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उन बेपरवाह सी ल़डकियों को देख कर कई बार लगता है......... बेपरवाह होना कितना अच्छा होता है....... ना लोगों की परवाह ना ही किसी से कोई उम्मीद बस खुद पर कुछ करने का एहसास......... और एक दिन आता है जब उनको किसी के साथ बहुत सारे बंधनों में बाँध दिया जाता है......... वो बेपरवाह सी कहीं दूर से अपने आप को याद करती रहती है.......... उन सब को पूछना चाहती है कि क्या बेपरवाह माँ बाप ही रख सकते हैं ......... क्या मेरी उलझी जिन्दगी को सुलझाने के लिए फिर बेटी के रूप में जन्म लेना होगा......... क्या सब सही होकर भी गलत लगना जरूरी होता है....... फिर बस इन्हीं सवालों से समझोते करते करते एक दिन सब सवालों को कहीं दूर जला कर जिंदगी में आगे बढ़ती है कुछ बेपरवाह सी बेटियाँ.......... Life of independent girl.........
Maybe in another universe daughters never have to leave their home....... Maybe in another universe daughters never judge for very small things........ Maybe in another universe daughters also stand for herself ....... Maybe in another universe they never compromises their passions, dreams, attitude, ego and many more things which are not described in words........ Maybe in another universe they don't forced to do all those things which are painfull for them.......... Maybe this Maybe is always forced us to do every thing which we don't want to ..........
खुश रहने के लिए बहुत सारे लोगों कि जरुरत न पड़े....... इसके लिए खुद के साथ समय व्यतित करना जरूरी है........ So always remember to take some time for yourself..........
तन पर डाले कपड़े की कीमत समय के साथ साथ कैसे कम हो जाती है......... पसंद आने पर वहीं जहां बहुत सुन्दर लगा होगा........ आज वहीं डालने पर बदसूरत लगने पर पता चला कि कीमत कपड़े की कम नहीं हुई रिश्ते में ज्यादा समय और बहुत सारा स्नेह देने के कारण थोड़ा सा आँखों पर पड़ा चश्मा साफ़ हुआ है........
किसी के घर में अपनी जगह बनाने के लिए एक लड़की अपना सब कुछ छोड देती है ............ और हैरानी तो इस बात की होती है बदले में उसे महँगे तोहफे, बहुत सारा पैसा नहीं चाहिए होता.............. बस अपने किरदार को पहले जैसा रखने के लिए थोड़ी इज्जत औऱ बचपना जिंदा रखने के लिए थोड़ी कोशिश की जरूरत महसूस होती है...............
कई बार मन के भाव भी बहुत अजीब से लगने लगते है........ जैसे कोई बहुत समझने वाला जब छोटी छोटी बात समझाने लगे......... और एक दम से कोई अच्छा लगे और फिर बुरा भी हो जाए........ सब ठीक होने पर भी गलत सा लगे........ और एक शांत सी नदी के पास बैठे उस इंसान के भाव भी वैसे ही होते है........ जैसे बहुत बोलने वाले के पास शब्दों की कमी हो जाए.......
यू तो जान रही हूँ सब......... पर सुना है अनजान रहने वाले ज्यादा खुश रहते हैं जानने वालों से............. तो कोशिश कर रही हूं अनजान ही रहूं सब चालाकियों से............ जान कर मिला हुआ दुःख बाकि दुखों से कम लगता है........
Sometimes we heard girls are typical one...... but no one knows why......... sometimes we misunderstood them........ or we don't want to understand them ......... but I thought responsibilities make them rude egoistic and sonetimes different person ...... which they don't want to be........ SO, before judging anyone think twice maybe that is not a big deal for you but really and big deal for other person.........
यू बिखर कर भी किसी के लिए होना कितना मुश्किल है.......... मन के बवाल को बिना बताये रह पाना कितना मुश्किल है........ दूसरों की परवाह में खुद को भूल जाना कितना मुश्किल है........ ना चाहते हुए भी सब कुछ मान जाना कितना मुश्किल है......... मन पर पत्थर रख घर को जोड़ कर रखना और फिर परायी हो ना सुनना कितना मुश्किल है.......... खुद के नसीब का फैसला किसी और को करते देखना और बोझ सा लगना कितना मुश्किल है......... आरंभ से अंत और फिर अंत से आरंभ एक ही जन्म में देखना कितना मुश्किल है.......... Worse but so called happy life of girls ..............
जिंदगी तब अच्छी नहीं लगती जब कोई ना हो ....... मन के सवालों का जवाब देने वाला कोई ना हो...... अपने से पहले कोई रखने वाला ना हो....... मन के तूफान का खोया हुआ रास्ता हो....... ब्लकि तब लगती है जब सब खोने के बाद शांत मन हो और बोलने का मन भी ना हो........ और कोई आकर ढेर सारी बातों के साथ हमें समझना चाहता हो........ और मन भी बस शांत होकर सब सुनना चाह रहा हो......... चुप होकर भी सब समझा जा रहा हो........ मन के किसी कोने में खोने का डर हो.......... और फिर वहीं बहुत कुछ खो कर कुछ पाना हो ...............
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