hindi Best Women Focused Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 34 By Jyoti Prajapati

महिमा की मुस्कान अब गायब हो चुकी थी। उसने एक गंभीर वकील की तरह फाइल मेज पर रखी और वंशिका की आँखों में झाँका।"वंशिका, अब भावनाएं छोड़ो और कानून का काला सच सुनो। तुम चाहती हो कि मैं प...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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सपनों की डोली। - 4 By softrebel

_जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी थी ,उस रात विकास नगर के बादल ही नहीं नारायणी की आँखें भी बरस रही थीं। टिप टिप टिप...बिजली कड़कने की...

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त्रिशा... - 45 By palvisha

गुनगुन के आने के बाद त्रिशा और राजन के जीवन में खुशियां तो आई पर वहीं खुशियों के साथ  साथ  जिम्मेदारियां भी आई है दोनों पर। जहां एक ओर त्रिशा पर गुनगुन के आने के बाद उसकी देखभाल के...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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पांचाली: फाल्गुनी By Sadhna Gautam

कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखिका की लिखित अनुमति के किसी भी रूप में—चाहे इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक, फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग या अन्य किसी...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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अंधी परी और भिखारी का रहस्य By Raju kumar Chaudhary

 अंधी परी और भिखारी का रहस्यएक पिता अपनी अंधी बेटी को बोझ समझकर एक भिखारी से उसका विवाह कर देता है।लेकिन उस अंधी लड़की को नहीं पता कि उसकी किस्मत जल्द ही एक अद्भुत मोड़ लेने वाली ह...

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नौकरानी की सच्चाई: जब छोटा आरव अदालत में खड़ा हुआ By Raju kumar Chaudhary

“चोरी के आरोप में नौकरानी अकेली अदालत में पहुँची तभी करोड़पति का बेटा खड़ा हुआ और बोला...”दस साल से भी ज़्यादा समय तक सीमा हर सुबह सूरज उगने से पहले उठ जाती थी ताकि राजगोपाल परिवार...

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प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल By Raju kumar Chaudhary

“प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल”"जिस पति ने मेरे पेट में बच्चा दिया, वो असल में मेरी दौलत का कातिल बनने की साजिश रच रहा था... क्या तुम भी ऐसे प्यार के जाल में फँस च...

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एक लड़की की ज़िंदगी By Varsha Dubey

एक छोटे से शहर में रहने वाली एक साधारण सी लड़की थी, जिसका नाम था आर्या। उसकी ज़िंदगी बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगती थी, लेकिन उसके अंदर कई ऐसे ख्वाब और संघर्ष छिपे थे, जिनके...

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सीमाओं से परे - 4 By ARTI MEENA

पता ही नहीं चला कि दो महीने का समय कैसे निकल गया। शादी की तैयारियों और खरीदारी में दिन कब बीत जाते, किसी को एहसास ही नहीं होता था।घर में हर तरफ शादी की बातें चल रही थीं। कभी कपड़ों...

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मेड की वर्दी में मालिक By Raju kumar Chaudhary

पति ने मुझे प्रमोशन पार्टी में नौकरानी बनाकर अपमानित किया… उसे क्या पता था कि उसी कंपनी की असली मालिक मैं हूँ!महँगी शराब की तीखी खुशबू, आयातित इत्र की महक, और झूमरों की सुनहरी रोशन...

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सन्नाटे में चीखती मुस्कान By Raju kumar Chaudhary

रात के सन्नाटे में सुमन करवट बदलकर रवि को धीमे से पुकारती है, सूजे हुए पैरों और कमर के लगातार दर्द के बारे में भर्राई आवाज़ में कहती है, जिसकी हर लफ़्ज़ में दबी हुई कराह छिपी है… ल...

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स्त्रीतत्त्वम् By Vedanta Life Agyat Agyani

      स्त्रीतत्त्वम् — नया अध्याय   संवेदना ही स्त्री की मौलिकता है   — AgyaT Agyani     प्रारम्भिक सूत्र   स्त्री की मौलिकता संवेदना है —न पुरुष का स्वभाव,न पुरुष की उपलब्धि,...

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गन्दे By कमल चोपड़ा

​गन्दे​कमल चोपड़ा   अपने वक्त से कुछ पहले ही काम पर चली आयी थी मीना। आमतौर पर इस वक्त तक वे लोग सोये होते थे और वह आकर कॉलबैल बजाकर जगाती थी उन्हें, पर आज कोठी का दरवाजा खुला था। म...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 34 By Jyoti Prajapati

महिमा की मुस्कान अब गायब हो चुकी थी। उसने एक गंभीर वकील की तरह फाइल मेज पर रखी और वंशिका की आँखों में झाँका।"वंशिका, अब भावनाएं छोड़ो और कानून का काला सच सुनो। तुम चाहती हो कि मैं प...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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सपनों की डोली। - 4 By softrebel

_जिस दिन वह गया...-एक सुबह के बाद सबकुछ बदल गया।वह अपनी लाचारी पर भावुक हो चुकी थी ,उस रात विकास नगर के बादल ही नहीं नारायणी की आँखें भी बरस रही थीं। टिप टिप टिप...बिजली कड़कने की...

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त्रिशा... - 45 By palvisha

गुनगुन के आने के बाद त्रिशा और राजन के जीवन में खुशियां तो आई पर वहीं खुशियों के साथ  साथ  जिम्मेदारियां भी आई है दोनों पर। जहां एक ओर त्रिशा पर गुनगुन के आने के बाद उसकी देखभाल के...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखिका की लिखित अनुमति के किसी भी रूप में—चाहे इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक, फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग या अन्य किसी...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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अंधी परी और भिखारी का रहस्य By Raju kumar Chaudhary

 अंधी परी और भिखारी का रहस्यएक पिता अपनी अंधी बेटी को बोझ समझकर एक भिखारी से उसका विवाह कर देता है।लेकिन उस अंधी लड़की को नहीं पता कि उसकी किस्मत जल्द ही एक अद्भुत मोड़ लेने वाली ह...

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नौकरानी की सच्चाई: जब छोटा आरव अदालत में खड़ा हुआ By Raju kumar Chaudhary

“चोरी के आरोप में नौकरानी अकेली अदालत में पहुँची तभी करोड़पति का बेटा खड़ा हुआ और बोला...”दस साल से भी ज़्यादा समय तक सीमा हर सुबह सूरज उगने से पहले उठ जाती थी ताकि राजगोपाल परिवार...

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प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल By Raju kumar Chaudhary

“प्यार की साजिश: मेरे बच्चे और मेरी दौलत का खेल”"जिस पति ने मेरे पेट में बच्चा दिया, वो असल में मेरी दौलत का कातिल बनने की साजिश रच रहा था... क्या तुम भी ऐसे प्यार के जाल में फँस च...

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एक लड़की की ज़िंदगी By Varsha Dubey

एक छोटे से शहर में रहने वाली एक साधारण सी लड़की थी, जिसका नाम था आर्या। उसकी ज़िंदगी बाहर से देखने पर बिल्कुल सामान्य लगती थी, लेकिन उसके अंदर कई ऐसे ख्वाब और संघर्ष छिपे थे, जिनके...

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सीमाओं से परे - 4 By ARTI MEENA

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मेड की वर्दी में मालिक By Raju kumar Chaudhary

पति ने मुझे प्रमोशन पार्टी में नौकरानी बनाकर अपमानित किया… उसे क्या पता था कि उसी कंपनी की असली मालिक मैं हूँ!महँगी शराब की तीखी खुशबू, आयातित इत्र की महक, और झूमरों की सुनहरी रोशन...

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सन्नाटे में चीखती मुस्कान By Raju kumar Chaudhary

रात के सन्नाटे में सुमन करवट बदलकर रवि को धीमे से पुकारती है, सूजे हुए पैरों और कमर के लगातार दर्द के बारे में भर्राई आवाज़ में कहती है, जिसकी हर लफ़्ज़ में दबी हुई कराह छिपी है… ल...

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स्त्रीतत्त्वम् By Vedanta Life Agyat Agyani

      स्त्रीतत्त्वम् — नया अध्याय   संवेदना ही स्त्री की मौलिकता है   — AgyaT Agyani     प्रारम्भिक सूत्र   स्त्री की मौलिकता संवेदना है —न पुरुष का स्वभाव,न पुरुष की उपलब्धि,...

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गन्दे By कमल चोपड़ा

​गन्दे​कमल चोपड़ा   अपने वक्त से कुछ पहले ही काम पर चली आयी थी मीना। आमतौर पर इस वक्त तक वे लोग सोये होते थे और वह आकर कॉलबैल बजाकर जगाती थी उन्हें, पर आज कोठी का दरवाजा खुला था। म...

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