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तुम्हारी छबि एक दम धुंधली हो गई है... एक दम अपरिचित , मेरे सिरहाने जब तुम्हारी छबि दिखती तो एकाएक में भय से सहम जाती...मेरी देह ठंडी हो जाती , और उस अवस्था में, मैं तुम्हे साफ देखने की कोशिश करती.... तुम मुझे दिखते... एकदम स्पष्ट पर वह चेहरा प्रेम का नहीं, बल्कि एक अंतहीन तृष्णा .....में डूबा हुआ होता है। तुम्हारी आँखों में वह चमक नहीं, बल्कि एक भयावह रिक्तता ....होती है, जो मुझे भीतर तक सुन्न कर देती है।" @shivaninany
अब तुम आना ही मत... क्योंकि अब मैं सीख गई अकेले चलना , अब में सीख गई सकरी गलियों को लांघना, अब मैं सीख गई मौन रहना, और मैं सीख गई हर वो काम जिसको सिखाया जाता प्रेम से अपने पन से और वात्सल्य से,, मैं सीख गई वो सब गर्म आंसुओं के ताप से, अब तुम आना ही मत खो जाना गुम हो जाना या कहीं रह जाना अब तुम आना मत.. @shivaninany
मनुष्य का मनुष्य बने रहने के लिए, ईश्वर की मृत्यु बेहद ही अनिवार्य है।
किताबों के गणित से ज्यादा मुश्किल होता मन के गणित को हल करना,, अनेक पन्ने भरते भरते उत्तर गलत ही निकाल देती क्योंकि गणित में कमजोर नहीं क्योंकि उत्तर मेरे पक्ष में कभी होगा ही नहीं,, इसलिए मन के भूगोल के पीछे भाग रही और इतनी अपरिपक्व हो जाती घूम के वहीं आ जाती और अपने संवेदनाओं के व्याकरण को और कठिन बना देना चाहती और जब भी बेहतर होती, मेरे व्यक्तित्व का दर्शन आके मुझे झकझोर देता और मैं फिर शून्य में जाके बस मुस्कुरा देती.....
किसे मिल गया यह गणतंत्र? और किसके दरवाज़े पर आज भी 'नाम' का पहरा है? 2026 की दहलीज़ पर खड़ा होकर भी, अगर कोई आज भी 'हाशिए' की बेड़ियों में कैद है, तो समानता के ये सारे उत्सव... महज़ एक रस्म हैं, एक अधूरा सपना हैं। उन पुरखों के संघर्षों को सिर्फ मालाओं में न बांधो, उनके उन सवालों को ज़िंदा करो, जो आज भी जवाब माँगते हैं। क्योंकि जब तक न्याय की चौखट सबके लिए एक समान नहीं, तब तक यह गणतंत्र प्यासा है... और हमारा चुप रहना, इस प्यास को बढ़ाने जैसा है।"
एक डाल पर जब दो हरे नन्हें पत्ते आते हैं उनमें में से सबसे छोटा ,और नन्हा पत्ता... वही तो है मेरा मन...
हर पत्थर व्यक्ति के हिस्से आए एक कलाकार आए जो बना दे उसे ईश्वर ...💌 @shivaninany
इस जगत में दो परिभाषाएँ कभी पूरी नहीं होतीं, कभी सार्थक नहीं होतीं – न सफलता की, न ख़ूबसूरती की। हर कसौटी पर खरी नहीं उतरतीं।इसलिए मैं फाड़ देती हूँ वह पन्ना जहाँ कोई इन दोनों को परिभाषित करने की चेष्टा करता है।
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