Quotes by Raam in Bitesapp read free

Raam

Raam

@raamkishor300901


बूढ़े बरगद की सूुखी टहनियों में आज कुछ नमी सी है,
शायद! आज उसको भी अपनों की लगती कमी सी है।

कलमकारी हो या मातृभूमि नये हैं हम,
ख़ता हो तो मुआफ़ कीजियेगा।
ग़र दिल को आपके छू लेे अल्फाज़ हमारे,
तो हमें दाद ज़रूर दीजियेगा। 🙏😄

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सियासत के दलालों को उतार फेंको
इन स्वार्थ लालच की कुर्सियों से,
वरना वो दिन अब दूर नहीं ज़ब
आपकी सांसे भी उनकी गुलाम होंगी।
- Raam

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