panchlight in Hindi Moral Stories by Vikas rajput books and stories PDF | पंचलाइट

Featured Books
  • ज़ख्मों की शादी - 1

     लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर...

  • अनकही देहलीज़

    अनकही देहलीज़भाग 1: अदृश्य रेखाएं"साहब, चाय टेबल पर रख दी है।...

  • वेदान्त 2.0 - भाग 36

    शून्य की यात्रा — न सत्य, न असत्य जीवन में न कुछ अंतिम सत्य...

  • Hug Day

    Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं....

  • Back for Revenge - 2

    एक साल बाद,(जिन्दल इंड्रस्टीज़)"महाराज! आज वो दिन है जिस दिन...

Categories
Share

पंचलाइट

कहानी में परंपरागत और आधुनिक तथा समाज में व्यक्ति विशेष के बीच का द्वंद्व है। कहानी में गोदन नाम का लड़का जो लड़कियों को देखकर गाने गाया करता था उसे गाने गाने के कारण समाज से बहिष्कृत किया गया है । समाज ने 15 महीने के जुर्माने की इकट्ठी रकम से महतो मंडली के बड़े लोगों ने रामनवमी के मेले पर एक पेट्रोमैक्स खरीदा है। पेट्रोमैक्स को खरीदने की खुशी को मनाने की सभी तैयारियां कर ली जाती है परंतु पूरे समुदाय में किसी को भी पंच लाइट जलाना नहीं आता । इस बात ने महतो मंडली के सदस्यों को दूसरे समुदायों की नजर में हंसी का पात्र बना दिया । राजपूत समुदाय के लोग बहुत जोर से महतो समुदाय का मजाक बनाते हैं तथा उन पर टिप्पणी करते हैं "अपनी आंखें बंद कर लो तथा पंचलाइट के सामने पांच उठक बैठक लगाओ कि यह अपने आप जल जाएगा" ।‌
इस कठिन समय में केनेली की मित्र मुनरी बताती है कि गोदान को पंचलाइट जलाना आता है । मुनरी के यह शब्द सुने जाने के बाद मुख्य कहता है कि जब समुदाय का सम्मान दांव पर है तो प्रतिबंध पर झगड़ा क्यों है । मुख्य के यह शब्द मानव व्यवहार के भीतर के दोगलेपन को दिखाते हैं तथा ताकतवर लोगों के व्यवहार में दोगलापन उचित है। इस प्रकार गोधन पर लगा हुआ प्रतिबंध हटाया जाता है और उसे बुलाने के लिए एक संदेशवाहक को भेजा जाता है। गोधन मौके का भरपूर फायदा उठाते हुए पंचलाइट को जलाने जाने के लिए मना यह कहते हुए करता है कि "कल कोई यदि पांच लाइट के नट वह बोल्ट भी खराब हो गए" तो यह लोग मुझ पर जुर्माना डाल देंगे । आखिरकार गुलरी काकी जिसमें अपनी बेटी को छेड़े जाने पर गोदन के खिलाफ शिकायत की थी गोदन के घर जाती है तथा उसका गुस्सा शांत करती है। अंत में गोधन पंचलाइट की लाइट जलता है इन सभी के दिल जीतता है। गुलेरी कई गुर्जर को रात के खाने के लिए आमंत्रित करती है और समुदाय के लोग खुशी मनाते रहते हैं।



यह कहानी हमें समझ में दोगलेपन को दिखाती है।


इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि हमें सोचे समझे कुछ भी कार्य नहीं करना चाहिए कोई भी कार्य करने से पहले उसके परिणाम रिजल्ट को जरुर देखना चाहिए।

काली का शीर्षक जो की पंचलाइन है वह एक मिश्रित वाक्य है। पहला शब्द पांच हिंदी से लिया गया है तथा लाइट अंग्रेजी से लिया गया है ।‌ कहानी के शीर्षक में भाषाओं का द्वंद्व कहानी को अच्छी शुरुआत देता है। कहानी में पंच शब्द को परंपरागत्ता का प्रतिनिधित्व करने वाला कहा जा सकता है जबकि गोदन को आधुनिकता का प्रतिनिधित्व करने वाला कहा जा सकता है।


लेखक के बारे में -


पंचलाइट कहानी के लेखक फणीश्वर नाथ रेणु जी है। रेनू मुंशी प्रेमचंद के बाद के हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखक थे उनकी रचना "मैला आंचल" हिंदी साहित्य के प्रमुख रचनाओं में से एक है। उनके प्रमुख योगदान उन्होंने आंचलिक कथा शुरू की हिंदी लेखन में जिसने हिंदी साहित्य में लोक गुण पैदा किया।