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हवेली की दीवारें कंपकपाती हुईं चुप हो चुकी थीं। अपूर्व के सामने वह दरार अब धीरे-...
अनामिका और अविनाश दोनों उस पहाड़ी के किनारे टूटी हुई रेलिंग के पास खड़े डूबते हु...
राजा और रैंचो ---अध्याय 1 – एक अनोखी मुलाकातमुंबई की हलचल भरी सड़कों पर, एक ऐसा...
भिखारी का रूप अचानक बदल गया। उसका जर्जर और घावों से भरा शरीर अब तेजोमय हो उठा। उ...
एक जादुई शेरलेखक: विजय शर्मा एरी(लगभग 1500 शब्दों की कहानी)---प्रस्तावनाअरावली क...
“पहला संकेत – जब दो युग टकराए”दिल्ली की रात शांत थी,पर ISAR के स्पेशल सर्वेलेंस...
भारत के एक भीड़भाड़ वाले शहर में, जहाँ सपने रोज़ जन्म लेते हैं और रोज़ ही टूट जा...
कहते हैं हर कहानी की शुरुआत आसान नहीं होती। मेरी भी नहीं थी। मैं वह लड़का था जो...
भाग – 2उस रात अंकित देर तक सो नहीं पाया।कमरे की बत्ती बंद थी, लेकिन दिमाग...
आपने कभी सोचा है कि "पूर्णता" का असली अर्थ क्या है? दुनिया की नज़र में प...
एक पुराने, खामोश से मदरसे में बरसों से एक गहरा राज़ छुपा हुआ था। उसी राज़ की तलाश में एक दिन एक लड़का वहाँ पहुँचता है। शुरू में मदरसा बिल्कुल साधारण लगता है, मगर जैसे ही वह अंदर की...
पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...
अध्याय 1 — दर्पण का पहला दर्शन संग्राम टूर्स अँड ट्रॅव्हल्स… नाम तो छोटा था, मगर मेरे लिए ये मेरे सपनों की शुरुआत थी। अभी कुछ ही हफ्ते हुए थे जब मैंने अपनी नई चार पहिया गाड़ी...
एक रहस्यमयी भयावह कथा) बिहार के एक छोटे से गाँव कुरहारी के पास, पहाड़ियों के बीच एक पुरानी गुफा थी — जिसे लोग “अंधेरी गुफा” कहते थे। कोई नहीं जानता था कि वो कितनी गहरी है, पर इतना...
हसीना की दस्तकरात धीरे-धीरे अपनी नमी फैला रही थी।बाहर आसमान जैसे किसी पुराने ज़ख्म की तरह गरज रहा था —बिजली की चमक हर कुछ मिनट में कमरे की दीवारों पर नाच जाती।बारिश की बूँदें खिड़क...
अध्याय 1 : शोहरत की सीढ़ियाँ सुबह की धूप खिड़की से छनकर कमरे में गिर रही थी। दीवार पर टंगे पोस्टरों में कैमरे, लाइटें और एडिटिंग के नोट्स लगे हुए थे। कमरे के बीच में एक लड़का अ...
मुझे सूर्यास्त के बाद कभी भी नींद नहीं आती। रात की चादर ओढ़कर बैठ जाना मेरे लिए आसान है। कभी पुराना अखबार लेकर घंटों पढ़ता हु।मेरे मकान की दीवारों पर एक भी तस्वीर नहीं लगी हुई। यान...
दिल्ली, शहर की दुर्गा कॉलोनी , आलोक शर्मा जी का घर, आलोक शर्मा एक कम्पनी में सॉफ्टवेयर हैं। सुबह-सुबह हॉल में बैठकर चाय पीते हुए अखबार पढ़ रहे हैं। सुबह के तकरीबन 8...
दिल्ली का सेंट मैरी कॉलेज। गर्मियों का पहला दिन। नए सेशन का पहला दिन हमेशा हलचल भरा होता है। हॉस्टल में नए चेहरे, कैंटीन में भीड़, और हर किसी में कॉलेज लाइफ़ का रोमांच। आर्यन भ...
पिछले डेढ़ साल से मैंने अनंतगढ़ गांव से दूर आलोक और रतिबेन पाटिल कॉलेज ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज से बायो-मेडिकल साइंस में एमएससी कर रहा था, मैं सेमेस्टर 4 मे बायोसेंसर विषय पर डेझर्टेश...
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