The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
एपिसोड 30 – इल्ज़ाम और सचस्टोर रूम के बाहर अचानक ऐसा सन्नाटा छा गया, जैसे पूरे ह...
बूढ़ी माँउमा अपनी माँ पुष्पा से मिलने मायके आयी थी। लम्बा सफरतय करके उमा व उसका...
चौहान कंपनी में दोपहर का समय था। संयोगिता अपने केबिन में बैठी काम कर रही थी। उसक...
व्यंग्य रचना :_ पीर, ओझाओ, बाबा से चलता देश --------------------------------- मु...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 62 मौन का साम्राज्य अधूरी किताब पहली बार पू...
किताबों के बीचby PATEL RJबनारस,1952, गंगा के किनारे वाली पुरानी हवेली जैसी लाइब्...
खबर है कि छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले के ग्राम दीवानपुर में अंधविश्वास और इलाज...
Lovely: “कौन? यहाँ तो कोई नहीं है।”Riya एकदम से खड़ी हो जाती है और अपने आसपास दे...
भाग 2: बिहार के बक्सर और भोजपुर की उस बंजर और तपती धूप वाली जमीन पर, जहाँ कभी ढो...
जिंदगी की दूसरा किनारा पार्ट 33और तभी अचानक से मेघना की कदम अपने आप रुक जाती है ...
(चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।) डुग्गीवाला- कल से इस पूरे षहर में कोई नशा नहीं करेगा.....कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा न...
सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।) बातुल- समय तो हो...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है। अध्याय 1— एक अनचाही शादी “संस्कृति… तैयार...
आरा, बिहार। सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में दादी...
पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...
लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन। समय: रात 11 बजे। लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...
राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे...
Heroine: शानवी सिंह Hero: कार्तिकेय (दिन में बिल्ली, रात में इंसान) शानवी सिंह को अकेलापन काटने दौड़ता था। बड़े शहर में छोटी सी नौकरी, छोटा सा कमरा और दिन भर का शोर… लेकिन रात...
मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...
हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा सा बैग था, हाथ में एक किताब, और आँखों में एक ऐसी थकान जो सालों की नहीं, जन्मों की लगती थी। उसकी म...
Continue log in with
By clicking Log In, you agree to Matrubharti "Terms of Use" and "Privacy Policy"
Verification
Download App
Get a link to download app
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser