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Anurag mandlik_मृत्युंजय

Anurag mandlik_मृत्युंजय Matrubharti Verified

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मैं इस उमीद पे डूबा कि तू बचा लेगा
अब इस के बा'द मिरा इम्तिहान क्या लेगा

ये एक मेला है वा'दा किसी से क्या लेगा
ढलेगा दिन तो हर इक अपना रास्ता लेगा

मैं बुझ गया तो हमेशा को बुझ ही जाऊँगा
कोई चराग़ नहीं हूँ कि फिर जला लेगा

कलेजा चाहिए दुश्मन से दुश्मनी के लिए
जो बे-अमल है वो बदला किसी से क्या लेगा

मैं उस का हो नहीं सकता बता न देना उसे
लकीरें हाथ की अपनी वो सब जला लेगा

हज़ार तोड़ के आ जाऊँ उस से रिश्ता 'वसीम'
मैं जानता हूँ वो जब चाहेगा बुला लेगा
#वसीम बरेलवी

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पूरा होके खतम हुआ सब,जो है आधा वो ही जिंदा हैं....
- Anurag mandlik_मृत्युंजय

पूरा होकर खतम हुआ सब..जो है आधा वो ही जिंदा हैं।।।

मेरी जिंदादिली से बेखबर है अभी बहुत लोग,,
मगर यारों जमाना याद रखेगा मुझे मरने के बाद।।
#बेख़बर

मेरी सादगी ही गुमनाम में रखती है मुझे,
जरा सा बिगड़ जाऊं तो मशहूर हो जाऊं।

शम्मा-ए-वतन की लौ पर जब कुर्बान पतंगा हो,
होठों पर गंगा हो हाथों में तिरंगा हो....🇮🇳🇮🇳

पूरा हो के ख़तम हुआ सब....
जो है आधा वो ही जिंदा है....🔥🔥
#आधा

https://youtu.be/XFR-V7h3kDM

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बचपन के खिलौने सा कही छुपा लू तुम्हे.. आँसू बहाऊं, पांव पटकूं, और पा लू तुम्हें।❤️

किताबों की अहमियत अपनी जगह है साहब,,
सबक वही याद रहता है जो जिंदगी देती है।