The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
तुम्हारी याद के साये में चैन मिलता है, तुम्हारे बिना ये दिल बेचैन रहता है। हजारों चेहरे हैं इस भरी दुनिया में मगर, ये दिल सिर्फ तुम्हारी ही राह तकता है। - kajal jha
हमने तो खामोशी में भी तुझे पुकारा था, तूने भीड़ में रहकर हमें नकारा था। सब कुछ देकर भी खाली रह गए हम, और तू कहता है — ये इश्क़ बस एक सहारा था। - kajal jha
खामोशी से सहते रहे हम हर जख़्म, कभी शिकायत की आदत नहीं थी। तुम क्या जानो टूटने का दर्द, हँसते चेहरे के पीछे कितनी चीख़ें थीं। - kajal jha
यादों की बारिश में भीगता हूँ अकेला, तेरी कमी ने दिल को चुपके से तोड़ा। रातें कटती हैं आंसुओं की नदी में, काश तू लौट आए, ये ज़ख्म भर जाए। - kajal jha
हम हँसते रहे सबको खुश रखने के लिए, दिल में दर्द छुपाते रहे जमाने के लिए, जिसे अपना समझा वही बेगाना निकला, अब खामोशी ही काफी है बताने के लिए। - kajal jha
तेरी एक नज़र से दिल धड़क उठा, सांसें थम सी गईं, दुनिया भूल गया। तेरे इश्क़ में डूबा ये जज़्बा मेरा, हर धड़कन पुकारे, बस तू ही तू आ। - kajal jha
कुछ जख़्म दिखते नहीं, पर हर साँस के साथ चुभते हैं। हम मुस्कुराते तो हैं सबके सामने, पर अंदर कहीं टूटते रहते हैं। कभी जिन ख़्वाबों को जान कहा था, आज वही ख़ामोशी में सोते हैं। दिल अब भी उम्मीद करता है शायद, इसी उम्मीद में हम रोज़ रोते हैं। - kajal jha
ख़त लिखा था आज फिर तेरे नाम, पर भेज न पाया… डर था अंजाम। हर लफ़्ज़ में छुपा था मेरा दर्द, हर स्याही में बहा था दिल का अरमान। काग़ज़ ने भी पूछ लिया हाल-ए-दिल, क्यों हर लाइन में आँसू का निशान? मैंने कहा—जिसे पढ़ना था वो दूर है, और ख़त लिखकर भी रह गया अनकहा हर बयान। 💔 - kajal jha
लड़कियाँ रोती नहीं, बस चुप हो जाती हैं, अपने दर्द को हँसी में छुपा ले जाती हैं। जो टूटता है अंदर हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा, उसकी आवाज़ कभी किसी तक नहीं जाती है। उसे सिखाया गया है हर हाल में समझना, अपनी चाहतों को खामोशी में ही रखना। दर्द जब हद से गुज़र जाए दिल के भीतर, तब भी वो कहती है — “मुझे कुछ नहीं कहना।” एक लड़की का दिल काँच सा होता है, दिखता नहीं पर हर चोट गहरी होती है। सबका ख्याल रखते-रखते थक जाती है वो, और उसकी थकान सबसे अनकही होती Kajal jha - kajal jha
ज़िन्दगी एक साये सी राह है, हर कदम पर सवालों का मेला। दिल पूछे, ये सफ़र कहाँ ले जाएगा? कहीं खो न जाएँ हम, अपनी ही पहचान में।कभी हँसी के फूल बिखरते हैं रास्ते पर, कभी आँसुओं का सैलाब उमड़ आता है। फिर भी चलते रहो, बिना रुके, बिना थके, क्योंकि यही तो है, इंसान का असली इम्तिहान। - kajal jha
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser