Quotes by Apurv Adarsh in Bitesapp read free

Apurv Adarsh

Apurv Adarsh

@jadarsh
(8)

मैं अमर होना चाहता हूं लेकिन सिर्फ़ ये देखने के लिए कि विज्ञान किस हद तक जा सकता है ।

अस्पताल से लाश निकली, लेकिन एक आवाज तक ना हुई,,, शायद लाश के साथ सिर्फ मर्द थे -- निष्ठुर, निर्दयी, पत्थर के ।

जरूरी नहीं हर बार उसे समझाया जाए,
कभी बैठ के उसे सुनना भी जरूरी है ।

हम जिसके लिए पूरी ज़िन्दगी रोज मरते हैं,

आखिर में उसे छोड़ के मरते हैं।

भौतिक सुखों से बाहर निकलना मुश्किल होने पर,
उन्हें सीमित कर देना ही बेहतर होता है ।

मैं सोचता हूं,
क्या शतरंज के माहिर खिलाड़ी को भी जिंदगी में अपनों से मात मिलती होगी ??

संगति के असर का एहसास , संगति छोड़ने के बाद होता है ।

यकीन मानिए आपकी उपलब्धियों पे आपसे भी ज्यादा खुश सिर्फ आपका परिवार हो सकता है ।

अलग होना प्रकृति का नियम है।
तो बजाय ये सोचने के, कि हम कभी अलग न हों,

ये सोचना ज्यादा अच्छा है कि जब तक साथ हो, बेहतरीन तरीके से हो ।

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अपने विरह की तपती बूंदों का तुम्हारे मन के शीतल धरातल के साथ
शांति समझौता कराना चाहता हूं,


मैं भी सफ़ेद कबूतर उड़ाना चाहता हूं ।

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