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मुनासिब थी उनकी मेरी जिंदगी से रुखसत, जिंदगी को आइना जो दिखाना था हमे। - Mara Bachaaaaa
होंठों की प्यास के मायने समझने आए थे, प्यास बुझी उनकी, सूखा छोड़ चल दिए। - Mara Bachaaaaa
लम्हे मुलाकात के कुछ मिल पाए वो भी सही था, यही इश्क़ है बेबसी हर पल लिखी होती हैं। - Mara Bachaaaaa
है इश्क़ नफरत नहीं कर पाए, आंखों से अश्क भले बाहर आए। - Mara Bachaaaaa
हर पल न सही पर याद आती है उनकी, अहम नहीं रहे जिंदगी में हम जिनकी। - Mara Bachaaaaa
बेनकाब कर दिया उन्होंने छोड़ के मुझे, में काबिल ही नहीं था उन्हें समझ आ गया। - Mara Bachaaaaa
पल, लम्हे, दिन, रात सब गुजरने लगे, अकेले रह गए हम, अकेले चलने लगे। - Mara Bachaaaaa
अहमियत आपको इतनी की हम हम ना रहे, आप सा दिखने लगे है। - Mara Bachaaaaa
इंतजार रहता है हमे हर एक ऐसी ढलती शाम का जिस दिन आपसे रूबरू हम हो पाए। - Mara Bachaaaaa
हमारा कोई रिश्ता ही नहीं ऐसे बिछड़ गए, इश्क़ के समुंदर में घुलना था, अकेले रह गए। - Mara Bachaaaaa
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