Saat fere Hum tere - Secound - 46 in Hindi Love Stories by RACHNA ROY books and stories PDF | सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ४६

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सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन - भाग - ४६

सारा ने कहा भाई आज भी कुछ नहीं हुआ?
क्या होगा अब?
विक्की ने कहा अरे बाबा! बहना चिंता मत करो मुझे पुरी उम्मीद है कि अगले सन्डे को कुछ अच्छा होगा जरुर।।
फौजी भाई उम्मीद की किरण जगमगाएगी जरूर!
न्यारा की देखभाल के लिए Miss perfect आएगी जरूर।।।।

विक्की और अनिक ने हाथ मिलाया और फिर बोलें कि मिशन नैनी होगी पुरी।।
सब एक साथ हंसने लगे।

अनिक ने कहा अरे बाबा विक्की सिम को बुला लेते हैं।
विक्की ने कहा अरे नहीं नहीं वो है आफत की पुड़िया बना देगी सबको बुढ़िया।।
सब हंसने लगे और फिर फौजी भाई लोग चले गए।
सारा का मुड नहीं ठीक हो रहा था तो वो बोली भाई एक गाना सुना दो ना।
अनिक ने कहा हां,भाई हो जाएं।
विक्की ने कहा हां ठीक है मैं गाता हूं।
गा रहा हूं इस महफिल में आपकी अमानत है।
आज हुं मैं जो कुछ भी वो आपकी इनायत है।
जिंदगी से कैसा शिकवा, खुद से ही शिकायत है।
आज हुं मैं जो कुछ भी वो आपकी मुहब्बत है।।
फिर दोनों ने ताली बजा कर खुशी जाहिर किया। फिर सब सो गए।।

दूसरे दिन सुबह वहीं सब काम शुरू हो गया।
विक्की ने कहा अब सन्डे का इंतजार है सब ठीक हो जाएगा तो ठीक है वरना कोई और इंतजाम करना होगा।
अनिक ने कहा वाह क्या बात है आज पुरी और हलवा बना है नाश्ते में।
फिर सब खाने लगे।
मौसी भी आकर न्यारा को नहला धुला कर साफ़ कपड़े पहनकर और दुध का बोतल देकर चली गई।

नाश्ता करते समयअनिक ने कहा मुझे कुछ काम से कनाडा जाना होगा तुम लोग भी चलों।।
विक्की ने कहा नहीं ,नहीं तुम जाओ। अगर कोई आ गया तो ? कौन कैसे सम्हाल पाएंगे।
अनिक ने कहा ठीक है tuesday तक वापस आता हूं।
विक्की ने कहा हां ठीक है।।

 

यू एस के एक अपार्टमेंट में--

नैना हर रोज न्यूज पेपर पर vacancy देखती थी और वहां पर दिए हुए फोन नं पर फोन करती रहती पर कहीं पर भी बात नहीं बन पाईं।

फिर अचानक एक नाम और पता देख कर  नैना बस बोल पड़ी ओह!
विक्की ने शादी कर ली पर उसे नैनी क्यों चाहिए? फिर नैना ने सोचा कि
ओह फिर बेबी की mother working होगी।
क्या मुझे जाना चाहिए? कोई सही ढंग का नौकरी नहीं मिल रहा है।
क्या मुझे जाना चाहिए?
वहां पर मुझे कोई पहचान नहीं पाएगा क्योंकि मैं अपना चेहरा दुपट्टा से ढंक कर रखुगी।
पहले इसके बारे में मुझे भाई से बात करना होगा।।

नैना अपने रूम में से पेपर लेकर सीधे डाईंग रूम में पहुंच गई जहां पर अभय बैठा था।
नैना ने पेपर आगे बढ़ाते हुए कहा भाई ये देखो!
अभय ने कहा हां, क्या है ऐसा जो मुझे दिखाना चाहती है?
नैना ने कहा हां ये देखो तो!.
अभय ने पेपर लेकर अच्छी तरह से देखा और फिर बोला ओह तो ये बात है!
विक्की ने आखिर शादी कर ली।।
नैना ने कहा हां ठीक ही है भाई। मैं सोच रही थी कि ये नौकरी कर लूं पैसा अच्छा मिल जाएगा वैसे भी मुझे तो चेहरे ढक कर जाना होगा।
अभय ने कहा हां, ठीक है कर ले वैसे भी तूं घर में बैठी रहती है तो बाहर जाएगी अच्छा लगेगा, हां कर ले।
नैना ने कहा हां ,ठीक है थैंक यू भाई।
फिर नैना ने पेपर में दिए गए नंबर पर कॉल किया और फिर विक्की ने फोन उठाया।
एक लम्बी खामोशी के बाद हिम्मत करके नैना ने कहा हेलो!.
विक्की ने भी कहा हां बोलिए!
नैना ने कहा हां, वो पेपर पर एड देखा था तो उसी के बारे में कुछ पुछना है!

विक्की ने कहा हां पुछिए।
नैना ने कहा क्या अभी तक कोई नैनी मिला नहीं?
विक्की ने कहा हां ,,अब तक तो नहीं मिली पर उम्मीद है कि इस सन्डे तक सब कुछ हो जाएगा ‌।। वैसे आप कहां से बोल रही है?
नैना ने कहा मैं यहां पर यूं एस में ही रहतीं हुं और मुझे इस नौकरी की बहुत जरूरत है!
विक्की ने कहा हां, ठीक है सन्डे को आइए आप!. वैसे आपका नाम?
नैना बहुत देर तक खामोश हो गई और फिर बोली हां जी मेरा नाम नताशा है!
विक्की ने कहा ओके ठीक है नताशा जी।
नैना ने कहा थैंक यू विक् बोल कर सर बोल दी।
विक्की ने कहा हां, क्या आपने कुछ कहा?.
नैना ने कहा नहीं कुछ भी नहीं सर।
फिर दोनों ने फोन रख दिया।
पर विक्की सोचने लगा कि ये आवाज़ बहुत ही जाना पहचाना लग
रहा था कोई अपना सा।। शायद ही कोई ऐसा हो जो मेरा इतना अपना होगा!
अच्छा भाई क्या हुआ किसका फोन था ये बात सारा ने पुछा?
विक्की ने कहा हां कोई तो थी जो कि कोई खास।।
सारा ने कहा भाई काॅल रेकार्ड् हो गया है वो सुनिए।।
विक्की ने कहा हां, ठीक कहा तुमने 
फिर विक्की ने उस नम्बर का रेकाड् चेक किया और फिर ओपन किया।
दोनों ने ही बहुत ध्यान से सुना और फिर विक्की ने कहा अरे बाबा याद क्यों नहीं आ रही है।।

सारा ने कहा अरे बाबा अब सन्डे तक का इंतजार करो ना।
विक्की ने कहा हां अब वही करना है।
इधर नैना के अपार्टमेंट में-
नैना की मासी का किटी पार्टी थी तो सब ladies घर पर आए हुए थे।
नैना ने कहा मासी मैं कुछ बना देती हुं।
अपर्णा ने कहा ना बाबा ना नैना तुम्हें हमलोगो ने बहुत ही मुश्किल से पाया है और फिर तुझे आग के पास जाना मना है।।
नैना ने कहा अरे ,बाबा कुछ भी नहीं होगा।
अपर्णा ने कहा अरे मालती है ना सब कर लेंगी।
नैना फिर भी नहीं सुनी और किचन पहुंच गई। जैसे पहले जाया करती थी।
और फिर जो हुआ उसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था।
नैना वहां पर गैस से निकलती हुई आग को जैसे देखा वैसे ही वो अपने आप में नहीं रही वो रोने लगी और चिल्लाने लगी बचाओ!बचाओ! मुझे साहिल सर !आप यहां हम अब कैसे निकल पाएंगे।
इतना बोलना नैना की आवाज से डाईंग रूम में बैठी महिलाएं  डर गए।
अपर्णा ने जल्दी से अभय को फोन किया और सब बताया और कहा कि डाक्टर को जल्दी बुला लें।
फिर नैना वहां किचन में बेहोश हो कर गिर गई।
फिर किसी तरह कुछ महिलाएं मिलकर उसे उसके रुम तक ले गई।
कुछ देर बाद ही अभय नैना के डाक्टर को लेकर आ गए।
डाक्टर ने सारी बात सुनकर कहां कि यह अच्छी बात है कि नैना को सब कुछ याद आ रहा है। मैं एक इंजेक्शन दे देता हूं।
फिर डाक्टर ने एक इंजेक्शन दे दिया और फिर कुछ दवा लिख दिया।
अभय ने कहा डाक्टर साहब क्या हुआ था नैना को?.
डाक्टर ने कहा जैसे कि आपने बताया कि किचन जलती हुई आग की लपटे देख कर शायद उसे वो लम्हा याद आ गया।।
आप लोग परसों नैना को अस्पताल लेकर आईए।
अभी बेहोश हैं एक घंटे बाद होश आ जाएगा।
फिर डाक्टर चले गए।
अपर्णा ने अपनी किटी पार्टी की दोस्तों से कहा कि please आप लोग लंच करके जाना।
सारी महिलाएं एक साथ खाना खाने बैठ गई। सभी का mood off हो गया था।
अभय भी नैना के पास बैठा रहा।
शाम तक नैना को होश आया और फिर वो उठते ही बोली कि साहिल सर कहां है कैसे हैं??
क्रमशः