Ep 1:“मृत्यु की रात — अँधेरा जिसने उसे जन्म दिया”
रात का अंधेरा था। आसमान पर चाँद धुंधला पड़ा हुआ था—मानो उसने भी अपनी रोशनी बुझा दी हो, इस अन्याय को देखने से इंकार कर दिया हो। महल के सामने बने execution ground पर सैकड़ों लोग जमा थे। उनके हाथों में जलती मशालें थीं, जिनकी काँपती लौ, इस रात की क्रूरता को और भी भयानक बना रही थी।
मंच के बीचों-बीच खड़ी थी सेलिना।
उसके हाथ पीछे कसकर बाँध दिए गए थे, पैरों में लोहे की बेड़ियाँ थीं, और जिस लाल गाउन में कभी राजमहल के समारोहों में उसकी शान झलकती थी—आज वही गाउन धूल, राख और उसके लहू से दाग़दार था।
भीड़ चीख रही थी।
“ये औरत दानव है!”
“इसने राजकुमार को बहकाया!”
“जलाओ इसे, जलाओ!”
हर शब्द मानो उसके दिल में जलते तीर की तरह धँस रहा था।
लेकिन सेलिना की आँखें स्थिर थीं। आँसू आँखों की कोर तक आकर जम गए थे, जैसे रोने से भी इनकार कर रहे हों।
और सामने… वही खड़ा था, जिसे उसने सबसे ज़्यादा प्यार किया था—प्रिंस एड्रियन।
उसकी निगाहें अब बर्फ़ जैसी कठोर थीं।
वो निगाहें जिनमें कभी पिघलती मोहब्बत थी, आज उसमें सिर्फ़ ठंडी नफ़रत थी।
“तुमने धोखा दिया, सेलिना।”
एड्रियन की आवाज़ तलवार की धार जैसी थी।
सेलिना का सीना हिल गया, साँस अटक गई।
उसने काँपती आवाज़ में कहा—
“धोखा…? मैंने तो अपनी साँसें तक तुम्हारे नाम कर दी थीं। तुम्हारे हर ज़ख़्म को अपने दिल पर महसूस किया। तुम्हें टूटने नहीं दिया… और आज तुम… मुझे ही तोड़ रहे हो…”
भीड़ और ज़ोर से चीखने लगी। गार्ड्स ने मशालें नीचे फेंक दीं। सूखी लकड़ियों ने चटकते हुए आग पकड़ ली।
लपटें धीरे-धीरे उसके पैरों को छूने लगीं। जलती हुई गर्मी उसकी त्वचा को काट रही थी। लेकिन उस जलन से कहीं गहरा दर्द था—उस इंसान का विश्वास खो देना, जिसे वो अपनी ज़िंदगी समझती थी।
उसकी आँखें धुँधली होने लगीं।
फिर भी उसकी आत्मा में एक तूफ़ान उठ रहा था।
उसने राख-भरे आसमान की ओर देखा। आँसुओं की आख़िरी बूँद उसके गाल पर लुढ़की और उसने पूरी ताक़त से कहा—
“सुन लो सब… अगर किस्मत ने मुझे दोबारा जन्म दिया—
तो मैं वो राक्षसी बनकर लौटूँगी, जिससे तुम्हारी नींद उड़ जाएगी।
मैं वो अंधकार बनूँगी, जिससे तुम सब काँपोगे।
और तब… कोई मुझे तोड़ नहीं पाएगा।”
🔥 और उसी क्षण—लपटों ने उसे पूरी तरह निगल लिया।
उसका शरीर राख में बदल गया, लेकिन उसकी आत्मा… बदले की आग में और भी तेज़ हो चुकी थी।
और फिर सब अंधेरा—
एक खामोशी, जिसमें सिर्फ़ उसकी कसम गूंज रही थी।
Shadow Realm
🔥 आग की लपटों ने उसे पूरी तरह निगल लिया। चीख़ें, गालियाँ और प्रिंस की ठंडी नज़रें सब धुँधले पड़ गए।
आख़िरी बार उसने बदले की कसम खाई और फिर—सब अंधेरा।
…लेकिन अंधेरे के बाद, शून्य ने उसे निगल लिया।
वो अचानक खुद को एक अनजान जगह पर खड़ी पाई।
चारों तरफ़ धुंध थी—घनी, घुटन भरी। ज़मीन पर बर्फ जैसी ठंड थी, लेकिन आसमान ही नहीं था।
न आग, न रोशनी। बस अंतहीन ख़ालीपन।
सेलिना ने काँपते हुए चारों ओर देखा। उसकी साँसें भारी थीं, और आवाज़ काँप गई—
“कहाँ हूँ मैं…? क्या… मैं मर चुकी हूँ?”
उसकी आवाज़ गूँज बनकर लौटी, लेकिन जवाब में सिर्फ़ सन्नाटा था।
फिर अचानक—उस सन्नाटे में हलचल हुई।
चारों ओर से काले धुएँ जैसी परछाइयाँ उठने लगीं।
वे परछाइयाँ न इंसान थीं, न जानवर—बस आकारहीन डरावनी आकृतियाँ, जो धीरे-धीरे उसे घेर रही थीं।
तभी उनमें से एक गहरी, भयावह आवाज़ गूँजी—
“हाँ… तुम मर चुकी हो। लेकिन तुम्हारी नफ़रत… अभी ज़िंदा है।”
सेलिना के रोंगटे खड़े हो गए।
“क… कौन हो तुम?”
परछाइयों का स्वर गड़गड़ाया—
“हम वो हैं… जिन्हें दुनिया ने भुला दिया। वो आत्माएँ जो विश्वासघात, धोखे और पीड़ा में मरीं।
हम हैं Shadows।”
उसकी धड़कन तेज़ हो गई।
“तुम मुझसे क्या चाहते हो?”
“हम तुम्हें एक सौदा ऑफ़र करते हैं।”
सेलिना की आँखें चौड़ी हो गईं।
“सौदा…?”
“हाँ। तुम्हें फिर से जीने का मौका मिलेगा।
लेकिन इस बार… इंसान बनकर नहीं।
इस बार तुम हमारी शक्ति की वाहक बनोगी। तुम्हारे हाथ में होगी Shadow Magic—वो जादू जो केवल श्रापित आत्माओं को मिलता है।”
उसके होंठ काँप उठे। बदले की आग फिर से उसकी रगों में दौड़ने लगी।
“अगर मैं ये शक्ति ले लूँ… तो क्या मैं… अपना बदला ले पाऊँगी?”
“हाँ। लेकिन इसकी कीमत है। तुम्हारी आत्मा कभी शांति नहीं पाएगी।
तुम्हें हमेशा अंधकार में जीना होगा।”
कुछ देर सन्नाटा छाया रहा।
सेलिना की साँसें भारी थीं, लेकिन उसके चेहरे पर धीरे-धीरे एक मुस्कान फैल गई।
“शांति…?”
उसकी आवाज़ अब ठंडी, कठोर और टूटी हुई थी।
“मुझे अब शांति नहीं चाहिए।
मुझे सिर्फ़ बदला चाहिए। अगर अंधकार ही मेरी राह है… तो मैं उसे गले लगाऊँगी।”
उसकी आँखें चमक उठीं।
परछाइयाँ अचानक गरजते तूफ़ान की तरह उसके चारों ओर घूमने लगीं।
एक-एक करके वे उसकी आत्मा में समाने लगीं।
उसकी चीख़ पूरे खालीपन में गूँज उठी—दर्द और शक्ति का मिला-जुला स्वर।
पूरा Shadow Realm काँप उठा।
परछाइयों की आवाज़ें एक साथ गरजीं—
“तो अब से… तुम हमारी चुनी हुई हो।
Shadow’s Curse की मालकिन।”
और उस पल से—
सेलिना इंसान नहीं रही।
वो अंधकार का रूप बन चुकी थी।
Rebirth
🔥 Shadow Realm की गूँज अब भी गड़गड़ा रही थी—
“तो अब से… तुम हमारी चुनी हुई हो। Shadow’s Curse की मालकिन।”
उसके बाद चारों ओर सिर्फ़ अंधकार।
उसकी आत्मा गहराई में डूब गई… और अचानक—
✨ उसकी आँखें खुलीं।
तेज़ रोशनी ने पलकों को चुभोया।
एक नरम बिस्तर उसके नीचे था, और खिड़की से आती धूप कमरे की सुनहरी दीवारों पर नाच रही थी।
“ये… कहाँ…?” उसकी साँसें तेज़ थीं।
उसने अपने हाथ उठाए—छोटे, नाज़ुक, जैसे किसी दस साल की लड़की के।
काँपते हुए वो सामने लगे दर्पण की ओर झुकी।
दर्पण में झलक रहा था एक मासूम चेहरा—
गोरी त्वचा, सुनहरे लंबे बाल, नीलम-सी गहरी नीली आँखें।
लेकिन… उन आँखों के भीतर कहीं एक काली झलक चमकी।
ठंडी परछाइयाँ, जिन्हें सिर्फ़ वही देख सकती थी।
उसका दिल ज़ोर से धड़का।
“तो ये… सच है।” उसकी आवाज़ धीमी लेकिन भारी थी।
“मैं फिर से जन्म ले चुकी हूँ… और इस बार…”
दरवाज़ा खुला।
एक नौकरानी अंदर आई और झुककर बोली—
“लेडी सेरेना, आप जाग गईं? आज आपको क्लास में जाना है।”
“लेडी… सेरेना?”
उसके होंठों पर हल्की मुस्कान आई।
अब वो जान चुकी थी—
वो अब सेलिना नहीं रही।
वो अब सेरेना वेलमोर थी—एक noble परिवार की बेटी।
वही लड़की, जिसे इतिहास ने “Cruel Villainess” के नाम से लिखा था।
उसकी नीली आँखें पलभर को गहरी काली हो गईं।
उसके होंठों से फुसफुसाहट निकली—
“बहुत अच्छा। इस बार… कहानी मेरी होगी।
इस बार मैं वो बनूँगी… जिससे सब डरेंगे।”
🌑 और कमरे की धूप के बीच भी, उसकी परछाई थोड़ी देर तक काँपती रही—
मानो अंधकार अब हमेशा उसके साथ था।
🌑 “बहुत अच्छा… इस बार कहानी मेरी होगी। और जब मैं खेल शुरू करूँगी—तो इस दुनिया को समझ भी नहीं आएगा कि उसकी विनाशक कौन है।”
✨
कल मिलते हैं…
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क्योंकि असली Villainess की एंट्री अभी शुरू हुई है।