Prem Nagri Dehradun - 2 in Hindi Love Stories by Rohan Singh books and stories PDF | प्रेम नगरी देहरादून - 2

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प्रेम नगरी देहरादून - 2

सब कुछ अच्छा चल रहा था


तभी अचानक एक दिन सिद्धार्थ का फोन आ रहा था उसे समय स्नेहा घर में नहीं थी तो प्रिया ने उसका कॉल उठा लिया और सिद्धार्थ के साथ बातें करने लगी

दोनों अपने स्कूल के टाइम की बातें कर करके हंस रहे थे

तभी प्रिया उसको बोलती है सिद्धार्थ क्या तुम्हें याद है मैंने एक बार तुम्हें प्रपोज किया था और तुम डर गए थे

और तुमने मना कर दिया था

तभी सिद्धार्थ बोलता है हां मुझे थोड़ा-थोड़ा याद है

तब मैं कितना बेवकूफ था। और डरपोक भी

यह सब क्या होता है मुझे तो इस बारे में जरा भी मालूम नहीं था

तभी प्रिया बोलती है ओह तुम्हें मालूम नहीं था

अगर मैं तुम्हें अब प्रपोज करूं तो तुम क्या करोगे

सिद्धार्थ ये बात सुनकर बहुत ज्यादा हंसने लग जाता है ।

और बोलता है अब तो मैं तुम्हें हां कर दूंगा

दोनों बहुत जोर-जोर से हंसने लगते हैं सिद्धार्थ इस बात को बहुत पॉजिटिव लेता है क्योंकि उसको मालूम था कि प्रिया बहुत ही फनी लड़की है ।

दोनों बहुत देर तक बातें करते रहते हैं

कॉल कट करते समय प्रिया सिद्धार्थ को बोलती है कि वह प्रपोज वाली बात स्नेहा को मत बताना

हो सकता है कि उसको यह बात अच्छी ना लगे

सिद्धार्थ कहता है डोंट वरी इतना कहकर सिद्धार्थ फोन रख देता है।

सिद्धार्थ से आज इतनी सारी बातें करने के बाद प्रिया की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था ।

अब प्रिया रोज सिद्धार्थ से बातें करने का बहाना ढूंढने लगी।

और डेली सिद्धार्थ से बातें करने लगी।

स्नेहा को यह बात मालूम थी लेकिन वो ये सोचकर इग्नोर कर देती थी कि चलो दोनो पहले से ही एक दूसरे को जानते है। दोस्त के नाते बात करती होगी।

तभी एक दिन सिद्धार्थ, स्नेहा को एक रेस्टोरेंट में मिलने के लिए बुलाता है। स्नेहा तुरंत हां कर देती है।

वह जाने के लिए तैयार हो रही थी। तभी प्रिया आ जाती है। स्नेहा, प्रिया को भी अपने साथ चलने के बोलती हैं। प्रिया भी जाने के लिए तैयार हो जाती है।

दोनो बस पकड़ कर उस जगह पर पहुंच जाती है जहां सिद्धार्थ ने उनको मिलने के लिए बुलाया है। वहां जा कर वें देखती है सिद्धार्थ उनका पहले से ही इंतजार कर रहा था।

स्नेहा सिद्धार्थ को देखते ही गले लगा लेती है। सिद्धार्थ भी स्नेहा को देखकर बहुत अच्छा महसूस कर रहा था। फिर सिध्दार्थ प्रिया से पूछता है कैसी हो प्रिया तुमको देखे तो बहुत टाइम हो गया अच्छा किया जो तुम भी आ गई

प्रिया बोलती है हां यार जब से कॉलेज पूरा हुआ है इधर उधर जाना बहुत कम हो गया है। में भी तुम्हे काफी दिनों बाद देख रही हूं

तभी स्नेहा बोलती हैं बातें खत्म हो गई हो तो अंदर चले मुझे बहुत भूख लगी है। फिर तीनो अंदर चले जाते है। और कुछ खाना ऑर्डर करते हैं। तीनो आपस में बहुत सारी गपशप करते है।

उसके बाद सिद्धार्थ उन दोनो को बस स्टैंड तक छोड़ने जाता है। दोनो बस में बैठ जाती है सिद्धार्थ बाहर खिड़की के पास खड़ा हो कर बोलता है घर जाते ही फोन करना तभी बस चलने लगती है। दोनो हाथ हिला कर सिद्धार्थ को बाय करती है। और दोनो घर आ