Quotes by Das Vijay in Bitesapp read free

Das Vijay

Das Vijay

@dasvijuu


एक उम्र निकाल दी. बिना मिले तुम्हें ।
और बेरी लोग हमें, इश्क करना लिखा है।
- Das Vijay

सब कहेंगें कि जी जान लगा दो

सोना, खाना-पीना सब छोड़ दो

मैं कुछ और कहना चाहता हूँ

'अपना ख्याल रखो'

तैयारी को Enjoy करो

अपनी मासूमियत बरकरार रखो

क्योंकि,

रुखा, ऊबा हुआ और चिड़चिड़ा

ना कलेक्टर अच्छा लगता हैं

न कोई अफसर

उम्र के एक मोड़ पर बस

एक ही सवाल होगा

तुम खुश हो या नहीं ?

जंग की राह में तुम्हारे भीतर

का बच्चा न मर जाये बस

Read More

हमें भी बड़ा शौक था... दरियाये इश्क में तैरने का ऐ दोस्त...

" एक लहर ने ऐसा डुबाया अभी तक किनारा ना मिला...
- Das Vijay

Read More

मेरी एकांत जिंदगी,,,,,


मेरी खुशियां
मेरी खुशियां
मेरे सिरहाने यूहीं बिखरी रहती है
मेरा आई पैड, कुछ पत्रिकाएं, मेरा फोन
मेरा श्रवण यंत्र
ओर मेरा निपट एकांत
सब मिल कर एक सिम्फोंनी क्रिएट करते
कभी कभी तो अल्लसुभह के 3 बजे तक
मुझे सपने नहीं आते
मुझे पता नहीं सपने क्या होते हे,,,,
सपनो का आना तो बंद आंखों में ही होता हे
ओर में अपनी आंखे खुली रखता हु
इस डर से कि कही
आंखे बंद की बंद ही न रह जाए
ग़ालिब कही गूंज रहे होते हे

Read More

भूली बिसरी यादें 🥰🥰

गांव
वो गली
वो गली में खेलते बच्चे
वो कोयल की मधुर आवाज
वो पनघट उससे पानी लाती पणिहारी
वो वहां की हवा में ताजगी
वो पुराने कच्ची ईंटों के घर
वो मिट्टी की खुशबू जो शहर के इत्र से भी सुगंधित हे
वहां के खेतों की हरियाली
वहां पर लहराती हुई फसलें
वो वहां की शाम , जहा सभी मिलकर कभी बाते करते थे
वो तालाब, वो बरगद, वो रास्ता,
हर मोड़ पर यादें खड़ी मिलती हैं।
ना मोबाइल था, ना कोई दिखावा, गाँव में खुशियाँ खुद चलकर आती थी
वह गांव मुझे आज भी बहुत याद आता है,,,!!!!!!


Das Vijju,,,,,,

Read More

झील से गहरे तुम्हारे दो नयन,
चाँदनी ओढ़े है सोने का बदन,
मैं तुम्हारे प्राण में हूँ इस तरह,
जैसे ही सुरभित चंदन का वन।

साँस मेरी तेरी साँसों से मिली,
ज्यूँ मिली फूलों से तितलियाँ,
मैं तुम्हारे रूप गंध में भींगा हुआ,
कर रहा भ्रमरों की तरह गुंजन ।

तुम बसी मेरे हृदय में इस तरह,
जैसे सागर में छिपी कोई लहर,
जैसे मोती हो छिपी हुई सीप में,
जैसे फूल पर बिखरी ओस कण।

प्रशस्त करती तुम मेरा पथ प्रिये,
प्राण को देती हो तुम आराम भी,
तुम मेरे दिल की हो धड़कन प्रिये,
तुम से ही विश्राम पाता मेरा मन ।


Das vijju,,,,,,,

Read More

किसी को छोड़कर भले ही चले जाना
लेकिन किसी के मन में कोई ऐसा प्रश्न छोड़कर न जाना
जिसका उत्तर उसे सिर्फ़ तुम ही दे सकते हो।।।।

- Das Vijay

Read More

एक शाम आऊंगा तुम्हारे घर पर मैं
एक हाथ में गुलदस्ता लेके
तुम्हे कहुंगा की चलो मेरे साथ
रात को तन्हा बैठेंगे ,कुछ बाते करेंगे
कुछ शायरी सुनाऊंगा,ओर में सारी रात तुमको ऐसे देखता रहुगा
ओर चांद चिल्लाता रहेगा ,,की में चांद हु , में चांद हु ,में चांद हु,,,,,,।।।।।।।।।।।।
- Das Vijay

Read More

अर्ज Kiya Hai :

इश्क के बाजार में हुस्न Ka Mela Reh गया,

भीड है लाखों की मगर 'Dil akela Reh गया

दिखावा करने वाले ले गए 'Mohobbat Ka किताब,

शिद्दत से चाहने वाला हर Insaan अकेला Reh गया

लेकिन सुना हे शिद्दत से मोहब्बत करने वालों की सुनवाई की जाती है
ओर वो मोहब्बत हमारे किस्मत में ही नहीं हैं

अगर किस्मत में हमारा मिलना लिखा होगा तो हम जरूर मिलेंगे
क्योंकि किस्मत लिखने वाला खुद खुदा होता है!!

खुदा ने मोहब्बत करने वालों को आमने सामने मिलाया तो
जिंदगी का खिताब भी उसके ही हाथो में है



das,,,,,

Read More

चाहत जिस्म की होती तो तवायफ बुला लेता नोटों पर,
यादो की हथौड़ी मारता हूँ तेरी दी हुई चोट पर...

जिस लड़के को कभी धुंए से होती थी नफरत
वही लड़का चाय पीने के बाद रखता सिगरेट अपने होंठो पर...!!!!!






- Das Vijay

Read More