The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
जब सुख और दुख कल्पनाओं की अगुवाई में अधिकार गर्वित पोषण पा लेते हैं तब भावानाये अपराधी बनकर खुद को दण्डित करने लगती है । काल्पनिक सुख वास्तविक दुख और अशांति में परिवर्तित हो जाता है।-Ruchi Dixit
विश्व में व्याप्त संकट ,जनपीड़ा महसूस करना और महसूस होना एक विषय दो मुख है एक मूल तो दूसरी शाखायें हैं । प्रार्थनायें भी ऐसी ही हैं । - Ruchi Dixit
हज़ारों की भी में भी संवाद होता है लगाव हमेशा भारी पड़ता है व्यस्तता पर । - Ruchi Dixit
प्रेम लगाव अपनापन उम्मीद अपेक्षा एक साथ मिलकर शिकायत का रुप ले लेती है किन्तु बेवजह विवाद बहस और आदर न होने पर बीच से उम्मीद अपेक्षा पीछे हटने लगती है और सब संतुलन में आ जाता है-Ruchi Dixit
जिसे धीरे - धीरे पता चल रहा हो वह क्या है वह दूसरों के मूल्यांकन का मोहताज नही होता ।- Ruchi Dixit
शब्द अव्यवस्थित असमर्थ रहते हैं तु जरूर मेरा अन्तर पढ़ती है! शब्द अपूर्ण निकलते हैं मेरे! तु जरूर बचे मौन को सुनती हैं तु करती है समझ से परे! क्योंकि तु समझती है समझ में रहती है । - Ruchi Dixit
कैद हूं खुद , खुद से ,खुद में,,,, - Ruchi Dixit
गुप्तदान?? क्या मकर संक्रांति पर लड्डू के भीतर सिक्का रखकर दिया गया दान कहलाता है? वास्तव में गुप्तदान का अर्थ विषय वस्तुओं के माध्यम से अपने अहंकार का दान करना है । हमने एक भूखे को भोजन कराया! हमारे द्वारा एक भूखे को भोजन कराया गया । एक ही कर्म के दो भाव है इन दोनो भावों का त्याग और निर्लिप्तता ही गुप्तदान है। लड्डू के भीतर रखकर दान किया गया सिक्का सहजता और सरलता हो सकती है किन्तु गुप्तदान का अर्थ नही । - Ruchi Dixit
प्रेम? किसी को आधार बनाकर किया गया खुद से प्रेम एकान्त के अनुभव को प्राप्त कर यह अन्तरमुखी हो जाता यदि स्थाई हो जाये तो आनन्द में परिवर्तित । - Ruchi Dixit
क्या बस इतनी ही कहानी थी जैसे कोई कहानी न थी , क्या इतना ही परिचय था जैसे कोई परिचय न था , क्या कुछ था या कुछ नहीं था ? था तो क्या सब खत्म सा है सवाल था खुद का खुद से है । - Ruchi Dixit
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser