Intzaar - A little love story in Hindi Love Stories by Prathamesh Deore books and stories PDF | इंतज़ार - A little love story

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इंतज़ार - A little love story

मैं इंतजार कर रहा हूँ, उस शख्स का जिसका हमेशा किया है और आगे भी करता रहुंगा. क्योंकि ये प्यार है, सच्चा प्यार. और सच्चा प्यार हमेशा इंतजार ही कराता है. मेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ था.
दरसल ये कहानी शुुरू हुई थी तब जब मैं बारहवीं में पूरे शहर में प्रथम आया था. तब मेरे पिताजी ने मुझे laptop लाकर दिया था. आगे की पढ़ाई के लिए. और फिर मैैं आया social media पर. वहाँ मिली एक लड़की.

मुुझे आज भी याद है कि रात के दो बजे मैंने request भेजी. फिर मैं सो गया. सुबह नौ बजे उठ कर देखा तो request accept कि हुई थी. फिर क्या, मैंने भेजा Hi. दो घंटे बाद reply आया Hlo. मैंने लिखा How are you? Reply आया Always fine. ऐसेही हमारी बातें चलती रही और दोस्ती होोती गयी.

फिर धीरे धीरे दोस्ती प्यार में तब्दील होती गयी. मेरे दिल में एक ही गाना बजता गया:
बोलो बोलो
क्या बात हुई है
क्यों है दीवाने इस दिल में
हलचल हलचल
फिरता हूँ मैं तो गलियों में
पागल पागल
दिल मेरा दिल
कोई ले के गया
ऐसा पहले तो ना हुआ
छाया है ये कैसा नशा
तू ना जाने हाल मेरा
डोंट यू एवर डू दिस
...

फिर आया वो दिन. मैंने लिखा Can we meet? उसने कहाा After a week 4 pm. मैने कहा okay. फिर मैैैैने इंंतजार कििया उस सातवें दिन का. जब मैं उससे मिलुंगा. एक एक दिन मानो एक एक साल जैैसा था. इंतजार ऐसा ही होता है न. एक पल भी एक साल जितना लगता है. मेेर लिए उस समय ये गाना suit होता था.

पल पल पल पल
हर पल हर पल
कैसे कटेगा ये पल
हर पल हर पल
दिल दिल दिल
दिल में मची है मची
मची है हलचल
हलचल हलचल
कैसे कटेगा ये पल
हर पल हर पल
...

आखिर वो दिन भी आ गया जब मैं finally उससे मिलुंगा. जैसे उसने कहा था, मैं ठीक 4 बजे पहुंच गया मेरे शहर के बाहर वाले गार्डन में. उसे msg किया hey, I am here. Where are you❓उसका reply आया I am on the way. मैं उसका इंतजार करता रहा.

एक घंटा, दो घंटे, तीन घंटे पूरी रात वही खड़ा रहा. उसे कोल भी किया, उठाया नहीं. कहीं msgs भी किये लेकिन देखे तक नहीं. पूरी रात निंद भी नहीं आयी और वहाँ से हिला भी नहीं. मम्मी पापा के कई कोल्स आए. उन्हें कह दिया कि मैं आज काम में हूँ. पूरी रात खड़े खड़े वही पर सो गया. सुबह आख खुली तो गार्डनर से पूछा कि कोई आया था कल रात को. उन्होंने भी कहा कि कल मेरे अलावा कोई नहीं था. मेरे सारे msgs भी unread थे. कोल भी नहीं किया.

उस दिन के बाद उस के साथ बात चीत भी बंद हो गयी. पता नहीं उसे क्या हुआ यु अचानक कि सब खत्म कर दिया. लेकिन मैं उस दिन को कभी भूल नहीं सकता. आज भी इंतजार ही कर रहा हूँ उसका कि वो मिल जाए और उससे पूछ लु कि क्यों किया ऐसा?

Written by Prathamesh Deore