Momal :Diary ki gahrai - 17 in Hindi Horror Stories by Aisha Diwan books and stories PDF | मोमल : डायरी की गहराई - 17

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मोमल : डायरी की गहराई - 17

पिछले भाग में हमने देखा कि मोमल को सिमोन ने छेड़ा तो वो भाग कर अब्राहम के घर आ गई थी फिर उसने बताया के उसने कुछ साए देखें जिनमे उनके सिर्फ सर दिखाई दे रहे थे जो बहुत डरवाने लग रहे थे। साए का माया जाल और दिल में छाई उदासी की कोई छवि नही होती, उसे पढ़ने वाले सिर्फ चहरे से ही पढ़ सकते हैं और एक दूसरे का हाथ मजबूती से थाम कर उदासी के काले बादल और मुसीबतों के पहाड़ को भी पार किया जा सकता है। 
अब्राहम ने उसकी बात को समझा और उसके खाली कलाई को चिंतित हो कर देखने लगा। उसकी नज़र एक तरफ टिकी हुई थी जिसमे फिक्र और जज़्बात झलक रहे थे। 
इतने में अंकल हैरी लुना को लेकर आए, दरवाज़ा खुलते ही सामने अब्राहम को देख कर लुना खुशी से झूमती हुई पापा कह कर गले लग गई, अब्राहम ने उसे गोद में उठाया, अब उसके उदास चहरे पर एक छोटी सी मुस्कान आ गई थी। 
लुना ने बड़े प्यार से पूछा :" पापा आपका काम खतम हो गया ? 

अब्राहम :" नही बेटा अभी काम तो खत्म नहीं हुआ है।"

मोमल ने उसे अब्राहम के गोद से अपने गोद में लेकर कहा :" सॉरी बेटा मैं आपको छोड़ कर आ गई थी रात को।"

लुना ने उसके गाल पर किस कर के कहा :" कोई बात नहीं मम्मा! पापा का काम खतम हो गया था इस लिए आप आई थीं न!"

अंकल हैरी ने जेब से सफेद मोतियां निकाल कर देते हुए कहा :" ये गेस्ट रूम में गिरा हुआ था! मैं ने और लुना ने तो हर कोने में छान मार के देखा लेकिन 97 मोतियां मिली तीन मोतियां कहीं नहीं मिली! क्या वो तीन मोतियां आप के पास है?

मोमल और अब्राहम ने खौफजदा नज़रों से एक दूसरे को देखा फिर मोमल ने परेशानी में कहा :" नहीं! मेरे पास तो एक भी नहीं है!"

अब्राहम भी डरा हुआ बोला :" वो तीन मोतियां कहां गुम हो गई! अंकल , उन तीन मोतियों को किसी भी तरह हमे ढूंढना होगा वरना ये बाकी के मोती भी बेकार हो जायेंगे।"

अंकल हैरी :" हां मैं दोबारा तलाश करूंगा घर में! चिंता मत कीजिए, रूम में ही होगा, शायद ढूंढने में कोई कोना रह गया होगा हम से।"

अब्राहम ने लुना के सर पर हाथ फेरते हुए कहा :" बेटा आप को कुछ दिन कहीं और रहना पड़ेगा! आप को वहां बहुत सारे दोस्त मिल जायेंगे फिर जब मम्मा पापा का काम खत्म हो जाएगा तब हम आपको लेने आयेंगे! ओके?

लुना मुंह लटका कर गोल गोल नीली आंखों से देखते हुए बोली :" काम कब खत्म होगा? 

अब्राहम  :" बस कुछ दिनों में"

अंकल हैरी ने भी समझा कर कहा :" पापा जहां रखना चाहते हैं वो जगह बहुत अच्छी है बेटा!"

फिर उन्होंने अब्राहम से धीरे कहा :" क्या आप इसे मदर इरा के पास ऑर्फन स्कूल में रखना चाहते हैं? 

अब्राहम ने दबे आवाज़ में जवाब दिया :" हां! कुछ दिन लुना वहां सेफ रहेगी, मैं इसे यहां खतरे में नही डालना चाहता!"

फिर उसने मोमल से कहा :" चलो हमे देर हो रही है! लुना को मदर इरा के पास रख कर हम कॉलेज चले जायेंगे।"

उन्होंने घर को ताला लगाया और चले गए, पहले मदर इरा ऑरफन स्कूल गए जहां उन्होंने मदर इरा से मुलाक़ात की, वो एक पचपन छप्पन बरस की महिला थी। सर से पैर तक काले कपड़ों में थी। चहरा नूरानी था और आंखों में ममता लिए हर बच्चे को अपने सगे बच्चे की नज़र से देखती थी। उनके स्कूल में बहुत से अनाथ बच्चे थे जिन्हे वो अच्छी शिक्षा के साथ साथ अच्छे संस्कार भी देती थी। लुना के बारे में अब्राहम ने उन्हे सब बताया के इस बच्ची की छोटी सी ज़िंदगी में क्या क्या हुआ। ये भी कहा के हम उसे एडॉप्ट कर लेंगे लेकिन इस समय हमारे घर में इस बच्ची की जान को खतरा हो सकता है इस लिए आप को इसका खयाल रखना है! हम इस से मिलने आते रहेंगे।
मदर इरा ने उनकी बातों को समझा और यकीन दिलाया के लुना यहा खुश रहेगी।

मोमल लुना को जब मदर के हवाले कर रही थी तो उसकी मासूम आंखे उन दोनों को ऐसे देख रही थी जैसे अलविदा कहना नही चाह रही हो। मायूसी से मोमल के सामने खड़ी हो कर बोली :" मेरी मम्मा एक स्टार बन गई है। लेकिन मम्मा आप भी स्टार मत बनना। मेरे पापा ने मम्मा को स्टार बना कर आसमान में भेज दिया और खुद एक पिंजरे में कैद हो गए , वो मुझे नही पसन्द ! मुझे ये वाले पापा बहुत पसंद है। पिंजरे वाले पापा को हमेशा पिंजरे में ही रहना चाहिए, वो मुझे प्यार नही करते थे। ये वाले पापा मुझे बहुत प्यार करते हैं मैं हमेशा आप दोनो के पास रहूंगी। मुझे लेने आओगे ना पापा मम्मा?

उसकी बातों में बहुत गहराई थी। इन बातों ने अब्राहम और मोमल के दिल को जैसे गिरविदा बना लिया। दोनों के आंखों में प्यार के बंद झिलमिलाने लगे। 
अब्राहम ने उसे प्यार करते हुए कहा :" हम आपको लेने बहुत जल्द आएंगे! बस यहां खुश रहना और अपने मम्मा पापा के लिए गॉड से प्रे करना के हमे गॉड आपके पास ज़रूर भेजे।" 

दोनों ने उसे गले लगाया और नम आंखों से ओझल होने तक देखते रहे, वो मदर इरा की उंगली पड़कर जाते हुए बार बार पीछे मुड़ कर देखती हुई चली गई। 
अब्राहम और मोमल दोनो खामोश थे। दोनों के दिलों में अलग अलग शोर मचा हुआ था। एक को अचानक बाप को खाने का गम और दूसरे को गहरी चिंता और उलझन।
मोमल की आंखे सुनी सुनी सी थी। अब्राहम ने गाड़ी चलाते हुए कई बार उसकी तरफ देखा जिसकी नज़र बस गुजरते हुए रास्तों पर टिकी हुई थी। उसकी खामोशी अब्राहम को और भी बेकरार कर रही थी। वो उसे सुनना चाहता था ताकि उसके आग में पड़े दिल को थोड़ी सी ठंडक मिले। 

उसने उसकी खामोशी तोड़ते हुए कहा :" किस सोच में खोई हो मोमो? 

मोमल ने उसकी ओर देखते हुए जवाब दिया :" बहुत कुछ है! क्या बताऊं "

अब्राहम :" इतनी फिकर मत करो! सब ठीक हो जाएगा।"

मोमल ने बेझझक और सीधा सीधा अब्राहम से कहा :"मिस्टर वाइल्ड मुझ से शादी कर लीजिए!"

अब्राहम ने अचानक अचंभित हो कर गाड़ी पर ब्रेक लगा दिया और हैरत में उसकी ओर देखने लगा जैसे उसे अपने कानों पर भरोसा नहीं हुआ या उसके पास कोई जवाब नही है।

मोमल ने उसके हैरान हुए चहरे को देख कर कहा :" क्या हुआ नही करेंगे शादी? आप ने तो कहा था के आप मुझे पसंद करते हैं और आप मेरे जवाब का इंतजार करेंगे।"

अब्राहम ने हक्का बक्का हो कर अटक अटक कर कहा :"ह ,हां हां म ,मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूं! क्या तुम सच में मुझसे शादी के लिए कह रही हो?

मोमल :" हां बिलकुल! मैंने कहा मुझ से शादी कर लीजिए"

अब्राहम हिचकिचा कर बोला :" हां हां हम शादी करेंगे! कब करेंगे शादी वैसे? 

अब्राहम को इस तरह हक्का बक्का देख कर मोमल हल्की सी मुस्कुराई फिर बोली :" पहले हम कोर्ट में शादी कर लेते हैं फिर घर वालों को बता कर चर्च में कर लेंगे लेकिन इन बुरी शक्तियों को खत्म करने के बाद ! हम आज कोर्ट में शादी कर लेते हैं!.... आप कार स्टार्ट कीजिए हम लेट हो रहे हैं।"

अब्राहम :" आज ? हां आज ही कर लेते है!... हम लेट हो गए, चलो चलते हैं!"
अब्राहम ने गाड़ी चलाते हुए अपने जज़्बातों से उफ़ान मारते हुए मन को शांत कर के कहा :" तुम ने इतना बड़ा फैसला अचानक कैसे ले लिया? तुम्हे तो फोबिया था ना! क्या तुम शादी से डर रही हो और न डरने का दिखावा कर रही हो?

मोमल ने बड़े निश्चिंत हो कर कहा :" मैं ने सोच समझ कर फैसला लिया है! मैं अपने आज को जीना चाहती हूं कल की फिक्र मैं ने जीसस को सौंप दिया है!...लगता है मेरा गेमोफोबिया चला गया और अब मुझे बिलकुल डर नही लग रहा है! लुना हमे अपना पैरेंट्स समझती है तो हमे पैरेंट्स बनने के लिए पहले पति पत्नी बनना पड़ेगा ना!"

अब्राहम उसकी बातों से खुश भी हो रहा था साथ ही हज़ार तरह के सवालों से उलझा जा रहा था। समझ नही आ रहा था की मोमल के शादी की बात करने से उसे कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए, एक बार दिल कर रहा था के उसे गले लगा कर खुशी जताए साथ ही मन में ये भी सवाल उठ रहे थे की उसने किसी परेशानी या दबाव में आकर शादी के लिए तो नही कहा ? क्या वो खुश भी है इस फैसले से ? उसे बिलकुल उम्मीद नहीं थी के मोमल यूं अचानक शादी के बारे में बात करेगी।
उलझन उसके चहरे से साफ झलक रही थी। मोमल ने कई बार उसे नोटिस किया। गाड़ी से उतर कर उसने कहा :" ज़्यादा मत सोचिए! मैं आप पर भरोसा करती हूं तभी सिमोन से बचने के लिए आपके अलावा मुझे कोई और नज़र नहीं आया और सीधा आपके पास भाग कर चली आई!...ये भी समझ गई हूं के हमारी किस्मत एक डोर से बंधी हुई है! इस लिए हमे और देर नही करनी चाहिए और शादी कर लेनी चाहिए! अब मैं लाइब्रेरी जाती हूं।"

ये कह कर वो तेज़ी से लाईब्रेरी की ओर चली गई, अब्राहम कुछ बोल ही नहीं पाया। जब वो बोलती है तो उसका दिल करता है की बस उसे सुनता जाए, जब वो थोड़ी दूर चली गई तब अब्राहम ने आवाज़ दी और उसके क़रीब दौड़ कर गया। :" मोमो ! रुको एक बात सुनो।"

मोमल रुकी तो उसने कहा :" तुम्हारे पास फादर की दी हुई मोतियां नहीं है! ज़रा संभल कर रहना और अकेले मत रहना।"

मोमल :" आप चिंता मत कीजिए! अपने बारे में भी सोचिए और अपना खयाल रखिए ! अपने लिए न सही मेरे लिए ठीक रहिए ,आखिर कार आप मेरे होने वाले पति हैं।"

उन दोनो को बाते करते हुए कई स्टूडेंट्स देख रहे थे। अब्राहम पर क्रश रखने वाली लड़कियों के दिल जल रहे थे। और कुछ लोग मज़े ले रहे थे, उन्हे गॉसिप करने का टॉपिक जो मिल रहा था। 

जब मोमल चली गई तब अब्राहम ने इधर उधर देखा तो चारों तरफ की बिल्डिंग से उसके स्टुडेंट्स झांक रहे हैं और उसे ठीक से देखने के लिए धक्का मुक्की कर रहे थे। कई लड़कियों का दिल रो रहा था लेकिन किसी को जता नही सकती थी। 
वो लाईब्रेरी चली गई और अब्राहम अपने काम में लग गया। 
सिमोन यूनिवर्सिटी के सामने चहरे पर शैतानी मुस्कान ले कर खड़ा था। ऐसा लग रहा था के वो इंसान नही बल्के इंसान के शक्ल में कोई शैतान हो। 

(अगला भाग जल्द ही)
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