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मैं स्वंय के अतिरिक्त और किसी की दोषी नहीं हूँ , मैंने स्वंय के लिए स्वयं से किये वादे तोड़े हैं । - Ruchi Dixit
मैंने हर बार हर बात के लिए खुद को दोषी माना इसका तात्पर्य सब निर्दोष नहीं है उस समय मैंने स्वंय को उनसे अलग कर लिया । - Ruchi Dixit
जिनसे मुझसे शिकायतें थीं उन सबसे माफी है जब भी खुद से बातें हुई खुद के लिए खुदा से न्याय नहीं माँगा सोचा तो अपनी सजा के बारे में.... - Ruchi Dixit
जहाँ झूठ होता है वहाँ छिपाया जाता है जहाँ झूठ नहीं होता वहाँ कुछ भी छिपा नहीं होता समझते समझते बात समझ आई..... - Ruchi Dixit
यदि मेरी ऐसी स्थिति बने कि मेरे पास एक रूपया न हो सर छिपाने के यदि छत भी न बचे उस अवस्था में भी गरीब शब्द मेरे लिए गाली के समान है इसलिए नहीं कि यह मेरा अहंकार है बल्कि इसलिए कि मेरे लिए धन के मायने कुछ और है... - Ruchi Dixit
मातृभारती कई दिनों से लाग आऊट नहीं हो रहा आपके साथ भी क्या यही समस्या आ रही है??
तय किया है दूर तक देखना अब कम करना है... - Ruchi Dixit
जिसे खोना होता है वह खोने के लिए ही आता है जो हिस्से का है वह आपमें रह जाता है । किसी का सामर्थ्य नहीं कोई किसी से किसी का छीन ले जो नहीं मिला वह आपका नहीं था । - Ruchi Dixit
सैंकड़ों प्रभावशाली नंबर किन्तु कार्य हर बार सामान्य साधारण अपरिचित व्यक्ति द्वारा हो फिर भी फोन में कचरे की तरह नंबर पड़े हो और आप उसे साफ न कर पा रहे हों इसे ही आस कहते हैं । - Ruchi Dixit
अपने विश्वास पर उसे विश्वास न रहा अपने चुनाव पर सवाल रहा अपनी पसंद का मलाल रहा उत्तर रहा न सवाल रहा । - Ruchi Dixit
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