hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • यह किताब क्यों पढ़ी ?

    समय बहुत जल्दी बदल जाता है। आज एक फ़ोन के भीतर बच्चों बड़ो बूढ़ों ओर महिलाओ के लिए...

  • कुछ आश् अधुरी सी.......

    वैसे तो हर मा-बाप का सपना है की उनकी बच्चें बडे हो, अच्छा पढाई करे और कु...

  • भाग गई दलिद्दर

    “भाग गई दलिद्दर”आर0 के0 लालराधिका को वह दिन कभी नहीं भूलता जब वह दीपावली के बाद...

यह किताब क्यों पढ़ी ? By Neelima Sharrma Nivia

समय बहुत जल्दी बदल जाता है। आज एक फ़ोन के भीतर बच्चों बड़ो बूढ़ों ओर महिलाओ के लिए सारी दुनिया है । कोई सूचना चाहिए बस ...ओके गूगल कहकर प्रश्न कर दो ,गूगल बाबा की बिटिया तुरंत जवाब...

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कुछ आश् अधुरी सी....... By Kalpana Sahoo

वैसे तो हर मा-बाप का सपना है की उनकी बच्चें बडे हो, अच्छा पढाई करे और कुछ अच्छा सा नौकरी करे । अपने पैर पर खुद खडे हो सके । इसलिए उनसे जो बनपाता है सब वो करते हैं । फिर भी...

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भाग गई दलिद्दर By r k lal

“भाग गई दलिद्दर”आर0 के0 लालराधिका को वह दिन कभी नहीं भूलता जब वह दीपावली के बाद वाली एकादशी को अपने गांव के घर से अपनी सासू मां के साथ सूप बजाते हुए दलिद्दर खेदते हुए दक्षिण दिशा व...

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उजाले की ओर - 17 By Pranava Bharti

------------------------ आ. स्नेही एवं प्रिय मित्रों            नमस्कार            हम उलझे रहे अच्छे-बुरे में...

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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया By Saroj Prajapati

नीलम जैसे ही काम करके बैठी, तभी दरवाजे की घंटी बज गई। उसके बेटे ने दरवाजा खोला तो सामने उसके चाचा चाची थे। उसने नमस्ते कर, उन्हें अंदर बुलाया। उन्हें देखकर नीलम व उसके पति एक साथ ब...

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मुक्ति की ओर By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ [अभी अभी १६ दिसंबर प्रधानमंत्री विजय दिवस के उपलक्ष में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे .ये स्मारक सन १९७१ के पाकिस्तान से हुये युद्ध में शहीदों की स्मृति...

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नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिए By r k lal

नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिएआर 0 के 0 लालमम्मी! तुमको क्या यह बात हजार बार बतानी पड़ेगी या लिख कर दूँ कि इस तरह का खाना मैं नहीं खा सकता। रोज-रोज एक ही नाश्ता तुम बनाती हो, वही अ...

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समय, मैं और वादा By शिवाय

एक बात तो सही ही है कि परीक्षाएं हर मोड़ पर होती है पर किस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हो और किस में अनुत्तीर्ण ये समय और स्तिथि पर निर्भर करता है समय और स्तिथि दोनो ही आपके वो अध्याप...

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लोग गुस्से में चीखते है और प्रेम में मौन हो जाते है। By Krishna Timbadiya

गंगा किनारे स्नान करते गुरु और उसके चेलों ने देखा की एक परिवार वाले गुस्से में एक-दूसरे पर चीख चिल्ला रहे थे। एक चेले ने अन्य चेलो से पूछा, 'लोग गुस्से में होते है तभी एक-दूसरे...

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राधा बाई By Rajesh Maheshwari

राधा बाई मेरे एक मित्र है रमणीक भाई। उनके घर में एक वृद्ध महिला काम करती है उनका नाम है राधाबाई। राधाबाई उस घर के सदस्य के रूप में है। सभी बच्चे उन...

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मानवीयता By Rajesh Maheshwari

मानवीयता राजीव और हरीश आपस में मित्र थे। दोनो इंजीनियरिंग कालेज के अंतिम वर्ष के छात्र थे। दुर्भाग्यवश दोनो ही अनुत्तीर्ण हो गए। हरीश एक ठाकुर परिवार से संबंध रखता था। उसके माता...

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जीवन का सत्य By Rajesh Maheshwari

जीवन का सत्य एक सुप्रसिद्ध महात्मा जी से एक नेताजी ने पूछा कि वे चाहते है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिवार का भविष्य व्यवस्थित रहे। महात्मा जी ने मु...

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सुधार गृह By Anita Bhardwaj

"अरे!! लड़का तो शरीफ है हमारा, बस मोहल्ले के लड़कों ने इसे बिगाड़ दिया है। इसका ब्याह कर दूंगी तो सुधर जाएगा। कोई लड़की बताओ जीजी! कम पढ़ी लिखी हो, चाहे कितनी भी गरीब हो, अपने ही घ...

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बूंद से सागर बने कर्मवीर - 3 By Rajesh Maheshwari

विवेक अग्निहोत्री (अमेरिका) विवेक अग्निहोत्री अमेरिका में विगत 25 वर्षों से अमेरिकी सरकार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जबलपुर स...

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एक थी दक्षिता By Lovelesh Dutt

धनानन्द से अपमानित चाणक्य ने नंदवंश के नाश का संकल्प लेने के बाद चंद्रगुप्त को तक्षशिला में प्रवेश दिला दिया। उन्हें पता था कि एक भयानक संकट सिकंदर के रूप में भारत की ओर तेजी से बढ...

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अर्थ पथ - 19 - आध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास By Rajesh Maheshwari

आध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास आप नौकरी में मालिक को अपनी सेवाओं से इतना प्रभावित करें कि आपका मालिक अपने कार्यों को सफलता पूर्वक निपटाने के लिए आप पर निर्भर हो जाए तब आप ऐसी पर...

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माँ का हौंसला By आशा झा Sakhi

सृष्टिकर्ता ने जब इस संसार में प्राणियों की रचना की ,तो माँ के निर्माण में उसने भावनाओं और हिम्मत का एक विशेष अवयव अलग से सम्मिलित किया । एक माँ अपनी संतान के लिए दुनिया में किसी...

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पिता, पुत्र और मतभेद By शिवाय

बचपन, कितना प्यारा होता है ये हम सब जानते है कोई चिंता नही होती, बस एक हट कि ये चाहिए वो चाहिए और एक अलग ही दुनिया मे काल्पनिकता के बीच मस्ती में गुज़रता चला जाता है।ये कहानी एक पित...

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खुशियों की चाबी By S Choudhary

खुशियां कभी भी धन ,पद,प्रतिष्ठा की मोहताज नही है।कुछ साल पहले एक मित्र की शादी हुई लेकिन इस लड़की से शादी करने का उसका मन नही था।तो भी घरवालो ने करवा दी।शुरू के दिनों में बीवी से बस...

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ख़ामोशी बोलती है By Anamika anoop Tiwari

'रमेश..आगे एक मोड़ आएगा वहाँ एक चाय की गुमटी होगी, थोड़ी देर के लिए कार रोक लेना'. 'मैडम..आप की चाय की थर्मस ले कर आया हूं' रमेश थोड़ा चौंकते हुए बोला.इस का चौंकना सही...

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हैप्पी बर्थडे टू मी By Saroj Prajapati

कल तो हमारी ब्यूटीफुल गर्ल का बर्थडे है और बता कहां सेलिब्रेट कर रहे हो? वैसे मुझे पता है, हमारे जीजा जी ने कुछ खास प्लान बना कर रखा होगा, अपनी खूबसूरत प्यारी सी बीवी के लिए। वैसे...

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चाणक्य नीति - 8 - अंतिम भाग By MB (Official)

  भाग—8 वह व्यक्ति जिसका ह्रदय हर प्राणी मात्र के प्रति करुणा से पिघलता है. उसे जरुरत क्या है किसी ज्ञान की, मुक्ति की, सर के ऊपर जटाजूट रखने की और अपने शारीर पर राख मलन...

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अनोखा रूमाल By RACHNA ROY

किशनगढ़ में मानस नाम का किसान अपने परिवार के साथ रहता है। और दिन रात मेहनत कर के अपने परिवार को चलाता है। मानस का एक बेटा है पर वह हमेशा बिमार रहता है, जिस कारण मानस और र...

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राधा का गाँव By TEJ VEER SINGH

राधा का गाँव - कहानी – भोला की शादी को आठ साल हो गये। लेकिन औलाद नहीं हुई। उसकी माँ पारो अपने बेटे की संतान का मुँह देखने को तरसती रही और आखिरकार चल बसी। बापू तो उसकी शादी के दो स...

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बोनसाई के जंगल By Rita Gupta

बोनसाई के जंगल new द्वारा रीता गुप्ता

रूही आज फिर फंस गई थी बोनसाई के जंगलों में। प्यास से उसका गला सूख रहा था, रूही ताजी हवा के लिए तरस रही थी। सांसें बोझिल हो रहीं...

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यह किताब क्यों पढ़ी ? By Neelima Sharrma Nivia

समय बहुत जल्दी बदल जाता है। आज एक फ़ोन के भीतर बच्चों बड़ो बूढ़ों ओर महिलाओ के लिए सारी दुनिया है । कोई सूचना चाहिए बस ...ओके गूगल कहकर प्रश्न कर दो ,गूगल बाबा की बिटिया तुरंत जवाब...

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कुछ आश् अधुरी सी....... By Kalpana Sahoo

वैसे तो हर मा-बाप का सपना है की उनकी बच्चें बडे हो, अच्छा पढाई करे और कुछ अच्छा सा नौकरी करे । अपने पैर पर खुद खडे हो सके । इसलिए उनसे जो बनपाता है सब वो करते हैं । फिर भी...

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भाग गई दलिद्दर By r k lal

“भाग गई दलिद्दर”आर0 के0 लालराधिका को वह दिन कभी नहीं भूलता जब वह दीपावली के बाद वाली एकादशी को अपने गांव के घर से अपनी सासू मां के साथ सूप बजाते हुए दलिद्दर खेदते हुए दक्षिण दिशा व...

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------------------------ आ. स्नेही एवं प्रिय मित्रों            नमस्कार            हम उलझे रहे अच्छे-बुरे में...

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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया By Saroj Prajapati

नीलम जैसे ही काम करके बैठी, तभी दरवाजे की घंटी बज गई। उसके बेटे ने दरवाजा खोला तो सामने उसके चाचा चाची थे। उसने नमस्ते कर, उन्हें अंदर बुलाया। उन्हें देखकर नीलम व उसके पति एक साथ ब...

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मुक्ति की ओर By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ [अभी अभी १६ दिसंबर प्रधानमंत्री विजय दिवस के उपलक्ष में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे .ये स्मारक सन १९७१ के पाकिस्तान से हुये युद्ध में शहीदों की स्मृति...

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नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिए By r k lal

नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिएआर 0 के 0 लालमम्मी! तुमको क्या यह बात हजार बार बतानी पड़ेगी या लिख कर दूँ कि इस तरह का खाना मैं नहीं खा सकता। रोज-रोज एक ही नाश्ता तुम बनाती हो, वही अ...

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समय, मैं और वादा By शिवाय

एक बात तो सही ही है कि परीक्षाएं हर मोड़ पर होती है पर किस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हो और किस में अनुत्तीर्ण ये समय और स्तिथि पर निर्भर करता है समय और स्तिथि दोनो ही आपके वो अध्याप...

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लोग गुस्से में चीखते है और प्रेम में मौन हो जाते है। By Krishna Timbadiya

गंगा किनारे स्नान करते गुरु और उसके चेलों ने देखा की एक परिवार वाले गुस्से में एक-दूसरे पर चीख चिल्ला रहे थे। एक चेले ने अन्य चेलो से पूछा, 'लोग गुस्से में होते है तभी एक-दूसरे...

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राधा बाई By Rajesh Maheshwari

राधा बाई मेरे एक मित्र है रमणीक भाई। उनके घर में एक वृद्ध महिला काम करती है उनका नाम है राधाबाई। राधाबाई उस घर के सदस्य के रूप में है। सभी बच्चे उन...

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मानवीयता By Rajesh Maheshwari

मानवीयता राजीव और हरीश आपस में मित्र थे। दोनो इंजीनियरिंग कालेज के अंतिम वर्ष के छात्र थे। दुर्भाग्यवश दोनो ही अनुत्तीर्ण हो गए। हरीश एक ठाकुर परिवार से संबंध रखता था। उसके माता...

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जीवन का सत्य By Rajesh Maheshwari

जीवन का सत्य एक सुप्रसिद्ध महात्मा जी से एक नेताजी ने पूछा कि वे चाहते है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिवार का भविष्य व्यवस्थित रहे। महात्मा जी ने मु...

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सुधार गृह By Anita Bhardwaj

"अरे!! लड़का तो शरीफ है हमारा, बस मोहल्ले के लड़कों ने इसे बिगाड़ दिया है। इसका ब्याह कर दूंगी तो सुधर जाएगा। कोई लड़की बताओ जीजी! कम पढ़ी लिखी हो, चाहे कितनी भी गरीब हो, अपने ही घ...

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बूंद से सागर बने कर्मवीर - 3 By Rajesh Maheshwari

विवेक अग्निहोत्री (अमेरिका) विवेक अग्निहोत्री अमेरिका में विगत 25 वर्षों से अमेरिकी सरकार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जबलपुर स...

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आध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास आप नौकरी में मालिक को अपनी सेवाओं से इतना प्रभावित करें कि आपका मालिक अपने कार्यों को सफलता पूर्वक निपटाने के लिए आप पर निर्भर हो जाए तब आप ऐसी पर...

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माँ का हौंसला By आशा झा Sakhi

सृष्टिकर्ता ने जब इस संसार में प्राणियों की रचना की ,तो माँ के निर्माण में उसने भावनाओं और हिम्मत का एक विशेष अवयव अलग से सम्मिलित किया । एक माँ अपनी संतान के लिए दुनिया में किसी...

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पिता, पुत्र और मतभेद By शिवाय

बचपन, कितना प्यारा होता है ये हम सब जानते है कोई चिंता नही होती, बस एक हट कि ये चाहिए वो चाहिए और एक अलग ही दुनिया मे काल्पनिकता के बीच मस्ती में गुज़रता चला जाता है।ये कहानी एक पित...

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खुशियों की चाबी By S Choudhary

खुशियां कभी भी धन ,पद,प्रतिष्ठा की मोहताज नही है।कुछ साल पहले एक मित्र की शादी हुई लेकिन इस लड़की से शादी करने का उसका मन नही था।तो भी घरवालो ने करवा दी।शुरू के दिनों में बीवी से बस...

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ख़ामोशी बोलती है By Anamika anoop Tiwari

'रमेश..आगे एक मोड़ आएगा वहाँ एक चाय की गुमटी होगी, थोड़ी देर के लिए कार रोक लेना'. 'मैडम..आप की चाय की थर्मस ले कर आया हूं' रमेश थोड़ा चौंकते हुए बोला.इस का चौंकना सही...

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हैप्पी बर्थडे टू मी By Saroj Prajapati

कल तो हमारी ब्यूटीफुल गर्ल का बर्थडे है और बता कहां सेलिब्रेट कर रहे हो? वैसे मुझे पता है, हमारे जीजा जी ने कुछ खास प्लान बना कर रखा होगा, अपनी खूबसूरत प्यारी सी बीवी के लिए। वैसे...

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चाणक्य नीति - 8 - अंतिम भाग By MB (Official)

  भाग—8 वह व्यक्ति जिसका ह्रदय हर प्राणी मात्र के प्रति करुणा से पिघलता है. उसे जरुरत क्या है किसी ज्ञान की, मुक्ति की, सर के ऊपर जटाजूट रखने की और अपने शारीर पर राख मलन...

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अनोखा रूमाल By RACHNA ROY

किशनगढ़ में मानस नाम का किसान अपने परिवार के साथ रहता है। और दिन रात मेहनत कर के अपने परिवार को चलाता है। मानस का एक बेटा है पर वह हमेशा बिमार रहता है, जिस कारण मानस और र...

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राधा का गाँव By TEJ VEER SINGH

राधा का गाँव - कहानी – भोला की शादी को आठ साल हो गये। लेकिन औलाद नहीं हुई। उसकी माँ पारो अपने बेटे की संतान का मुँह देखने को तरसती रही और आखिरकार चल बसी। बापू तो उसकी शादी के दो स...

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बोनसाई के जंगल By Rita Gupta

बोनसाई के जंगल new द्वारा रीता गुप्ता

रूही आज फिर फंस गई थी बोनसाई के जंगलों में। प्यास से उसका गला सूख रहा था, रूही ताजी हवा के लिए तरस रही थी। सांसें बोझिल हो रहीं...

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