The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
अपनेपन के गुच्छे मौलिकता, वादों के ढर्रे यह सब समय की रेत पर फिसल जाती है बचती है कुछ शिकायतें सूनापन इन सबके बीच एक किवाड़ बन्द एक कोना जहां हल्की धूप उम्मीद की फिर भी पहुंच रही है कहीं से बचते बचाते - Ruchi Dixit
बेवजह बाहर थी नजर शायद.. बैठ न पाया मन रहा घूमता गुजरे वक्त से शिकायत की मोड़कर भीतर दृष्टि की न गई.... - Ruchi Dixit
...
.....
कभी आँखो पर गौर किया है यदि भगवान के दर्शन का फल मिलता है तो क्या अनाचार देखने का नहीं मिलता होगा???
... - Ruchi Dixit
जात -पात का अर्थ उसके मूल को समझना जरुरी है बिना समझे , दीर्घ विश्लेषण निष्कर्ष उचित नहीं । इसका अर्थ यह नहीं कि मैं जात -पात ,धर्म विभाजन की समर्थक हूँ । मेरा एक अपना अलग दृष्टिकोण है जहाँ मुझे इसकी आवश्यकता लगती है क्योंकि यह कोई आज की व्यवस्था नहीं बल्कि व्यवस्था की अनुकूलता है। Ruchi_Dixit
जात -पात को बुरा बताने वाले लाभ लेने के लिए सर्टिफिकेट बनवाते हैं । विडम्बना :उनके ही मन की किया जाये तो भी हाय तौबा मचातेे हैं। - Ruchi Dixit
रहे निर्दोष खुद को बचाकर चलने वाले जिये जोे दिल -भावना से पैरवी करने वाले दूसरों की गलती को सर माथे ले खुद को कोसते रहे उम्र भर... - Ruchi Dixit
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser