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मुझे तुमसे गले मिलना है और बहुत देर तक मिलना है, जहाँ साँसें एक-दूसरे में खो जाएँ जहाँ शब्द अपनी जरूरत खो दें जहाँ सिर्फ धड़कनों की आवाज बचे और वक़्त भी थम कर बस देखे कि दो लोग कैसे एक दूसरे में घर पा लेते है। मुझे तुमसे ऐसे मिलना है जैसे कोई थका हुआ परिंदा आखिरकार अपनी शाख ढूंढ ले और फिर उसे उड़ जाने की कोई जल्दी न है
अर्ज किया है, तुझे खुद से दूर कर दिया तेरे लिए, दिल में जो था वो दर्द भी छुपा दिया तेरे लिए, मुझे मालूम था कि हमारा रास्ता अलग हैं फ़िर भी, अपनी ख़ुशी को मार दिया बस तू खुश रहे "बस तेरे लिए।"
मैं लाख कोशिश कर लू लेकिन मेरे अंदर से तू जाएगा नहीं.. मैं अच्छे से समझता हूं मगर तुम्हे समझ आएगा नहीं.. और सारी दुनियां की चाहत मिलाकर भी तुम्हें कोई चाहे.. फिर भी मेरे जितना तुम्हें कोई चाहेगा नहीं.!!
जरूरी नहीं कि जो इंसान अच्छा दिखता हो अच्छा बोलता हो अच्छा लिखता हो या अच्छे परिवार से हो... वो इंसान सच में अच्छा या सच्चा हो.. यहां सब अपने मतलब के लिए है.. कुछ लोग सहानुभूति पाने के लिए खुद को निराश दुखी दिखते है.. पर ज़िंदगी का हर तरह अच्छा बुरा वाला मजा ले रहे होते है.. कितनी ढोंगी लोग है
मेरे भूतकाल और उसके भविष्य को भी होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं... भगवान उनको जीवन में बहुत खुशियां दे.. ❤️❤️❤️😊😊😊😊😊🥰🥰🥰🥰
फिर अंजान हो गए.. पहले बात हुई, फिर दोस्ती हुई, फिर मुझे उससे मोहब्बत हुई, मोहब्बत फिर इतनी गहरी हुई आंखों से आंसुओं की बारिश हुई, जीना फिर उसके बगैर मुश्किल हुआ, मुझे उस शख्स की ऐसी आदत हुई, फिर वो हमारे लिए जान हो गए, वो ये जान कर हैरान हो गए, फिर उन्हें एहसास हुआ ये सब सही नहीं, ये सब सुन कर हम बे-जान हो गए, बात जहां से शुरु हुई थी फिर वही खत्म हुई.. हम दोनो एक दूसरे के लिए एक बार फिर अंजान हो गए..!!
मैं तेरे बिना भी जी लूंगा... ये सच है.. मगर तेरे साथ जीता तो शायद जिंदा कहलाता...! 🫂❤️
नसीब के आगे किसी की नहीं चलती लेकिन इतना याद रखना.. बाहों में चाहे कोई भी आये महसूस वही होगा जो रूह में समाया होगा..
सुनो लकीरों से उतर चुकी हो, अब ज़हन से भी उतर जाओ। पहले से ही ताल्लुकात अच्छे नहीं है, निंद और आंखों के। तुम भी आग में घी मत मिलाओ। जाओ, जिसके हो उसे परेशान करना। मेरे ख्वाबों में मत आओ। सोने नहीं देता, ये तेरा सामने बैठ कर मुस्कुराना। ढूंढने लगता हूं उठ कर इधर उधर। कम से कम इतने करीब मत आओ। लकीरों से उतर चुकी हो, अब ज़हन से भी उतर जाओ।।
गुज़ार दिए होंगे तुमने, कई दिन, महीने, साल.. जो काट ना सकोगे वो एक रात मैं हूँ। की होगी गुफ्तगू, तुमने कई दफा कई लोगों से, दिल पर जो लगेगी वो एक बात मैं हूँ। भीड़ में जब तन्हा, खुदको तुम पाओगे, अपनेपन का एहसास जो करा दे, वो एक साथ मैं हूँ। बिताये होंगे तुमने कई हसीन पल सबके साथ में जो भुला नहीं पाओगे, वो एक याद मैं हूँ..!!
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