My Lovely Wife (A Beautiful Love Story) in Hindi Love Stories by Raju kumar Chaudhary books and stories PDF | My Lovely Wife (एक खूबसूरत प्रेम कहानी)

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My Lovely Wife (एक खूबसूरत प्रेम कहानी)

 
My Lovely Wife
 
 (एक खूबसूरत प्रेम कहानी)



भाग 1 : पहली नज़र

कहानी शुरू होती है एक कॉलेज से।
वो कॉलेज जहाँ हर छात्र अपने-अपने सपनों को पंख देना चाहता था।
उसी कॉलेज में पढ़ता था राहुल 
स्मार्ट, समझदार और थोड़ा सा शांत रहने वाला लड़का।
वो पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन दिल से बहुत सादा।
उसी कॉलेज में थी राधा 
खूबसूरत, संस्कारी और हर किसी से अलग।
उसकी मुस्कान किसी भी उदास दिन को खास बना सकती थी।
एक दिन राहुल लाइब्रेरी में बैठा पढ़ रहा था,
तभी अचानक उसकी नज़र सामने बैठी लड़की पर पड़ी।
वो राधा थी…
सफेद सूट, खुले बाल और हाथ में किताब।
राहुल की किताब खुली थी,
लेकिन उसकी नज़रें किताब के अक्षरों पर नहीं,
राधा की मुस्कान पर टिक गई थीं।
राधा ने अचानक नज़र उठाई,
और राहुल से आँखें मिल गईं।
कुछ सेकंड की ख़ामोशी…
दिल की धड़कन तेज़…
और फिर राधा की हल्की सी मुस्कान।
वो पल छोटा था,
लेकिन राहुल की ज़िंदगी बदलने के लिए काफी था।
राहुल नहीं जानता था कि
आज जो मुस्कान उसने देखी है,
एक दिन वही उसकी हर सुबह की वजह बनेगी…My Lovely Wife
 

भाग 2 : पहली बातचीत

अगले दिन कॉलेज का माहौल हमेशा की तरह ही था,
लेकिन राहुल के लिए सब कुछ बदला हुआ लग रहा था।
उसकी आँखें बार-बार उसी दिशा में जा रही थीं
जहाँ कल उसने राधा को देखा था।
दिल में एक अजीब-सी बेचैनी थी 
आज फिर दिखेगी या नहीं?
और तभी…
कॉलेज के गेट से राधा अंदर आई।
हल्के गुलाबी रंग का सूट,
बालों में सादगी,
और चेहरे पर वही शांत मुस्कान।
राहुल का दिल तेज़ धड़कने लगा।
क्लास के बाद राहुल अपने दोस्त अमन के साथ कैंटीन में बैठा था।
अमन ने राहुल की हालत देख ली।
“ओए राहुल, आज बड़ा खोया-खोया लग रहा है।
किसी पर दिल आ गया क्या?”
अमन ने हँसते हुए कहा।
राहुल हल्का सा मुस्कराया,
लेकिन कुछ बोला नहीं।
थोड़ी देर बाद राधा अपनी सहेली के साथ कैंटीन में आई।
राहुल की नज़रें खुद-ब-खुद उसी पर टिक गईं।
अमन ने मौका देखकर कहा,
“अब नहीं गया तो कभी नहीं जाएगा।
जा, बात कर।”
राहुल हिम्मत जुटाकर उठा।
हर कदम भारी लग रहा था,
जैसे दिल पैरों में आ गया हो।
राधा पानी लेने उठी।
और उसी पल राहुल उसके पास पहुँच गया।
“Excuse me…”
राहुल की आवाज़ हल्की काँप रही थी।
राधा ने उसकी ओर देखा,
“हाँ?”
“वो… कल लाइब्रेरी में…
आपकी किताब गिर गई थी,”
राहुल ने झूठा बहाना बना लिया।
राधा मुस्कराई,
“ओह… मुझे याद नहीं,
पर शुक्रिया।”
राहुल थोड़ा सहज हुआ।
“आप… आप राधा हैं न?”
“हाँ, और आप?”
उसने सहजता से पूछा।
“राहुल।”
बस इतना ही था।
छोटा-सा परिचय,
लेकिन दिल के लिए बहुत बड़ा।
राधा ने जाते-जाते कहा,
“अच्छा लगा आपसे मिलकर, राहुल।”
और राहुल वहीं खड़ा रह गया।
दिल ने ज़ोर से कहा 
ये तो बस शुरुआत है।My Lovely Wife
 
भाग 3 : दोस्ती की शुरुआत

राधा के जाने के बाद भी राहुल काफी देर तक वहीं खड़ा रहा।
उसके कानों में बस एक ही आवाज़ गूंज रही थी 
“अच्छा लगा आपसे मिलकर, राहुल।”
उस दिन के बाद राहुल को कॉलेज हर दिन नया लगने लगा।
अब वो क्लास से ज़्यादा
लाइब्रेरी और कैंटीन में समय बिताने लगा,
शायद फिर से राधा दिख जाए।
कुछ दिनों बाद लाइब्रेरी में फिर मुलाक़ात हुई।
राधा एक किताब ढूँढ रही थी,
लेकिन ऊँची शेल्फ़ तक उसका हाथ नहीं पहुँच रहा था।
राहुल ने हिम्मत करके कहा,
“मैं मदद कर दूँ?”
राधा ने मुस्कराकर सिर हिला दिया।
“हाँ, प्लीज़।”
राहुल ने किताब निकालकर उसे दे दी।
उस पल दोनों के हाथ हल्के से टकरा गए।
वो छोटा-सा स्पर्श,
लेकिन दिल में बड़ी हलचल।
“थैंक यू, राहुल,”
राधा ने कहा।
“आप कौन-सी किताबें पढ़ती हैं?”
राहुल ने पहली बार खुलकर सवाल किया।
“कहानियाँ…
जिनमें सच्चे रिश्ते होते हैं,”
राधा ने जवाब दिया।
राहुल मुस्कराया,
“मुझे भी कहानियाँ पसंद हैं।”
उस दिन दोनों देर तक बात करते रहे 
क्लास, किताबें, ज़िंदगी और सपने।
अब जब भी कॉलेज में मुलाक़ात होती,
एक मुस्कान ज़रूर होती।
धीरे-धीरे
लाइब्रेरी उनकी पसंदीदा जगह बन गई।
और दोस्ती,
जो अनजाने में शुरू हुई थी,
अब गहरी होने लगी थी।
राहुल समझ रहा था 
ये दोस्ती अब साधारण नहीं रही।
लेकिन राधा के दिल में क्या चल रहा था?
ये वो नहीं जानता था।