Momal :Diary ki gahrai - 31 in Hindi Horror Stories by Aisha Diwan books and stories PDF | मोमल : डायरी की गहराई - 31

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मोमल : डायरी की गहराई - 31

पिछले भाग में हम ने देखा कि अब्राहम और मोमल ने फीलिक्स के लिए ढेर सारी शॉपिंग की लेकिन फीलिक्स हैचकिचाया हुआ सा था। वो कुछ कहना चाहता था लेकिन अब तक कह नही पाया। आखिर कार उसने अब्राहम को रोका और बताया के गाड़ी में आग उसके वजह से लगी थी, क्यों के वो एक श्रापित बच्चा है। ये बात सुन कर अब्राहम और मोमल दोनो हैरत में उसे देख रहे थे। 

अब आगे :__

फिलिक्स ने अपनी बात बता कर अब्राहम के चहरे को ताक रहा था। वो इन दोनों की इस बात पर प्रतिक्रिया देखने के इंतज़ार में था। 
अब्राहम ने सामानों को कार में रखा फिर उस से कहा  :" तुम्हारी वजह से आग कैसे लग सकती है! तुम तो सिर्फ खड़े थे और किसने कहा कि तुम श्रापित हो? ठीक से बताओ कहना क्या चाहते हो।"

फिलिक्स ने बड़े ही समझदारी से बात करते हुए कहा :" जिस समय में घबराया हुआ होता हूं या बहुत डर जाता हूं उस समय अगर मैंने किसी चीज़ को हाथ लगाया तो वो चीज़ जल जाती है! मेरे घर में भी इसी तरह आग लगी थी जिस वजह से मेरे माता पिता मारे गए, मैं ही उनका कातिल हूं!... तीन महीने पहले मेरे घर में आग लगी थी। उस दिन मेरे मम्मी पापा आपस में बहुत लड़ाई कर रहे थे। और उनके झगड़े का कारण भी मैं ही था। गांव वाले हमें रहने नहीं देना चाह रहे थे क्योंकि उनके हिसाब से मैं श्रापित पैदा हुआ हूं इसलिए मम्मी कह रही थी कि हमें कहीं दूर जाकर रहना चाहिए लेकिन पापा कह रहे थे कि कहीं जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है! उनका काम धंधा यही चलता है। कहीं जाकर वह अपना घर नहीं बसा सकते!... उनका झगड़ा बढ़ता गया। मैं बहुत दुखी था। मेरा मन कर रहा था कि मैं कहीं जाकर मर जाऊं क्योंकि मैं घर से बाहर नहीं निकल सकता था। लोग मुझे देखकर गालियां देते थे, मुझे शैतान बुलाते थे और बच्चे पत्थर फेंकते थे! मैं ने उस दिन लकड़ी की अलमारी को छू लिया था और नदी में जान देने भाग रहा था। रात का समय था। मुहल्ले के लगभग लोग सो गए थे। मुझे नही मालूम था के अलमारी में आग लग चुकी थी। आग धीरे धीरे फैल गई और जब मैं कुत्तों से डर कर वापस आने लगा तो देखा मेरे घर की आग आसमान छू रही थी। इतनी ऊंची आग जल रही थी के जिस वजह से दूर दूर तक रौशनी फैल गई। गांव के लोगों में अफरातफरी मची हुई थी। लोग यहां वहां भाग रहे थे। मैं बहुत डर गया और यहां वहां छुपने लगा। सुबह जब लोगों ने मुझे गांव में देखा तो मुझ से डर कर मुझ पर पत्थर फेंकने लगे और कहने लगे कि चले जाओ यहां से। मैं ज़ख्मी होकर वही पड़ा रहा, जब थोड़ी सी जान आई तो मैं नदी के किनारे चला गया। वहां बैठकर घंटों रोता रहा, मुझ पर तरस खा कर वहां के मछुआरों ने मुझे खिलाया पिलाया और अपने टेंट पर रहने दिया लेकिन कुछ दिन के बाद उनका एक साथी आया और मेरी सारी सच्चाई बता दी! ये भी बताया के इस बच्चे के मरे हुए मां बाप की रूह गांव वालों को बहुत परेशान कर रही हैं, क्यों के गांव वालों ने इसे मारा पीटा है इस लिए उनकी आत्माएं अपने बच्चे का बदला ले रही है। इस लिए अब लोग वहां से डर कर भागने लगे हैं। मछुआरों ने भी मुझे जाने के लिए कह दिया और उस दिन से मैं अपने मोहल्ले में ही भटकता रहता हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से कोई और मरे इसलिए मैं आपके साथ नहीं जा सकता अगर आप लोगों को कुछ हो जाए तो मैं क्या करूंगा! मुझे ऐसे ही छोड़ दीजिए, कभी ना कभी मैं मर ही जाऊंगा फिर सारी मुसीबत खत्म हो जाएगी।"

फिलिक्स की बातें आठ साल के बच्चे जैसी नही थी। ऐसा लग रहा था की कम उम्र में ही मुसीबतों ने उसे समझदारी सीखा दी है। उसकी बातों ने मोमल और अब्राहम के दिल में घर कर लिया। उसकी बातें बहुत चौंकाने और डराने वाली थी लेकिन फिर भी अब्राहम ने उसके छोटे छोटे नन्हे हाथों को अपने हाथ में लेकर कहा :" तुम कोई शैतान नहीं हो ना ही श्रापित हो! अगर तुम होते तो किसी की भलाई के बारे में नहीं सोचते सिर्फ अपने बारे में सोचते!... इतने छोटे से हो फिर भी इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हो। मुझे तुम बहुत अच्छे लगे। हम तुम्हें अपना बेटा बना कर रखेंगे तुम्हारा पूरा ख्याल रखेंगे और तुम्हें अपने इस गॉड गिफ्ट पावर को अपने काबू में रखना होगा ! तुम्हें इसके साथ सरवाइव करना भी सीखना होगा।"

मोमल भी उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली :" तुम्हें सब्र शांति और धैर्य रखना है! डरना और घबराना बिल्कुल नहीं है!... हम तुम्हे अकेले नहीं छोड़ सकते, अगर ईश्वर ने तुम्हे हम से मिलाया है तो कोई वजह ज़रूर होगी!...चलो हमारे साथ तुम्हारी एक छोटी बहन भी है। तुम उसके साथ खुश रहोगे। जब खुश रहोगे तो आग लगने का डर नहीं रहेगा!...है ना"

फिलिक्स ने अटकते हुए कहा :" मुझ में एक और बात है!... मैं लोगों के दिल ऐसे देख सकता हूं जैसे एक्सरे में हड्डियां दिखती है! चाहे लोगो ने कितने ही मोटे कपड़े क्यों न पहने हों, मैं फिर भी देख सकता हूं।... मैं आप दोनो का दिल भी धड़कता हुआ देख सकता हूं।"

फिलिक्स ने मोमल की ओर उंगली का इशारा कर के कहा :" आपका दिल ज़्यादा तेज़ धड़क रहा है! क्या आपको भी मुझसे डर लग रहा है?

फिलिक्स की ये बात और भी अचंभित करने वाली थी। यही वजह थी के मोमल की धड़कन तेज़ हो रही थी। 
अब्राहम ने उसे यकीन दिलाने के लिए कहा :" नहीं नहीं मोमो बिल्कुल नहीं डर रही है तुमसे! ये तो बहुत बहादुर लड़की है बिल्कुल तुम्हारी तरह!"

मोमल ने भी हैरत में पड़े चहरे पर मुस्कान सजा कर कहा :" हां मैं नही डरती! और तुम तो कितने प्यारे हो तुम से क्यों डरूं भला!"

फिलिक्स ने मासूमियत से कहा :" लेकिन मैं तो आपसे डर गया था जब आप उस आदमी को रॉड से लगातार मार रही थीं! और मेरे घबराने की वजह से कार में आग लग गई थी क्यों के मैं उस पर हाथ रख कर खड़ा था।"

अब्राहम ने उसे समझा कर कहा :" अच्छा ठीक है कार में आग लगने वाली बात को भूल जाओ अब!...और यह बात भी भूल जाओ कि तुमने मोमल को किसी को मारते हुए देखा था ठीक है!... अब यह बात किसी से मत कहना क्योंकि वह होश में नहीं थी, तुम समझदार हो समझ रहे हो ना?

फिलिक्स ने हां में सर हिलाया। 
फिर वो तीनों घर आ गए, घर आकर फीलिक्स को बहुत अच्छा लग रहा था क्यों के इस जगह आसपास कोई घर नहीं था, ना लोग थे। उसे महसूस हुआ की जैसे ये घर उसी के लिए बनाई गई हो। उसे लोगो से डर लगता था। 
जब मोमल अपने कमरे में गई तो उसने अचानक तेज़ आवाज़ से अब्राहम को बुलाया :" मिस्टर वाइल्ड! मिस्टर वाइल्ड!"

उसकी आवाज़ सुनते ही अब्राहम कमरे में गया। देखा तो मोमल टेबल के सामने रखी डायरी को खौफजदा नज़र से देख रही है। डायरी देख कर अब्राहम की आंखे बड़ी बड़ी हो गई और उसने हैरत में कहा :" लेकिन तुमने तो डायरी तालाब में फेंक दी थी फिर ये यहां कैसे! यह तुम्हारी ही डायरी है ना ?

मोमल ने बड़ी बड़ी सांसे लेते हुए कहा :" हां यह वही डायरी है मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा अब यह क्या नई मुसीबत है!"

अब्राहम ने डायरी को अपने हाथ में लिया और उसे उलट पलट कर देखा। डायरी के पन्ने पलटे तो देखा के आखरी पन्ने में कुछ अलग सा लिखा हुआ है। 
लाल रंग और मोटे मोटे अक्षरों में लिखा था " अपनी कहानी को आगे बढ़ाओ! मैं हमेशा के लिए पानी में दफन हो कर मिटना नहीं चाहता, मैं चाहता हूं कि तुम मुझे अपनी डायरी में ज़िंदा रखो!.... तुम्हारा निकोल उर्फ निक्कू "

अब्राहम ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा :" तो ये निक्कू का काम है! मोमो तुम्हें उसकी आखिरी ख्वाहिश पूरी करनी चाहिए ! आखिरकार जाते-जाते उसने मुझे मार्को से बचाया भी है। भले ही वह खुद को तुम्हारा कहता है लेकिन तुम तो मेरी हो ना।"

मोमल ने डायरी टेबल में रखा और हिचकिचाते हुए कहा :" आपको बुरा तो नहीं लगेगा न! मैं उसके बारे में लिखूंगी तो आप को गुस्सा आयेगा क्या? अगर आपको बुरा लगे तो मैं नही लिखूंगी!"

अब्राहम ने उसके माथे को चूम कर कहा :" नहीं मुझे किसी मरे हुए इंसान से जलना नहीं चाहिए और वैसे भी तुम्हें कोई भी पसंद करता हो लेकिन प्यार तो तुम मुझसे करती हो ना मेरे लिए यही बहुत बड़ी बात है। हां लेकिन किसी ने तुम्हे बुरी नज़र से देखा तो मैं उसकी आंखे निकाल लूंगा वो अलग बात है!... तुम निक्कू के साथ हुए हादसे के बारे में लिख सकती हो इसमें कोई मसला नहीं है लेकिन इस बात का ध्यान रखना के मुझे तुम्हारा किसी मर्द से बात करना भी गवारा नहीं करता।"

मोमल मुस्कुराई और उसके गले लग कर बोली :" मैं डायरी देख कर बहुत डर गई थी पर अब ठीक लग रहा है।"

दरवाज़े के पास फीलिक्स उन्हे गले लगते देख प्यारी सी मुस्कान लेकर खड़ा था। मोमल ने उसे वहां खड़ा देखा तो पास बुलाया और उसे भी गले लगाया। 
फिलिक्स ने कहा :" आपने कहा था मेरी बहन है! क्या वो स्कूल में है?

मोमल ने मुस्कुरा कर कहा :" वह अभी घर पर नहीं है! हां वो एक तरह के स्कूल में ही है! हम उसे कल लेने जाएंगे!... और तुम्हें पता है, पांच दिन बाद हमारी वेडिंग रिसेप्शन होने वाली है! जिसमे तुम्हे बहुत अच्छे से तैयार होना है।"

ये कह कर मोमल उसे बाथरूम ले गई, अच्छे से नहलाया, अच्छे कपड़े पहनाए और उसके बढ़े हुए बालों को ठीक से काट कर संवारा। उसने जब उसे अच्छे से तैयार कर के आईने के पास खड़ा किया तो खुद को देख कर उसकी आंखे भर आई फिर मोमल की ओर मुड़ कर कंपकंपाती आवाज़ में बोला :" मॉम!"

मोमल ने उसे गले लगा कर पीठ सहलाते हुए शांत किया फिर उसके आंसू पोंछ कर डायनिंग रूम में ले आई, अब्राहम उसके लिए खाना बनाने लगा था। मोमल ने उसे डायनिंग टेबल के पास बैठा कर कहा :" मैं देखती हूं पापा क्या बना रहे हैं!... तुम यही इंतज़ार करो, हम्म!"

रात को उन्होंने फीलिक्स को अपने पास ही सुलाया ताकि वो अकेला डर न जाए, मोमल उसके बालों पर हाथ फेर कर उसे सुला चुकी थी। तीन महीने बाद बच्चा आज बड़े सुकून से सोया था। 
पास में लेटा हुआ अब्राहम ने सोचते हुए कहा :" मोमो इस घर को रेनोवेट करा लें या दूसरा घर खरीद लें? क्यों के यहां बच्चों के रहने जैसा कुछ भी नहीं है!"

मोमल :" लेकिन ये घर फीलिक्स के लिए अच्छा है! हम इसे ही रेनोवेट करा लेते हैं! एक कमरा फीलिक्स और लूना के लिए तैयार करवा लेंगे जो दोनो को पसंद आए!"

अब्राहम :" ठीक है मैं कल ही किसी को हायर करता हूं! जब तक रेनोवेशन का काम चलेगा तब तक हम मॉम डैड के घर में रह लेंगे!"

मोमल थोड़ी चिंतित हो कर :" लेकिन क्या फीलिक्स के लिए वहां रहना ठीक होगा? वहां बाकी बच्चे भी हैं।"

अब्राहम :" ये तो अच्छा होगा ना ! फिलिक्स उनके साथ खेल लेगा इसका मन लगा रहेगा।"

मोमल :" हम्म शायद!"

वो लोग आज बहुत खुश थे। दूसरे दिन मदर इरा के पास जा कर लूना को भी ले आए, लूना और फीलिक्स एक दूसरे से मिल कर बहुत खुश थे। 


घर रेनोवेशन में लगा कर वे सब अब्राहम के पुराने घर में गए जहां शादी की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही थी। 
दो बच्चों के साथ अब्राहम और मोमल को देख कर घर के सभी लोग अचंभित थे। 

(To be continued)