Prahelika - 1 in Hindi Crime Stories by Devaki Singh books and stories PDF | प्रहेलिका (एक तलाश ) - 1

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प्रहेलिका (एक तलाश ) - 1

मैं...
अपने ऑफिस का काम जल्द से जल्द निपटाने  में व्यस्त था तभी मुझे कुछ हल्की सी चिल्लाने की आवाज सुनाई दी, पर मुझे अपने ऑफिस का काम जल्दी खत्म करना था इसलिए मैंने उस आवाज को नजरअंदाज कर दिया लेकिन थोड़ी देर बाद वह आवाज  मुझे फिर सुनाई दी l

इस बार मैंने आवाज को नजरअंदाज न कर अपना ध्यान फाइलों से हटाया और उस आवाज को ध्यान से सुनने की कोशिश करने लगा l

ऐसा लगा जैसे कोई बचाओ... बचाओ.... चिल्ला रहा हैं l

उस आवाज को ध्यान से सुनने के लिए मैं अपनी कुर्सी से उठकर खिड़की के पास चला गया और खिड़की से झाँक कर उस ओर देखने का प्रयास करने लगा जिस ओर से 
बचाओ ......  बचाओ .... 
बचाओ ssss चिल्लाने की आवाज आ रही थी पर खिड़की से  झांकने पर मुझे कोई दिखाई नहीं दिया l 
मैंने फैसला लिया की मैं अपने कमरे से निकलकर उस आवाज दिशा में जाऊँ ऐसा सोचकर मैं अपने कमरे से बाहर निकल गया l 

उस आवाज को सुनकर न  जाने  क्यों मैं एकदम सा बैचेन हो गया ... ...  जिज्ञासावश वह आवाज जिस ओर से आ रही थी , मेरे कदम स्वत: ही उस ओर बढ़ने लगे .... 

मैं धीरे-धीरे उस आवाज की ओर बढ़ने लगा.... 

जैसे जैसे उस आवाज की ओर मेरे कदम बढ़ रहे थे ऐसा  ऐहसास हुआ जैसे यह किसी छोटे बच्चे की करूण अवाज हैं..... 

थोड़ा और  आगे बढ़ा तो लगा जैसे मेरे ही बच्चे जॉय की आवाज हैं....
यह सोचकर ही मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा l

अब मैं  आवाज के और करीब  पहुंच गया....अब यह आवाज मुझे साफ़ साफ़ सुनाई दे रही हैं....मुझे अब पूरी तरह से पता चल चुका था .....रोने की आवाज के साथ-साथ ....
डैड बचाओ .... डैड ...... डैड बचाओ.....  
डैड मुझे बचाओ ..... डैड मुझे बचाईए ......

जो आवाज आ रही हैं वह आवाज  मेरे ही बच्चे जॉय की है.... यह जानकर  मेरा दिल किसी  अनहोनी  की आशंका में जोरों से धड़कने लगा , मैं घबराहट में पसीने से तरबतर हो गया  और किसी अनहोनी के डर से तेज गति से आवाज की दिशा की ओर बढ़ने लगा l

मेरे मन में एक ही सवाल गूंज रहा था, क्या हुआ मेरे बच्चे को, वो किस परेशानी में यह सोच सोचकर 
  मेरा दिल घबराहट में बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था .... मेरी आंखें और मेरा शरीर मेरे बच्चे को तलाशने में लगे हैं ....

अपनी तेज गति और मन मे अनेक विचार लिए अब आवाज के बिल्कुल करीब पहुंच गया पर चारों ओर नजर दौड़ाने के बाद भी मुझे जॉय कहीं भी नज़र नहीं आ रहा था l अब मुझे डर और अनहोनी की आशंका से और भी ज्यादा घबराहट होने लगी l 

मैं  जोर  से  चिल्लाया.....जॉय  मेरे  बच्चे कहाँ हो तुम  ???
तुम  मुझे  दिखाई  नहीं दे रहे हो .... ???
मेरे बच्चे ! जॉय कहाँ हो तुम...??

अपने डैड की आवाज सुनकर   ...
जॉय की रोने की आवाज और तेज हो गयी.....
हुम् ... हुss ... हुsss...
हुम् ... हुss ... हुsss...
हुम् ... हुss ... हुsss...

डैड बचाईए......हुम् ... हुss ... हुsss...डैड मुझे बचाईए.... डैड .....प्लीज ....मुझे बचाईए ....

बोलकर फिर जोर जोर से रोने लगता है...
हुम् ... हुss ... हुsss...
हुम् ... हुss ... हुsss...

आवाज सुनकर ... जॉय.... जॉय बेटा घबराओ मत.... तुम्हारे पापा तुम्हें बचाने आ गए हैं....

पहले तुम रोना बंद करो .....
पता  हैं  न  बहादुर  बच्चे  रोया नहीं करते हैं.....
तुम्हारे पापा आ गए हैं...वो सब ठीक कर देंगे.... तुम थोड़ा सा हिम्मत करो....अपने आस-पास देखो और बताओ कहाँ  हो... ?

जॉय रोते हुए अपने आस-पास देखता है.....

जॉय मेरी आवाज़ सुन रहे हो बेटा..... ??

जॉय रोते हुए,....हुम् ... हुss ... हुsss...  हाँ डैड....

देखो और बताओ तुम कहां हो.... ?

जॉय रोते हुए....  डैड... .  यहाँ पर नीचे बहुत तेज पानी बह रहा हैं .... और मैं एक दीवाल के सहारे  लटका हुआ हूँ...... मैं अपनी छत के दीवाल के दूसरी ओर हूँ.... 

बोलकर जोर जोर से रोने लगा
हुम् ... हुss ... हुsss...
हुम् ... हुss ... हुsss...

डैड .....बचाईए.....
हुम् ... हुss ... हुsss...
डैड बचाईए मुझे .....
हुम् ... हुss ... हुsss...
डैड प्लीज .... बचाईए मुझे....
हुम् ... हुss ... हुsss... 
डैड .....प्लीज ....मुझे बचाईए
हुम् ... हुss ... हुsss... मैं गिरने वाला हूँ 
हुम् ... हुss ... हुsss... .... बोलकर जोर से रोने लगता है हुम् ... हुss ... हुsss...

यह सुनते ही जॉय के डैड समझ जाते हैं  उसका बच्चा कहाँ हैं ....
वह जॉय से कहते हैं.....

जॉय बेटा .... घबराओ मत.... तुम्हारे  डैड आ गए हैं ..... मैं तुम्हें कुछ नहीं होने देंगे.... तुम थोड़ा हिम्मत रखो....
अपने बेटे की हिम्मत बढ़ाते हुए .... जॉय तुम तो मेरे  बहादुर  बेटे  हो ....

बोलो ... हो  ना ....

जॉय रोते हुए - हुम् ... हुss ... हुsss...
हाँ डैड...

जॉय को बातों  में बहलाए हुए  वह दौड़कर छत पर पहुंचता है और देखता  है..... 


जानने के लिए पढ़ते रहिए ...
" प्रहेलिका (एक तलाश) "