अब्बू कासिम ___ देहली से कोई खबर नहीं आई अभी तक ,तुम तो बोल रहे थे की हमारे एजेंट भारत के सांसद भवन और भारतीय हेड क्वार्टर से खबर जल्दी ही भेजेंगे,,,और ना ही तुम्हारे बनाए गए जमात के लोगो की कोई खबर आ रही ,,,वो कर क्या रहे भारत में ।
भतीजा ____ चाचा जान भारत के सांसद भवन में और आर्मी हेड क्वार्टर में अभी तक हमारा एक भी एजेंट अपनी जगह नही बना पाया ,, वहा पहुंचाना बहुत कठिन हो रहा है ,,,,और रही बात जमात की तो हमारे आदमी अपने अपने काम में लगे हुए है ,,दिल्ली की जमा मजीद और अजमेर की दरगाह शरीफ में हमारे भेजे गए मौलाना बहुत अच्छा काम कर रहे है ,,और सबसे बड़ी बात अगले महीने से भारत के छोटे शहर और गावों में जमात के मौलवी उन मुस्लिम कोम के बीच जाना शुरू कर देगे ,,जो अपने आपको भारत में मेव जाति मानते है लेकिन उनका पहनावा रहन सहन मुस्लिमो जैसा है ।
अब्बू कासिम ____वो सब तो ठीक है ,लेकिन अंदर को खबर लाओ जिससे हम ISI के कमांडर को सूचना दे,,और तुम बोल रहे थे की अंदर जाना मुस्किल है , मैरी मानो वहा के आस पास के लोगो को केसे भी करके लालच दो अपना आदमी अन्दर भेजो,,, जॉब के बहाने ये तो कर ही सकते हो ।
भतीजा _____जितना आप समझ रहे हो आसान ये ये उतना आसान नहीं है वो भारतीय है ,जब से को चाय वाला आया तब से वहा से नियम बहुत सख्त हो गए है । पहले वाली सरकार नही की जब जी चाहा किसी को भी अंदर भेज देते थे ,, वहा की फौज और पोलिस और अधिकारी सभी ईमानदार हो गए है ,,लेकिन मैं वादा करता हु एक आदमी है जो कर सकता है ।
अब्बू कासिम ____ ठीक है ,और हा हमने सुना नूर जहां आज कही बाहर गई थी ,,,
भतीजा _____(बात बदलते हुए) न्नू,,, नूर जहां , ना, न, हा गई तो थी लेकिन जल्दी ही आ गई थी
(उसको पता था अगर चाचा को सच्चाई पता चली तो इसको डांट लगायेगे इस लिए बता हो घुमा दिया )
अब्बू कासिम ____लडकी जात है , उसको बोलना कही जायदा घूमने फिरने ना जाया कर कल को कुछ ऊंच नीच हो गई तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा ,, ओर हा अगर पार्टी ही करनी है तो pok की तरफ ना जाया करे ,, घूमने के लिए यहां जगह कम है क्या?? ओर उसके फोन पर भी नजर बनाए रखा करो , कही कोई काफिर उसको अपने जाल में ना फसा ले ।
भतीजा ____अरे चाचा जान आप तो खाम खा परेशान हो रहे हो ,,वो इसी लड़की नही है वो आपका खून है जितना प्यार आप पाक की जनता से करते है और जितनी नफरत आप पड़ोसी मुल्क से करते है उतनी नूर जहां नफरत करती है ,, उसको शुरु से यही तो हमने सिखाया है की भारत हमारे देश का दुश्मन है । आप चिंता ना करे अगर कोई काफिर उसकी तरफ प्यार का जल फेकेगा तो नूर जहां उसको वही मार डालेगी ,,,।
अब्बू कासिम ____ये खाम खा परेशानी नहीं है हकीकत है देखा नही आज कल यहां भी इसे कई संगठन है जो हमारे पीछे लगे हुए है ,वो नही चाहते की मै, अब्बू कासिम isi का नया कमांडर बनू,,,।
अच्छा तो बेटे हम अब चलते है रात बहुत हो गई है तुम भी आराम करो,,कल नया प्लान भी रेडी करना है ।
भतीजा
जी चाचा जान,,, खुदा हाफिज
बाहर खड़े अजय सिंह और विजय डोभाल दोनों सतर्क हो जाते है अजय सिंह विजय को आखों से चलने का इशारा करता है दोनो दबे पांव वहा से निकल जाते है ,और अपने कमरे में आ जाते है ।
दोनों इतनी तेजी से भागे थे की अपने बिस्तरों पर बिना कपड़े और जूते खोले पीठ के बल गिर गए और लंबी सास लेने लगे ,,।
विजय ____थैंक्स good बच गए यार ,,,एक बात तो साफ हो गई की कोई है जो दिल्ली की खबर यहां भेज रहा है।
अजय सिंह ____तूने शायद सुना नही ,वो बोल रहा था की अंदर से खबर लाना मुस्किल है ,और भारत की सरकार पहले जेसी नही है यही नहीं उनके आदमी अन्दर अभी तक को नहीं है ,, हा बाहर बहुत उनके एजेंट है दिल्ली ही नहीं भारत के कई हिस्सों में इनके एजेंट है जिनको इन्होंने भारत से ही हायर किया हुआ है ,,।
विजय ढोभल ____लेकिन ये भी तो एक गंभीर मुद्दा है ,, चाहे इनके आदमी जिहादी सोच वाले भारत के किसी भी हिस्से में हो उनका मकसद तो एक ही है भारत में जिहाद फैलाया जा सके ।
कोई लव जेहाद पर काम कर रहा तो कोई इनका आदमी भोले भाले मुस्लिम आबादी को ये एहसास दिला रहा की तुम मुस्लिम हो ,,भारत का हिन्दू काफिर है ,,
इनकी बातो से एक बता तो साफ हो गई ,अभी तक जितने भी देंगे हुए है उन सब के पीछे इनका ही हाथ है और सारा पैसा यही से जाता है इनको कोई और देता है ।
अजय सिंह ____हा सही बोला तू,,लेकिन ये बहुत बड़ा कांड करने वाले है ,उसको रोकने के लिए हमे खबर भारत पहुचानी होगी ,,,,लेकिन कैसे ??
विजय ____मोबाईल भी यूज नहीं कर सकते यार ,, यहां तो और अगर नया मोबाईल ले तो अभी दो तीन दिन से जायदा समय लग जायेगा ,, उस बीच अगर कोई आतंकवादी संसद या खूफिया एजेंसी में अन्दर ज्वाइन कर चुकेगा तो मुस्किल हो जायेगी ,,,,सबसे पहले वहा काम करने वाले गार्ड और मालीयो पर नजर रखनी होगी ।
अजय सिंह _____एक मिनट,, याद आया एक आदमी है जो हमारी हेल्प कर सकता है .।
विजय ____कोन है जो हमारी हेल्प कर सकता है ,,नाम क्या हैं?
अजय सिंह ____सरदार भूपाल सिंह उर्फ उस्मान
विजय ___भूपाल सिंह , उस्मान ये कोन है समझा नही,कोई एजेंट है क्या
अजय सिंह ____ऐसा ही समझ लो,,पहले था ,लेकिन काम आज भी करता है जब को बहुत गहरी समस्या आ जाति है । ये वो एजेंट है जो भारत से आए पाकिस्तान और यही के बन कर रह गए , उस समय इनकी उम्र महज 20 साल थी , यही शादी की यही बच्चे हुए इस समय उनकी उम्र 55 साल है ।
विजय ___क्या बात है इतना लंबा समय यही गुजार दिया । इसे आदमी से मिलना चाहिए , कुछ सीखने को मिलेगा ही
लेकिन वो हमारी हेल्प केसे करेगे??
अजय सिंह ___ उनकी एक बेटी पंजाब पाकिस्तान में है वहीं शादी की थी उसकी,उनके पास बीजा पासपोर्ट भी है बिजनेश भी करते है उनके दामाद भारत आना जाना लगा रहता है ,जिससे उन पर कोई शक भी नहीं करता है ।
विजय ___तो उनको जाकर सारी सच्चाई हम बता देगे ,जिससे वो जल्दी ही भारत जाकर ये खबर दे सके ।
अजय सिंह ___इतना जल्दबाजी नही हमारा अभियान गुप्त है हम एक रॉ एजेंट है ये खबर हम उनको अभी नहीं बता सकते ,, हा कल खुद अपनी आखों से देख लेना ।
विजय ___एक बात तो माननी पड़ेगी तेरी ,,तूने क्या खूब नूर जहां को चुटिया बनाया है ,, उसको बिलिब भी हो गया ,, क्या कहानी बनाई है ,तुझे तो राइटर होना चाहिए था ,,।
दोनों एक साथ हठांके मारने लगते है ,,।
अजय सिंह ___तो क्या करु,करना तो पड़ता ही है ,लेकिन आप भी कुछ हेल्प भी कर दिया करो हमेशा शांत खड़े रहते हो,,
विजय ___अगर मैं बोलने लगा न तो ये मिशन कभी भी कंप्लिट नहीं होगा ,ये तो तुम भी जानते हो ,,,
अजय सिंह ___तब तो तेरा चुप रहना ही ठीक है ,
विजय ___कुछ भी कह तूने ये मिशन बहुत आसानी से कर लिया ,,पहले ही गेंद पर सिकसर, देख जहां जाना चाहते जिसको तलाश में थे उसी के गेस्ट हाउस में सो रहे है ,, मुझे तो यकीन नही हो रहा , इसका मतलब तू पहले से पूरा मास्टर प्लान रेड्डी करके आया है ।
अजय सिंह ___सही समझा ,,,लेकिन अब सो जाओ कल सुबह बहुत काम करने है ,, ओके
विजय ____खाना,,,, खाना खाए बिना कैसे नींद आयेगी मेरे भाई ,,वो तो यहां छोड़ कर चली गई अभी तक कोई नही आया ,, यहां सब लेट खाना खाते है क्या
अजय सिंह _____जोर से हंसता है ,और विजय डोभाल को इशारे से बताता है
खाना पहले से रखा हुआ है ,,,,
कहानी आगे जारी रहेगी 👉👉👉👉🙏🙏🙏
दोस्तों फॉलो कर लिया करो ,,,आप से निवेदन है
Writer bhagwat Singh naruka