ye kaisa ishq in Hindi Moral Stories by Prahlad Pk Verma books and stories PDF | ये कैसा इश्क

Featured Books
Categories
Share

ये कैसा इश्क

ये कहानी है राधिका की है जो एक लड़के से एक एप्प के माध्यम से प्यार करने जाती हैं


राधिका एक छोटे से गांव की लड़की थी जिसने 12th bio से 85% से पास करने के बाद उसके घर वालों ने उसका एडमिशन शहर की एक नर्सिंग कॉलेज में करवा दिया ।
राधिका हॉस्टल में बीएससी नर्सिंग करने लग गई।
राधिका एक होनहार छात्र थी जो मन लगा कर पढ़ाई करती।
राधिका के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद उसके घर वालों ने उसे अच्छे कॉलेज में एडमिशन दिलाया और साथ में मन लगा कर पढ़ाई कर सके इसके लिए उसे हॉस्टल में भी डाल दिया।
राधिका जब घर आती तो वो बहुत खुश होती और अपने मम्मी पापा के काम मर में हाथ बंटाती।
राधिका के पापा ने सोचा कि राधिका को पढ़ाई के लिए फोन की जरूरत पड़ती होगी और साथ में रोजाना हमसे बात हो जाए ऐसा सोचकर राधिका को एक स्मार्टफोन लाकर दे दिया
राधिका फोन से जब भी कुछ पढ़ना होता, यूट्यूब व गूगल की सहायता से पढ़ लेती
अब राधिका मन लगा कर पढ़ाई करने लगी
राधिका की 1st Year परीक्षा पूरी होने के बाद वो एक सोशल मीडिया पर एक लड़के प्रिंस से बात करने लगी
वो रोजाना प्रिंस से चैटिंग और बात करने
धीरे धीरे राधिका को प्रिंस से प्यार हो गया लेकिन कभी मुलाकात नहीं हुई
समय बीतता गया और न ही राधिका, प्रिंस कभी मिले
दिनों एक दूसरे को समझने लगे
राधिका लगभग दो साल तक प्रिंस से बात चैट करतीं रहीं और जब भी राधिका प्रिंस को मिलने को कहती वो किसी न किसी काम का बहाना बना कर बात को टाल देता
लेकिन राधिका ने कभी जिद नहीं की, उसे लगता था कि प्रिंस भी उससे बेइंतहा मोहब्बत करता हैं
समय के साथ राधिका की नर्सिंग भी पूरी हो गई, अब राधिका घर पर रहकर विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी करने लग गई
राधिका के घर वाले भी उससे खुश थे लेकिन बेटी की शादी तो हर पिता का फर्ज होता है
राधिका के पिता अब राधिका के लिए लड़का ढूंढने लगे थे वो चाहते थे कि राधिका की शादी एक अच्छे घर में हो जाए और वो हमेशा खुश रहे
दूसरी तरफ राधिका प्रिंस से बेइंतहा मोहब्बत करती थी लेकिन प्रिंस के बारे में उससे कभी मम्मी पापा को बताया नहीं
अब राधिका भी प्रिंस को मिलने की जिद करने लगी और कहती कि तुम अपने मम्मी-पापा को भेज कर अपने रिश्ते की बात कर लो
लेकिन प्रिंस बात को महिने भर टालता रहा और अब तो राधिका के पापा ने राधिका के लिए लड़का भी ढूंढ लिया और जल्द ही शादी की बात करने लगे
दूसरी तरफ राधिका प्रिंस को लेकर डिप्रेशन में रहने लगी
और रोजाना प्रिंस से फोन पर लड़ने लगी
ऐसा रोजाना होता देख एक दिन प्रिंस ने राधिका को सच बताने लगा कि मैं शादीशुदा हूं
ये जानकर मानो राधिका की जान ही निकल गई हो और फिर प्रिंस ने बताया कि मैं तुमसे शादी नहीं कर सकता
ये जानकर राधिका बहुत रोई और कुछ दिन तक खुद को डिप्रेशन में रखा
राधिका प्रिंस के इस धोखे को सहन नहीं कर पाई और एक दिन खुद को फांसी दे कर खत्म कर दिया
और इस तरह एक अजनबी से बिन सोचे, मिले प्यार का नतीजा फांसी पर जाकर खत्म हुआ
एक पापा ने अपनी मेहनत से पाला पोसा और एक अजनबी ने उसकी जान ले ली
इस तरह कुछ दिनों की मोहब्बत के लिए लोग अपने मम्मी-पापा के प्यार को भी भूल जाते हैं जो गलत है और दूसरी तरफ सुसाइड ही सब कुछ नहीं होता ऐसा नहीं सोचते हैं