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ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત Matrubharti Verified

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कभी कभी बादलों की
ख्वाइश रहती होगी,
के बारिश न गिराए,
फिर भी धरा की उष्णता से
बूंदे गिर ही जाती होगी।।।
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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जब ऊंचे पहाड़ से गिरता है
झरना, उस पत्थर पर,
वह पत्थर अपनी कठोरता त्याग करके,
मीठे से झरने के स्पर्श में
पिघल जाता है।।
फिर भी लोगो के ताने से कहा
रह पाता है "कठोर पत्थर"।।


- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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जिंदगी एक सफर है और सफर की
एक मंजिल तय होती है।
पर वह मंजिल ढूंढते - ढूंढते जिंदगी
खत्म हो जाती है।

- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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સરોવરમાં ખીલતું કમળ ને
સોનેરી રૂપેરી માછલીનું જીવતર,
એમ જ એ આંખમાં જીવંત રહેતું મારું જીવતર.

- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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जिंदगी की रेस में हम भाग दौड़ करते है,
उस भाग दौड़ में एक सुकून ,
कुछ वक्त का पड़ाव या
थकान में शांति होते है दोस्त।।
दोस्त मन के उठे चक्रवात में
शांत प्रवाह में बहती हवा से होते है।
घाव तो उठते है बहुत,
पर मन के घाव में मलहम से होते दोस्त।
दोस्त वो होते है
जो तन से बंधे हुए आत्मा की तरह होते है।
वो न हो तो तन भी मर जाता है।

- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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कही पहुंचने के लिए कही से त्याग होकर चलना जरूरी है। खोज में विचरण करेंगे तभी खुद का मार्ग मिलेगा।।
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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हम जिस मंजिल या ध्येय के लिए जिस रास्ते पर चलते है, वह रास्ता संघर्ष और तकलीफों से भरा होता है। मानो ऐसा लगता है कि ध्येय मिल जाए तो सब सुकून मिल जाएगा, पर ऐसा होता नहीं । सफलता मिलने पर थोड़ी देर के लिए सुकून का पड़ाव मिलता है, फिर वही संघर्ष भरे रास्ते पर चलना ही पड़ता है। इसलिए संघर्ष में जो मजा है वह सफल होने के बाद नहीं मिलता।।।।
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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क्या कहे आज की सुबह और ये कोहरा?
मंद मंद समीर जब तन को छुता है।
भीतर की सरोवर सी आग को शमा देता है।
बड़ी हलचल सी उठी थी,
लावा सी जलन थी,
धुआं धुआं सा श्वास तले था,
पर ये ठंड की ठिठुरती सी लहर,
मन को जैसे गोदी में बिठाया हो,
माथे पर स्नेह से हाथ रखा हो
और सुकून सी एक नींद में
सारे बाहरी भावों को भीतर में आनंद दे रहा है।।।।

- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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કોમળ ફૂલની કેવી અવદશા હોય છે,
ખીલે છે કાંટાની વચ્ચે તેમછતાં
પગમાં ચાદર બનીને કચડાઈ જાય છે..
તો પણ કેહવાય છે કે કુદરતની
સુંદર અને રંગબેરંગી કારીગરી.....
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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अपेक्षाएं निष्फलता को जन्म देती है
और इच्छाएं विकृति को,
जब इच्छा और अपेक्षा छोड़ा जाए तो इंसान परम आनंद को प्राप्त कर सकता है।।
- ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

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