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dear ज़िंदगी अब surprize देना....सदमा नहीं😂🥰 - rakhi jain
तेरे सिवा और कहां जाऊ जो रोशनी तुझसे है वो ना पा पाऊं ना करीब आ सकू तपन से न खो सकूं अंधेर में मैं यूं ही हु पता है मुझे यूं ही रहना है
एक तेरा होना मेरे लिए जहान सा है तेरा इंतेज़ार भी है.. और तुझी से दूर जाना है ♥️♥️♥️ चाहूं तुझे छुपा कर रखना खुद में गर बंदिश न होती सच में तू किसी और का न होता.. हमदोनो बराबर है एक दूजे के लिए तू ये न सोच मेरा निभाना बाकी रहा मैं तुझे थाम न पाई ये गिला मेरा भी रहा
बस एक ही दुआ है बस तेरी हो के रहूं.. बाकी बदले में सारी खुशियां तेरे सर करूं
मैं चाहूं तुम्हे ज़ाना इतना मैं चाहूं तुम्हे ज़ाना इतना... खामोशी में भी वफ़ा तुझी से ज़ाना दिल करता है सदके तेरे तेरी बाहों बना मेरा आशियां मैं चाहूं तुझे ज़ाना इतना खामोशी में भी वफ़ा तुझी से ज़ाना ये ठंड हवा जो चलती है वो तेरी छुअन सी लगती है जो ज़मीं पर चलूं तो तेरा सफर वो लगती है किसी ओर पहुंचूं मैं तुझ तक ये आहे कहती है मैं चाहूं तुझे हद तक मेरा वजूद इसे ठहरा है मैं चाहूं तुम्हे जाना इतना खामोशी में भी वफ़ा तुझी से ज़ाना किस ओर खड़े हो तुम किसी छोर पे मैं अटकी हूं तुम ही हो मेरे हिस्से ये मान के बैठी हु किसी ओर न अब चलना बस तुझ पर चलना है तू भले हो चांद सा मुझे तुझे ही तकना है मैं चाहूं तुझे ज़ाना इतना ख़ामोशी में भी वफ़ा तुझी से ज़ाना जो प्यार तुझसे वो उतना ही था मुझमें जो और बाकी हो मुझमें वो भी वारु मैं तुझपे ना चाह कोई मेरी ना कोई निशाना है हर बात तू ही है और तू ही फसाना है मैं चाहूं तुझे ज़ाना इतना खामोशी में भी वफ़ा तुझी से ज़ाना
किसी के जाने का दर्द कभी कम नहीं होता वो वक्त के साथ साथ कम नहीं होता वो गहरा होता जाता है अंदर ही अंदर किसी ब्लैकहोल की तरह हो जाता ह जोै कहने के लिए एक छोटा सा बिंदु है पर उसका असर बहुत विस्तृत है चारों ओर हैं फिर भी दुनिया से अदृश्य है।
सबका भला कर ए मालिक सबको साथ दे सबकी शांति का ख्याल रख एक तू ही तो है जो बिना रिश्ते के भी सबका है - rakhi jain
इस भरे शहर में अपना ढूंढ रहे हो सबकी आंखों में प्यार ढूंढ रहे हो ढूंढने से प्यार मिलता नहीं है प्यार मिलता तभी है जब होता है - rakhi jain
स्त्री ने जब भी दिया हैं पाए से ज्यादा ही दिया है और अपेक्षा की हैं तो संभावित से भी कम की हैं
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