Quotes by Rajiv in Bitesapp read free

Rajiv

Rajiv

@raj7802


त्योहारों में ठहराव नहीं होता,
आने-जाने की क्रिया से बँधे होते हैं।

जीवन में ऐसे भी मित्र होते हैं,
जिनमें ठहराव नहीं होता।

वे जाने की क्रिया से बँधे होते हैं,
आने की क्रिया उनमें नहीं होती।
rajiv

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दो पल
उधार दोगे तुम?

चाय पीनी है
तुम्हारे साथ
इन उधार वाले पलों में।

तुम व्यर्थ समझकर
डूबत खाते में
लिख देना
इन दो पलों को

और मैं,
डूब कर
ज़िंदगी जी लूँगी
इन दो पलों में।
rajiv

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वह समझता है
बहती नदी की
भाषा

वह चाहता है
जाती नदी को
रोकना
उसके संग रहना

पर पहाड़ को
कहाँ आता है
कुछ कहना

उसे तो आता है
सदियों तक
प्रतीक्षा करना
ठहरना

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पुरानी डायरी में एक पता
पन्नों के बीच सिमटा हुआ सा

पते से जुड़ने की चाह,
हताश होकर लिपटी हुई थी
नाम, घर के नंबर गली शहर से।

पता आज भी स्याही में भीगा हुआ था
मैं और मेरी चाह दोनों भीग कर
सुख चुके थे।
rajiv

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प्रतीक्षा
अपेक्षाओं को
यात्रा का ईंधन बनाकर
चलती रहती है,
बिना गंतव्य के,
ऐसी आशा में
जिसका पूरा होना
असंभव है।
rajiv

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वैसे तो सम्भावनाएँ
बहुत कम हैं
तुमसे मिलने की,
फिर भी अगर
मिलना हुआ,

तो मैं
बातों में समय नहीं बिताऊँगा,
ना ही वे सवाल पूछूँगा
जो बरसों से
मैंने तुम्हारे लिए
संभाल कर रखे हैं।

पर हाँ,
इस एक क्षण में
तुम्हें देखकर
आँखें बंद कर लूँगा।

जब तुम लेकर आओगी
जीवन की सारी ऋतुएँ
और एक लंबा सफर
मेरे संग चलने के लिए
तब मैं तुमसे करूंगा
ढेरों बाते,
और वे सारे सवाल
जो अभी व्यर्थ है
हम दोनों के लिए।

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तुमने जब "ना"
कहा था,
मैंने उस "ना" को
ख़ामोशी के साथ
एक नोटबुक में
मेरी "हाँ" के साथ
चुपचाप रख दिया था।

तुम्हारी "ना"
अभी भी
वैसी ही है।

पर
मेरी "हाँ"
उस नोटबुक में
अब नहीं रही,
उसने अपना नाम
"प्रतीक्षा" रख लिया है।

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