hindi Best Women Focused Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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अनामिका By deepanshi garg

मिताली जब केवल छह साल की थी, तब एक भयानक कार दुर्घटना में उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उस हादसे में वह अकेली बची। उसके पिता शहर के जाने-माने उद्योगपति थे और करोड़ों की संपत्ति क...

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टूटता हुआ मन - भाग 3 By prem chand hembram

उस दिन विद्यालय का सभागार खचाखच भरा था। शांतनु मंच पर खड़ा था। उसकी आवाज़ में न कृत्रिमता थी, न प्रदर्शन—केवल अपने परिवार के प्रति सहज श्रद्धा थी।"मैंने अपने दादू को कभी देखा नहीं।...

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कन्या भ्रूण हत्या: एक सामाजिक महामारी, By Kapil Tiwari

भ्रूण हत्या उस अमानवीय कृत्य को कहते हैं जिसमें गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु को सामाजिक दबाव, पति व परिवार के उत्पीड़न, गरीबी, लड़कियों के प्रति संवेदनहीनता और समाज में लड़कों...

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त्रिशा... - 51 By palvisha

कुछ पल के अंतर्द्वंद्व के बाद त्रिशा ने अपनी सास को उस दिन हुई सारी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उसने उन्हें एक एक बात बताई कि उस दिन क्या हुआ था और उसकी सास ने भी पूरा प्रकर...

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मंदिर में तुम - 3 By Sonam Brijwasi

सुबह का वही मंदिर…वही सीढ़ियाँ… वही घंटियों की आवाज़…पर आज…कृतिक के चेहरे पर कुछ अलग था…सुनामी पहले से वहाँ खड़ी थी…जैसे उसे उसका इंतज़ार हो…जैसे ही कृतिक आया…उसने मुस्कुराने की को...

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वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) By Kapil Tiwari

वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप): बदलते सामाजिक परिवेश और कानूनी पेचीदगियों का एक विश्लेषण।वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) का सीधा अर्थ है—जब कोई पति अपनी पत्नी की सहमति के बिना, उसके स...

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कर्मजली कोख... - 2 By kalpita

डॉक्टर भारी कदमों से अपने केबिन में आकर कुर्सी पर बैठ गई।आँखों में अब भी रेशमा की चीखें तैर रही थीं।उन्होंने गहरी सांस ली और सामने खड़े वार्ड बॉय से कहा —“रेशमा के पति आसिफ को बुला...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 14 By Sonam Brijwasi

घर के अंदर हल्की-सी खामोशी थी…बाहर हवा पेड़ों से टकरा रही थी, और अंदर दो लोग एक ऐसे सच के पास खड़े थे जिसे अभी कोई समझ नहीं पा रहा था।कृष्णा ने धीरे से पूछा—वैसे… तुम यहाँ कब से रह...

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प्रदर्शन और आंतरिक रिक्तता By Vedanta Life Agyat Agyani

 प्रदर्शन, आधुनिकता और चेतना: गहराई में छिपा रहस्य— Vedanta 2.0आधुनिकता का वास्तविक अर्थ केवल बाहरी स्वतंत्रता, फैशन, तकनीक या उपभोग नहीं है। उसका गहरा अर्थ है—चेतना का विकास। किंत...

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राहें - 3 By shiromani mathur

बनते बिगड़ते सम्बन्धरात आठ बजे थके हारे साहू साहब आफिस से घर आये तोपत्नी किरण ने पूछा - बहुत थके लग रहे हो? क्या लोगे चाय याखाना लगाऊ।साहू साहब ने कहा - बहुत थकान लग रही है चाय पिल...

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Devil की दास्तान - 3 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का ओपन एरिया। कुछ कर्मचारी कॉफी मशीन के पास खड़े होकर सिमरन का मज़ाक बना रहे हैं।कर्मचारी 1 हंसते हुए बोला -अरे ये तो बिलकुल बच्ची जैसी है। अठारह साल की है पर दिमाग़ से तेरह क...

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स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोज By Vedanta Life Agyat Agyani

स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोजवेदांत 2.0 के नज़रिए सेआज का समाज एक गहरे संक्रमण काल से गुजर रहा है। हम विकास की अंधी दौड़ में इतनी दूर निकल आए हैं कि हमने अपनी सामाजिक जड...

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लोग क्या कहेंगे By Shilpa exam tips

कोई कहता: "इसकी शादी नहीं होगी, curse लग गया है।"मम्मी रोती थी। मैं उनको हंसाती थी: "मम्मी, शादी से पहले IAS बन जाऊंगी तो सबसे बड़ी दहेज लेके आऊंगी - इज़्ज़त।"मम्मी डांट देती: "पाग...

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पंखों का बोझ - 2 By Amardeep Kumar

The Reluctant Heir.           2                         विरासत का बोझयह वो जगह थी जहाँ हर कोई मोक्ष की तलाश में आता था।संजना मिश्रा आज यहाँ अपनी इच्छाओं का गला घोंटने आई थी।घाट पर...

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मम्मी की डायरी By Shilpa exam tips

मम्मी की डायरीमम्मी को गुज़रे छह महीने हो गए थे। उस दिन मैं उनका कमरा साफ कर रहा था। अलमारी में पुराने कपड़े, साड़ियाँ और कुछ कागज़ रखे थे। सबसे नीचे एक छोटी सी, फटे हुए कवर वाली ड...

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जंगल - 41 By Neeraj Sharma

      40 धारावाहिक मे आपने शिबर से थोड़ा दूर बैठा गंगा माँ का निर्मल पानी की गुनगुनाहट सुन रहा था, जिसमे ऐसा लग रहा था संगीत की लय श्री गंगा धर का मधुर मय हो। गोदली हो रही थी... सूर...

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मेरी सबसे बड़ी गलती By Shilpa exam tips

मेरी सबसे बड़ी गलती ये थी कि मैंने अपने सपनों से समझौता कर लिया था।बात दस साल पुरानी है। मैं बारहवीं में थी। पढ़ने में तेज थी, सपने बड़े थे। टीचर बनना था, अपने नाम की पहचान बनानी थ...

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बेचैन By Rakhi

सुबह - सुबह जल्दी उठकर सीता कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी , अपना टिफिन बनाया, सभी को नाश्ता दे वो कॉलेज के लिए निकल गई, रास्ते में सीता अपनी प्रेजेंटेशन के बारे में सोच रही थी,...

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भारतीय नारीत्व : माँ, पत्नी और महागुरु By Vedanta Life Agyat Agyani

 भारतीय नारीत्व : माँ, पत्नी और महागुरु  आधुनिक समानता-वाद स्त्री को पुरुष की नकल बनाने पर तुला है। वह स्त्री के अंतर्ज्ञान, धारण-शक्ति, संकल्प और निर्माण-क्षमता को नजरअंदाज कर देत...

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एक पुराना खत By Akanksha singh

लखनऊ के चौक मोहल्ले में राधा अपने छोटे से घर में अकेली रहती थी। पापा के जाने के बाद से घर बहुत सूना हो गया था। एक दिन राधा ने सोचा कि बहुत दिनों से अलमारी साफ नहीं की। उसने पुराने...

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हवेली से दफ्तर तक - 1 By prachi Gurjar

              अध्याय 1: सोने का पिंजराहवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने से दौड़ना शुरू करे, तो साँस फल जाएगी दूसरे कोने तक पहुँचने से पहले।सेठ ध...

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डॉक्टर सरला का युद्ध क्षेत्र By Wajid Husain

वाजिद हुसैन सिद्दीक़ी की कहानी   घर का छोटा सा कमरा-एक अलमारी, कुछ शीशियां, एक स्टेथोस्कोप कोने में रखे चिकित्सा उपकरण, और मद्धिम सी रोशनी डॉक्टर सरला का युद्ध क्षेत्र था। शहर उस र...

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Honted Jobplace - 15 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सुबह का समय…पुलिस पूरी बिल्डिंग में फैल चुकी है…कृषांत हाथ में पेनड्राइव लिए खड़ा है…उसमें CCTV फुटेज है…पुलिस ऑफिसर बोला - Mr. कृषांत, ये सबूत काफी मजबूत हैं…कुछ ही देर में...

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घर की सीईओ By Vandna Sharma

: गृहिणी नौकरानी नहीं, घर की मालकिन है। 30,000 की 'सैलरी' देकर उसका योगदान मत तौलो। पति की पूरी कमाई पर उसका हक है। *गृहिणी: नौकरानी नहीं, घर की मालकिन*  *लेखिका: वन्दना शर...

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बड़ी बेटी By Vandna Sharma

कहानी बड़ी बेटी*  *लेखिका: वन्दना शर्मा*आज पार्क में ज्यादा भीड़ नहीं थी। बारिश होने का मौसम हो रहा था। ठंडी हवाएँ चल रही थी। कुछ बच्चे झूला झूल रहे थे। कुछ महिलाएँ बेंच पर बैठी अप...

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The Silent Sacrifice By Sah Ankita

अध्याय 1"जब तक मैं 'अंशिका' तन्हा थी, तब तक यह जिंदगी सिर्फ एक गुजारा थी; मैं जी नहीं रही थी, बस सांसें काट रही थी। पर जिस दिन 'मृत्युंजय' मेरी तकदीर से मिला, मुझे...

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स्त्रीतत्त्व: मूल स्वरूप और मौलिक संवेदना By Vedanta Life Agyat Agyani

 भूमिकापहला शब्द आने से पहलेयह पुस्तक पहले से योजनाबद्ध नहीं थी। न यह किसी पुस्तकालय में जन्मी, न किसी शोध-प्रबंध की मेज़ पर, न किसी पाठ्यक्रम के ढाँचे में। यह वैसे आई जैसे सच्ची ब...

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सास से दोस्ती कैसे करें By Shilpa exam tips

*माओं, शादी के बाद सबसे बड़ी जंग किसके साथ होती है? सास के साथ।* *बहू सोचती है "सास ताने मारती है"। सास सोचती है "बहू इज्जत नहीं करती"। और बीच में घर का माहौल खराब।* *मैं भी 2 साल...

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मां के लिए 4आसान तरीके जो घर शांत कर देंगे By Shilpa exam tips

*1. पहले कारण समझो, फिर डांटो*बच्चा बिना वजह ज़िद नहीं करता। कभी उसे भूख लगी होती है, कभी नींद आ रही होती है, कभी बस माँ का ध्यान चाहिए होता है। मेरा बेटा जब रो-रोकर खिलौना मांगता...

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बर्दाश्त की हद By कमल चोपड़ा

 बर्दाश्त की हद कमल चोपड़ा​वह अक्सर चोटें खाकर डॉ. मदान के क्लीनिक पर आती। चोटें लगने का कारण भी हर बार एक ही होता। फिर भी पूछने पर रोते-सिसकते हुए यह बताती कि उसके तो भाग ही फूटे...

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बीते न रैना भाग - 8 By Neeraj Sharma

-------------समय ------------- वही वक़्त कि लहरें जो अक्सर दिमाग़ मे उठती है। ग्रेवाल एक दम से सोच ने लगा," कया बलजीत को कल का कुछ भी मालम नहीं, कया बता कर नहीं गया होगा, तीन बच्चो क...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 30 By Sonam Brijwasi

आधी रात, कमराShreya Karan से लगी हुई है, पर उसका पूरा शरीर बर्फ जैसा था—इतना ठंडा… कि Karan का दिल दहल गया।Karan ने धीरे से उसका चेहरा छुआ—उसकी त्वचा पर पसीने की पतली परत थी।KARAN...

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परायें हुए अपने - 2 By Ravnika

                  ( ससुराल में आगमन )कुसुम का ससुराल उसके घर से क़रीब 40 किलोमीटर की दूरी पर था जहाँ गाड़ी से पहुँचने में 1 घंटे  से कम वक़्त ही लगता था। कुसुम अपने जेठ से घूँघट कर...

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मौत से भागती दुल्हन - 9 By Sonam Brijwasi

किशिराज कमरे से बाहर निकल चुका था। होटल के गलियारे में हल्की-हल्की लाइटें जल रही थीं… और दूर कहीं शहर की आवाज़ गूँज रही थी।उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया। कुछ ही रिंग के बाद कॉ...

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सब्र का फल By Vandna Sharma

_लेखिका: डॉ वंदना शर्मा_---सब्र का फलएक समय की बात है। बिजनौर जिले के एक गाँव कुम्हारपुर में एक जमींदार के घर एक प्यारी सी लड़की शशिबाला का जन्म हुआ। शशी बचपन से ही मेधावी, गृहकार्...

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अनामिका By deepanshi garg

मिताली जब केवल छह साल की थी, तब एक भयानक कार दुर्घटना में उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उस हादसे में वह अकेली बची। उसके पिता शहर के जाने-माने उद्योगपति थे और करोड़ों की संपत्ति क...

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टूटता हुआ मन - भाग 3 By prem chand hembram

उस दिन विद्यालय का सभागार खचाखच भरा था। शांतनु मंच पर खड़ा था। उसकी आवाज़ में न कृत्रिमता थी, न प्रदर्शन—केवल अपने परिवार के प्रति सहज श्रद्धा थी।"मैंने अपने दादू को कभी देखा नहीं।...

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कन्या भ्रूण हत्या: एक सामाजिक महामारी, By Kapil Tiwari

भ्रूण हत्या उस अमानवीय कृत्य को कहते हैं जिसमें गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु को सामाजिक दबाव, पति व परिवार के उत्पीड़न, गरीबी, लड़कियों के प्रति संवेदनहीनता और समाज में लड़कों...

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त्रिशा... - 51 By palvisha

कुछ पल के अंतर्द्वंद्व के बाद त्रिशा ने अपनी सास को उस दिन हुई सारी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उसने उन्हें एक एक बात बताई कि उस दिन क्या हुआ था और उसकी सास ने भी पूरा प्रकर...

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मंदिर में तुम - 3 By Sonam Brijwasi

सुबह का वही मंदिर…वही सीढ़ियाँ… वही घंटियों की आवाज़…पर आज…कृतिक के चेहरे पर कुछ अलग था…सुनामी पहले से वहाँ खड़ी थी…जैसे उसे उसका इंतज़ार हो…जैसे ही कृतिक आया…उसने मुस्कुराने की को...

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वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) By Kapil Tiwari

वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप): बदलते सामाजिक परिवेश और कानूनी पेचीदगियों का एक विश्लेषण।वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) का सीधा अर्थ है—जब कोई पति अपनी पत्नी की सहमति के बिना, उसके स...

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कर्मजली कोख... - 2 By kalpita

डॉक्टर भारी कदमों से अपने केबिन में आकर कुर्सी पर बैठ गई।आँखों में अब भी रेशमा की चीखें तैर रही थीं।उन्होंने गहरी सांस ली और सामने खड़े वार्ड बॉय से कहा —“रेशमा के पति आसिफ को बुला...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 14 By Sonam Brijwasi

घर के अंदर हल्की-सी खामोशी थी…बाहर हवा पेड़ों से टकरा रही थी, और अंदर दो लोग एक ऐसे सच के पास खड़े थे जिसे अभी कोई समझ नहीं पा रहा था।कृष्णा ने धीरे से पूछा—वैसे… तुम यहाँ कब से रह...

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प्रदर्शन और आंतरिक रिक्तता By Vedanta Life Agyat Agyani

 प्रदर्शन, आधुनिकता और चेतना: गहराई में छिपा रहस्य— Vedanta 2.0आधुनिकता का वास्तविक अर्थ केवल बाहरी स्वतंत्रता, फैशन, तकनीक या उपभोग नहीं है। उसका गहरा अर्थ है—चेतना का विकास। किंत...

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राहें - 3 By shiromani mathur

बनते बिगड़ते सम्बन्धरात आठ बजे थके हारे साहू साहब आफिस से घर आये तोपत्नी किरण ने पूछा - बहुत थके लग रहे हो? क्या लोगे चाय याखाना लगाऊ।साहू साहब ने कहा - बहुत थकान लग रही है चाय पिल...

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Devil की दास्तान - 3 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का ओपन एरिया। कुछ कर्मचारी कॉफी मशीन के पास खड़े होकर सिमरन का मज़ाक बना रहे हैं।कर्मचारी 1 हंसते हुए बोला -अरे ये तो बिलकुल बच्ची जैसी है। अठारह साल की है पर दिमाग़ से तेरह क...

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स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोज By Vedanta Life Agyat Agyani

स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोजवेदांत 2.0 के नज़रिए सेआज का समाज एक गहरे संक्रमण काल से गुजर रहा है। हम विकास की अंधी दौड़ में इतनी दूर निकल आए हैं कि हमने अपनी सामाजिक जड...

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लोग क्या कहेंगे By Shilpa exam tips

कोई कहता: "इसकी शादी नहीं होगी, curse लग गया है।"मम्मी रोती थी। मैं उनको हंसाती थी: "मम्मी, शादी से पहले IAS बन जाऊंगी तो सबसे बड़ी दहेज लेके आऊंगी - इज़्ज़त।"मम्मी डांट देती: "पाग...

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The Reluctant Heir.           2                         विरासत का बोझयह वो जगह थी जहाँ हर कोई मोक्ष की तलाश में आता था।संजना मिश्रा आज यहाँ अपनी इच्छाओं का गला घोंटने आई थी।घाट पर...

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मम्मी की डायरी By Shilpa exam tips

मम्मी की डायरीमम्मी को गुज़रे छह महीने हो गए थे। उस दिन मैं उनका कमरा साफ कर रहा था। अलमारी में पुराने कपड़े, साड़ियाँ और कुछ कागज़ रखे थे। सबसे नीचे एक छोटी सी, फटे हुए कवर वाली ड...

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      40 धारावाहिक मे आपने शिबर से थोड़ा दूर बैठा गंगा माँ का निर्मल पानी की गुनगुनाहट सुन रहा था, जिसमे ऐसा लग रहा था संगीत की लय श्री गंगा धर का मधुर मय हो। गोदली हो रही थी... सूर...

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बेचैन By Rakhi

सुबह - सुबह जल्दी उठकर सीता कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी , अपना टिफिन बनाया, सभी को नाश्ता दे वो कॉलेज के लिए निकल गई, रास्ते में सीता अपनी प्रेजेंटेशन के बारे में सोच रही थी,...

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भारतीय नारीत्व : माँ, पत्नी और महागुरु By Vedanta Life Agyat Agyani

 भारतीय नारीत्व : माँ, पत्नी और महागुरु  आधुनिक समानता-वाद स्त्री को पुरुष की नकल बनाने पर तुला है। वह स्त्री के अंतर्ज्ञान, धारण-शक्ति, संकल्प और निर्माण-क्षमता को नजरअंदाज कर देत...

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एक पुराना खत By Akanksha singh

लखनऊ के चौक मोहल्ले में राधा अपने छोटे से घर में अकेली रहती थी। पापा के जाने के बाद से घर बहुत सूना हो गया था। एक दिन राधा ने सोचा कि बहुत दिनों से अलमारी साफ नहीं की। उसने पुराने...

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हवेली से दफ्तर तक - 1 By prachi Gurjar

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डॉक्टर सरला का युद्ध क्षेत्र By Wajid Husain

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Honted Jobplace - 15 By Sonam Brijwasi

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घर की सीईओ By Vandna Sharma

: गृहिणी नौकरानी नहीं, घर की मालकिन है। 30,000 की 'सैलरी' देकर उसका योगदान मत तौलो। पति की पूरी कमाई पर उसका हक है। *गृहिणी: नौकरानी नहीं, घर की मालकिन*  *लेखिका: वन्दना शर...

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बड़ी बेटी By Vandna Sharma

कहानी बड़ी बेटी*  *लेखिका: वन्दना शर्मा*आज पार्क में ज्यादा भीड़ नहीं थी। बारिश होने का मौसम हो रहा था। ठंडी हवाएँ चल रही थी। कुछ बच्चे झूला झूल रहे थे। कुछ महिलाएँ बेंच पर बैठी अप...

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अध्याय 1"जब तक मैं 'अंशिका' तन्हा थी, तब तक यह जिंदगी सिर्फ एक गुजारा थी; मैं जी नहीं रही थी, बस सांसें काट रही थी। पर जिस दिन 'मृत्युंजय' मेरी तकदीर से मिला, मुझे...

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स्त्रीतत्त्व: मूल स्वरूप और मौलिक संवेदना By Vedanta Life Agyat Agyani

 भूमिकापहला शब्द आने से पहलेयह पुस्तक पहले से योजनाबद्ध नहीं थी। न यह किसी पुस्तकालय में जन्मी, न किसी शोध-प्रबंध की मेज़ पर, न किसी पाठ्यक्रम के ढाँचे में। यह वैसे आई जैसे सच्ची ब...

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सास से दोस्ती कैसे करें By Shilpa exam tips

*माओं, शादी के बाद सबसे बड़ी जंग किसके साथ होती है? सास के साथ।* *बहू सोचती है "सास ताने मारती है"। सास सोचती है "बहू इज्जत नहीं करती"। और बीच में घर का माहौल खराब।* *मैं भी 2 साल...

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*1. पहले कारण समझो, फिर डांटो*बच्चा बिना वजह ज़िद नहीं करता। कभी उसे भूख लगी होती है, कभी नींद आ रही होती है, कभी बस माँ का ध्यान चाहिए होता है। मेरा बेटा जब रो-रोकर खिलौना मांगता...

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बर्दाश्त की हद By कमल चोपड़ा

 बर्दाश्त की हद कमल चोपड़ा​वह अक्सर चोटें खाकर डॉ. मदान के क्लीनिक पर आती। चोटें लगने का कारण भी हर बार एक ही होता। फिर भी पूछने पर रोते-सिसकते हुए यह बताती कि उसके तो भाग ही फूटे...

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बीते न रैना भाग - 8 By Neeraj Sharma

-------------समय ------------- वही वक़्त कि लहरें जो अक्सर दिमाग़ मे उठती है। ग्रेवाल एक दम से सोच ने लगा," कया बलजीत को कल का कुछ भी मालम नहीं, कया बता कर नहीं गया होगा, तीन बच्चो क...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 30 By Sonam Brijwasi

आधी रात, कमराShreya Karan से लगी हुई है, पर उसका पूरा शरीर बर्फ जैसा था—इतना ठंडा… कि Karan का दिल दहल गया।Karan ने धीरे से उसका चेहरा छुआ—उसकी त्वचा पर पसीने की पतली परत थी।KARAN...

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परायें हुए अपने - 2 By Ravnika

                  ( ससुराल में आगमन )कुसुम का ससुराल उसके घर से क़रीब 40 किलोमीटर की दूरी पर था जहाँ गाड़ी से पहुँचने में 1 घंटे  से कम वक़्त ही लगता था। कुसुम अपने जेठ से घूँघट कर...

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मौत से भागती दुल्हन - 9 By Sonam Brijwasi

किशिराज कमरे से बाहर निकल चुका था। होटल के गलियारे में हल्की-हल्की लाइटें जल रही थीं… और दूर कहीं शहर की आवाज़ गूँज रही थी।उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया। कुछ ही रिंग के बाद कॉ...

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सब्र का फल By Vandna Sharma

_लेखिका: डॉ वंदना शर्मा_---सब्र का फलएक समय की बात है। बिजनौर जिले के एक गाँव कुम्हारपुर में एक जमींदार के घर एक प्यारी सी लड़की शशिबाला का जन्म हुआ। शशी बचपन से ही मेधावी, गृहकार्...

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