बगावत के सुर, एपिसोड 16: लौटती परछाईं, टूटा विश्वाससनाया का दूसरा बच्चा—एक बेटी का सपना। घर खुशियों से भरा। पृथ्वी ने स्टेशन को सुपर-सिक्योर बनाया। विराट और अर्जुन काउंसलिंग से बाहर, स्टेशन पर जॉब। "भाई साहब, हम बदल गए," विराट बोला। रुद्र ने गले लगाया। विक्रम सिक्योरिटी हेड, रमेश उसका पार्टनर। आरव अब दो साल का, दौड़ता फिरता। सनाया की गोद में हँसता। "परफेक्ट लाइफ," पृथ्वी ने कहा। लेकिन वो चिट्ठी—'बगावत कभी खत्म नहीं'—रुद्र के पास। अज्ञात।चिट्ठी का रहस्यसुबह स्टेशन। रुद्र ने चिट्ठी दिखाई। "हैंडराइटिंग... भानु जैसी।" पृथ्वी ने डिसमिस किया, "पुरानी बात।" लेकिन दोपहर को हादसा। प्लेटफॉर्म 3 पर लाइट फेल। एक यात्री गिरा, ट्रेन के नीचे। बच गया, लेकिन अफरा-तफरी। जांच: वायरिंग कटी। विक्रम ने कैमरे चेक—एक छाया। "लौट आई पुरानी परछाईं?" सनाया डरी, "आरव को घर रखो।"शाम को फैमिली डिनर। विराट ने खाना बनाया। "परिवार का जश्न।" हँसी-मजाक। पृथ्वी-सनाया की आँखें मिलीं। हाथ पकड़े। रोमांटिक मूड। आरव सो गया। लेकिन रुद्र को फोन: "राठौर को बता, मैं आ रहा। भानु का असली उत्तराधिकारी।" आवाज़ महिला। रुद्र चौंका। "कौन?" लाइन कटी।रात को मीटिंग। सब इकट्ठे। रुद्र ने बताया। विराट सफेद, "मेरी मौसी? माया ठाकुर! पापा की बहन। सालों से गायब। तांत्रिक। श्राप वाली।" सनाया काँपी, "फिर वही?" पृथ्वी ने हाथ थामा, "डर मत। संभालेंगे।" लेकिन सनाया का बुखार। डॉक्टर: "प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन। आराम।"माया का आगमनअगले दिन स्टेशन पर नई विजिटर—माया ठाकुर, 50 की, सुंदर लेकिन डरावनी आँखें। "भानु की बहन। स्टेशन देखने आई।" पृथ्वी ने वेलकम। "फैमिली?" माया मुस्कुराई, "खून का रिश्ता।" चाय में कुछ मिलाया? सनाया घर पर बीमार। आरव चीखा। रुद्र ने ट्रेस—माया का ठिकाना पुरानी मंदिर। प्लान: जासूसी।विक्रम अकेला घुसा। मंदिर में माया पूजा कर रही। "आ गया राठौर का कुत्ता?" तांत्रिक मंत्र। दीवारों से छायाएँ। विक्रम को चक्कर। भागा। घर पहुँचा, "माया श्राप जगा रही। भानु की आत्मा।" पृथ्वी गुस्सा, "प्रूफ?" रात को सनाया का सपना—भानु हँसता। जागी तो पेट दर्द। अस्पताल। "बेटी खतरे में।"विश्वास का इम्तिहानपृथ्वी अस्पताल। सनाया रोई, "बचाओ इसे।" डॉक्टर ने स्टेबल किया। बाहर विराट: "माया मेरी मौसी। रोकूँ?" लेकिन रुद्र ने पकड़ा—विराट का फोन माया से। "तू?" विराट रोया, "नहीं! वो ब्लैकमेल। अर्जुन बचाने को।" झगड़ा। विक्रम ने स्लैप मारा। "गद्दार!" पृथ्वी ने रोका, "सुनो सब। एक हो।"रमेश ने साइबर ट्रैक। माया का प्लान: स्टेशन पर तांत्रिक रस्म। ट्रेन क्रैश से खून बहाकर भानु को जगा। रात 12 बजे। टीम तैयार। लेकिन सनाया भागी, "मैं जाऊँगी।" पृथ्वी मना, लेकिन वो अड़ी। रोमांटिक मोमेंट: "हम साथ लड़ेंगे।"महायुद्ध मंदिरभोर मंदिर। माया चक्र बनाए। "आ गए? भानु जागेगा!" गुंडे घेरा। झड़प। रमेश ने गुंडों को भगाया। विक्रम विराट से भिड़ा। "सच्चा बन!" विराट ने माया पर हमला। "मौसी, गलत!" माया हँसी, मंत्र। आग लगी। छायाएँ हमला। सनाया चक्कर खाई। पृथ्वी बचाया। "प्यार से हार जाओगी!"रुद्र ने भानु की फोटो जलाई। मंत्र उल्टा पढ़ा। माया चीखी। "नहीं!" तूफान। मंदिर ढहा। माया फँसी। विराट ने खींचा। पुलिस आई। माया गिरफ्तार। लेकिन विराट घायल। अस्पताल। अर्जुन आया, "भाई, सॉरी।"टूटा विश्वास, नई शुरुआतसनाया ठीक। बेटी सुरक्षित—नाम: आर्या। घर जश्न। लेकिन विराट की हालत गंभीर। बेड पर: "मैं... गलत। परिवार स्वीकार?" पृथ्वी ने हाथ थामा, "हाँ।" विराट मुस्कुराया, लेकिन आखिरी साँस। मर गया। सब रोए। कब्रिस्तान। रुद्र बोला, "खून ने खून लिया।"महीनों बाद स्टेशन पर नया साल। आरव-आर्या खेलते। सनाया-पृथ्वी पार्क में। "हम जीते।" चुंबन। विक्रम ने नई गर्लफ्रेंड इंट्रोड्यूस। रमेश ताली। रुद्र सिक्योरिटी प्रमोशन। ट्रेन सीटी—शांति। लेकिन एक यात्री उतरा। चिट्ठी हाथ में: "माया की बेटी आ रही। अंतिम बगावत।"एंड ऑफ एपिसोड 16