीक है,
जब तक वो उदास हो,
लेकिन
जब वो मुस्कुराकर स्वीकार करने लगे ,
हर बात
तो समझिये उसे अब किसीसे कोई उम्मीद नहीं है।❤️

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हर किसी को दिल मैं ,
बसाया नहीं जाता ,

हर किसी को दिल का दर्द ,
बताया नहीं जाता,

माँ कहती है,
होने वाले हो जाते है अपने,

हर किसीको ज़बरदस्ती अपना,
बनाया नहीं जाता 😇

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एक उम्र वो थी ,
जिसमे जादू पर भी भरोसा था।
और
एक ये उम्र है ,
इसमें हक़ीक़त पर भी शक हो गया है 😇

प्रश्न :- इंसान को जीवन में क्या चाहिए?????
उत्तर :- जवाब है
“ जो उसके पास है ,,,,,,,”

“उसके अलावा सब कुछ “
सही सच है 😇🙏

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बहुत कुछ पसंद था,
बहुत कुछ चाहिए था,
पर अब
लगता है की सारी ख्वाहिश बेकार है
सारे सपने बेकार है,
सारी उम्मीदे बेकार है,
सारे भरोसे बेकार है,
सारे लोग भरोसे के लायक नहीं होते है,
अब सिर्फ भगवान का भरोसा ही सही है😇🙏

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નવરાશ બઉ મોંઘી હોય છે ,
નહીં તો શાંતિ અને સંતોષ એટલો સસ્તો છે,।!!!!
કે
એક “ચા” ના કપ માં પણ મળી જાય છે 😇☕️

માનવ

પ્રાર્થના કરતી વેળા સમજે છે કે,
ભગવાન બધું સંભાળે છે,
પણ નિંદા કરતી વેળા આ વાત ભૂલી જાય છે।

પુણ્ય કરતી વેળા સમજે છે કે,
ભગવાન જોવે છે ,
પણ પાપ કરતી વેળા આ વાત ભૂલી જાય છે।

દાન કરતી વેળા સમજે છે કે,
ભગવાન બધી જગ્યા એ વસે છે ,
પણ ચોરી કરતી વેળા આ વાત ભૂલી જાય છે।

પ્રેમ કરતિ વેળા સમજે છે કે,
ભગવાન એ જ દુનિયા બનાવી છે ,
પણ નફરત કરતી વેળા આ વાત ભૂલી જાય છે।

આટલું બધું કર્યા પછી પણ ,
માનવ પોતાની જાત ને સૌથી વધારે ,
“બુદ્ધિમાન”
સમજે છે ।।।😇🤎🤎

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मैंने चुप रहकर भी देख लिया ,
मैंने सब कहकर भी देख लिया ,
हमेशा यही नतीजा निकला ,
“मैं ही ग़लत हूँ “
और तुम दोनों ही सूरतों में ,
सिर्फ़ मेरे लिए ही “नासमझ” निकले……!
और में सब समझ कर भी नासमझ बनती फिरती हूँ,,,,
में ना हीं समझ सकती हूँ,
जब स्त्री गलती करती है ,
तब भी मर्द के आगे स्त्री को झुके रहना पड़ता है ,
अगर मर्द गलती कर दे ,
तब भी स्त्री की गलती होती है,
और तब भी स्त्री को ही झुककर कहना पड़ता है ,
“गलती हो गई आपका सच जान गई”
और नतीज़ा यही निकलता है
“ मर्द कभी ग़लत नहीं होते “ 🙏

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ज़िंदगी तब हल्की लगने लगती है,
जब आप ये स्वीकार कर लेते है,
की
कुछ चीज़े, कुछ समय , कुछ लोग,,,,,,
आपके बस में नहीं होते——-
और यही ठीक भी है और सही भी ।।।।।❤️

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