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नजरों से उतरा जो एक बार कहां फिर दिल में जगह पाता है शाख से टूटा जो पत्ता एक बार क्या फिर डाल से जुड़ पाता है!! सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
अब ना आया करो मेरी यादों में तुम के तुम बिन जीना सीख लिया हमने तेरी झूठी मुहब्बत के ज़ख्मों को ऐ ज़ालिम! अब मुस्कुराकर सिलना सीख लिया हमने।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
यूं तो तुम्हें कमियां नजर आती है हर इंसान में गर मिले फुर्सत कभी तो झांक लेना जरा अपने किरदार में। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
उसे छोड़ कर जाने की थी जल्दी हमने भी रोकना मुनासिब न समझा उसे इश्क होगा तो खुद ही लौट आएगा वरना वो अपनी गली,हम अपनी गली।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapat
आज फिर चला यादों का काफ़िला जाने कितनी दूर तलक तक जाएगा आज फिर सारी रात कटेगी आंखों में जाने कितना भूला बिसरा फिर याद आएगा। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
मन भारी दिल उदास किससे कहें अब दिल का हाल उमड़ रहा जज्बातों का सैलाब वो भी चल रहे शब्दों से नाराज आईना भी कुछ खफा सा है अक्स दिखाता कुछ जुदा सा है आंसुओ ने समझे सब हालात मनोभावों को मिला नया हमराज़।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
कुछ लोग खास होते हैं, हमेशा दिल के पास होते हैं दूरियां नहीं रखती मायने, जब जुड़े जज़्बात होते हैं।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
थोड़ी सी खुशियां और अपनों का हो साथ ऐ जिंदगी! इससे ज्यादा की है किसे दरकार!! सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
दिल पर चोट लगी थी गहरी राजदार बनाया एक अपने को सुबह तलक चर्चे आम हो गया अब दोष बताओं दूं किसको ।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
धूप का वो एक कतरा बैठा कुछ जुदा सा है मालूम होता है वो जिंदगी से कुछ खफा सा है।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati
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