रहस्यमयी बच्चा
रात का स्टेशन शांत था। जीत की खुशी अभी भी परिवार और टीम के चेहरों पर झलक रही थी। लेकिन तभी ट्रेन से उतरे उस छोटे बच्चे ने सबकी धड़कनें रोक दीं। उसके हाथ में एक चिट्ठी थी—
"बगावत की अगली पीढ़ी।"
पृथ्वी ने बच्चे को देखा। उसकी आँखों में मासूमियत थी, लेकिन चिट्ठी का संदेश खतरनाक। सनाया ने बच्चे को गले लगाया। “ये कौन है?”
बच्चा बोला, “मुझे भेजा गया है। मेरा नाम आर्यन है। माया का वारिस।”
टीम सन्न रह गई। नीरा ने कहा, “तो खेल खत्म नहीं हुआ। माया ने अगली पीढ़ी तैयार कर दी।”
---
नई साजिश की गंध
सुबह मीटिंग हुई। रुद्र के धोखे और रमेश की मौत के बाद सब थके हुए थे, लेकिन अब नया खतरा सामने था।
तारा ने कहा, “ये बच्चा सिर्फ संदेशवाहक है। असली मास्टरमाइंड कोई और है।”
नीरा ने कंप्यूटर पर डेटा निकाला। “माफिया ने बच्चों को ट्रेनिंग दी है। अगली पीढ़ी को हथियार बनाया जा रहा है।”
पृथ्वी ने दृढ़ता से कहा, “हम इस चक्र को तोड़ेंगे। बच्चों को बचाना होगा।”
---
आर्यन का सच
आर्यन को टीम ने सुरक्षित घर में रखा। सनाया ने उससे बात की।
“तुम्हें किसने भेजा?”
आर्यन बोला, “माया की छाया। हमें कहा गया है कि स्टेशन हमारा है। मैं अकेला नहीं हूँ। और भी बच्चे हैं।”
पृथ्वी ने गुस्से में कहा, “बच्चों को ढाल बना रहे हैं। ये सबसे बड़ा अपराध है।”
नीरा ने फाइलें दिखाईं। “पटना के बाहर एक स्कूल है। वहाँ बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है।”
---
स्कूल का रहस्य
टीम ने भोर में स्कूल की ओर रुख किया। पुरानी इमारत, बाहर से सामान्य, लेकिन अंदर हथियारों का जखीरा।
तारा ने कहा, “ये स्कूल नहीं, माफिया का कैंप है।”
अंदर बच्चों को लड़ाई सिखाई जा रही थी। मास्टर ट्रेनर—एक रहस्यमयी महिला, जिसका चेहरा नकाब से ढका था।
वह बोली, “ये बच्चे बगावत की नई सेना हैं। तुम रोक नहीं सकते।”
---
भावनात्मक संघर्ष
पृथ्वी ने बच्चों को देखा। मासूम चेहरे, लेकिन हाथों में हथियार।
“ये बच्चे हमारे भविष्य हैं। इन्हें बचाना होगा।”
सनाया ने आँसू भरे स्वर में कहा, “मैं इन्हें अपनी तरह पढ़ाना चाहती थी। लेकिन इन्हें युद्ध में झोंक दिया गया।”
टीम ने बच्चों को समझाने की कोशिश की। आर्यन आगे आया। “हम लड़ना नहीं चाहते। हमें मजबूर किया गया है।”
---
नकाब वाली महिला
टीम ने नकाब वाली महिला को घेर लिया।
नीरा ने हैक कर उसकी पहचान निकाली। वह माया की सबसे करीबी साथी थी—“किरण।”
किरण बोली, “माया मर चुकी है, लेकिन उसका सपना मैं पूरा करूँगी। अगली पीढ़ी उठेगी।”
तारा ने कहा, “तुम बच्चों को ढाल बना रही हो। ये बगावत नहीं, अपराध है।”
किरण ने बम का स्विच दिखाया। “अगर रोके तो सब खत्म।”
---
खतरनाक खेल
फाइट शुरू हुई। गुंडे और ट्रेनिंग लिए बच्चे दोनों भिड़े। टीम ने बच्चों को चोट न पहुँचाने की कोशिश की।
नीरा ने सिस्टम हैक कर बम को रोकने की कोशिश की।
पृथ्वी ने किरन से मुकाबला किया।
किरण बोली, “तुम्हारा परिवार बचा, लेकिन ये बच्चे तुम्हें खत्म करेंगे।”
पृथ्वी ने जवाब दिया, “नहीं। मैं इन्हें बचाऊँगा।”
---
आर्यन का फैसला
लड़ाई के बीच आर्यन ने किरन से कहा, “तुमने हमें धोखा दिया। हम बच्चे हैं, सैनिक नहीं।”
उसने बम का स्विच छीन लिया और नीरा को दे दिया।
नीरा ने तुरंत कोड डिफ्यूज किया। स्टेशन सुरक्षित हो गया।
किरण गुस्से में चिल्लाई, “तुम सबको नहीं रोक सकते। अगली पीढ़ी हर जगह है।”
तारा ने गोली चलाई। किरन घायल होकर गिर पड़ी।
---
बच्चों की मुक्ति
टीम ने बच्चों को बाहर निकाला। सनाया ने उन्हें गले लगाया।
“अब तुम पढ़ोगे, खेलोगे। हथियार नहीं उठाओगे।”
आर्यन ने कहा, “हम तुम्हारे साथ हैं। माया का सपना खत्म।”
पृथ्वी ने बच्चों से वादा किया, “तुम्हें नया जीवन मिलेगा। हम तुम्हें सुरक्षित रखेंगे।”
---
परिवार की राहत
शाम को घर में शांति थी। बच्चे हँस रहे थे। सनाया ने कहा, “आज हमने अगली पीढ़ी को बचाया।”
पृथ्वी ने मुस्कुराकर कहा, “ये असली जीत है।”
नीरा ने कहा, “लेकिन खतरा अभी भी बाकी है। माफिया की जड़ें गहरी हैं।”
तारा ने दृढ़ता से कहा, “हम हर जड़ काटेंगे।”
---
नया संकेत
रात को पृथ्वी बालकनी में खड़ा था। आसमान में चाँद चमक रहा था।
तभी आर्यन आया और बोला, “मुझे एक और चिट्ठी मिली है।”
चिट्ठी में लिखा था—
"बगावत खत्म नहीं हुई। अगली लड़ाई दिल्ली में होगी।"
---
निष्कर्ष
एपिसोड 24 ने कहानी को और गहराई दी। अब बगावत सिर्फ स्टेशन तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को हथियार बनाकर अगली पीढ़ी को युद्ध में झोंकने की साजिश सामने आई। पृथ्वी और टीम ने बच्चों को बचाया, लेकिन किरन की चेतावनी ने साफ कर दिया कि लड़ाई अभी लंबी है। दिल्ली का नाम सामने आने से संकेत मिला कि अगला अध्याय और भी बड़ा और खतरनाक होगा।