Aise Barse Sawan - 5 in Hindi Love Stories by Devaki Singh books and stories PDF | ऐसे बरसे सावन - 5

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ऐसे बरसे सावन - 5

इस बात पर भी स्वरा की फीकी मुस्कान देखकर,

"क्या यार इतनी कंजूसी,

यह उदासी के बादल की घटा को हटा और मुस्कान के सावन बरसा , फिर कोहनी मारते हुए, क्या यार जल्दी से अपनी पांच इंच वाली मुस्कान तो दिखा दे , और चिढ़ाते हुए..

"तुझ पर यह पिगी वाला फेश हैं न बिल्कुल भी सूट नहीं करता " ऐसा बोलकर तेजी से भागती हैं l


स्वरा अपनी उदासी भूलकर उसके पीछे तेजी से भागते हुए ओये रुक जा , " तेरी तो अब खैर नहीं अमूल बेबी "

अजनबी ठीक 3:30 बजे प्रिंसिपल ऑफिस में पहुँचता हैं और प्रिन्सिपल को अपना परिचय देता है
Hello sir , i am captain abhiraam from Indian army

प्रिन्सिपल- आप से मिलकर बहुत खुशी हुई l जी बताइये मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ l

कैप्टन अभिराम - सर, हम लोग अपनी सेना और उनके परिवार के लिए योग के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं जिसके लिए हमें कुछ अनुभवी योग प्रशिक्षक की आवश्यकता थी जिसकी पूर्ति आप कर सकते हैं l

प्रिसिंपल - जी यह तो हमारे लिए बहुत ही खुशी की बात है कि हम सेना के कुछ काम आ सके l
ठीक है , इस काम के लिए हमारे 1 शिक्षक और उनके साथ 10 सीनियर छात्र रहेंगे जो प्रशिक्षक का काम करेंगे l
आप मेरा नंबर ले लीजिए और वाटसैप पर समय और तारीख भेज दीजियेगा l
और अपना वाटसैप नंबर भी दे दीजिए उस पर मैं आपको सभी प्रशिक्षक की डिटेल्स सेंड कर दूंगा l

दोनों ही एक दूसरे के नंबर ले लेते हैं l उसके बाद
कैप्टन अभिराम प्रिन्सिपल को धन्यवाद बोलकर उनके ऑफिस से निकलता हैं l

उस बिल्डिंग के बाहर और कॉलेज कैम्पस के अंदर उनका एक साथी जो की हैलमेट लेकर खड़ा था उससे हैलमेट लेकर पहनते हैं और बाइक की तरफ चल देते हैं कि तभी. ........

तेजी से भागते और अमूल का पीछा करते हुए स्वरा
फिर उसी अजनबी से टकरा कर गिरने वाली होती है जिससे वह सुबह टकराई थी पर वह अजनबी एक बार फिर उसे अपनी मजबूत बाहों का सहारा देकर बचा लेता है लेकिन ..


इस बार स्वरा के गिरते समय उस अजनबी का एक हाथ स्वरा की कमर के नीचे और दूसरे हाथ से उसने स्वरा के हाथ को थाम रखा था, दोनों के चेहरे ठीक एक दूसरे के सामने थे , एक पल के लिए वो, एक बार फिर स्वरा की खूबसूरत आँखों और चेहरे की मासूमियत में खो जाता है.....पर पलक झपकते ही जब स्वरा को होश आता है तो वह खुद को उससे अलग करते हुए

"Ohh l am soo sorry"

"गलती मेरी हैं मुझे माफ़ कर दीजिए please "

"Really i am very sorry "

जो सुबह उसे गुस्से के कडवे बोल सुना रही थी वो इस समय उस पर कोयल से मीठे बोल बरसा रही थी l

कैप्टन अभिराम जो उस वक़्त जल्दी में था कहता है "it's okay" इतना बोलकर वह जल्दी में निकल जाता है l

उसके बाद कुछ दूर भागते हुए वह अमूल्या को पकड़ लेती हैं और उसके पीठ पर प्यार भरे 2, 4 धौल जमाते हुए देख तेरी वज़ह से मैं उस लड़के से टकरा गयी l तुझे पता हैं जब उसने गिरने से बचाने के लिए मुझे थामा तब मुझे कितना ऑकवार्ड फिल हो रहा था l

क्रमश:
- देवकी सिंह