Drama Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


Languages
Categories
Featured Books
  • अंहकहा प्यार - 1

    दिल्ली एक शांत शहर है जहा पर लोग अपने सपने पूरे करने और घूमने आते हैं ये शहर शां...

  • प्यार? एक अनकहा एहसास...!! पार्ट 5

    विधि हाथ मे फोन लिए उसकी फोटो देख कर रोने लगी..."कितना प्यार करती हूँ तुम्हे अंश...

  • Mafia King - 8

    उधर, रणविजय का गुस्सा दिन-ब-दिन और ज्यादा बढ़ता जा रहा था। सात महीने, आठ महीने, न...

  • पहला फ़ोन

    पहला फोनक्या याद है आपको? आपने सबसे पहले किसको फोन मिलाया या किसका फोन उठाया?हम्...

  • प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 5

    अग्निश का हाथ अभी भी दिग्विजय के कॉलर पर था, तभी कमिश्नर भाटी की भारी आवाज़ गूँजी...

  • किघकन्या - 3

    अमावस की घनघोर काली अॅंधेरी रात थी, रोहिणी ने इस रात को चुना हवेली से भागने के ल...

  • तेरा एहसास

    कि गुजरते हुए हर लम्हे मुझे फुरसत के लगते हैं यादों के सुनहरे धागे मुझे तेरे सं...

  • बर्फीली वादियों का ख्वाब

    रात का घना पहरा था और चारों तरफ एक गहरी, शांत खामोशी छाई हुई थी। कमरे की बड़ी सी...

  • मंदिर में तुम - 8

    रात बीत चुकी थी…पर Si-woo के लिए…वो रात खत्म ही नहीं हो रही थी…अपने अपार्टमेंट क...

  • वरदान - 11

    वह दरबार में पहुँचा।इतने बड़े महल और भव्य दरबार को उसने पहले कभी नहीं देखा था।चा...

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी By Praveen Kumrawat

दुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख मिलता है। फिर भी वे इंसान को...

Read Free

फुटपाथिया By Dr. Suryapal Singh

अंक एक
(मुंबई का फुटपाथ। आधीरात के बाद का समय। वाहनों का आना जाना बन्द हो गया है। तीन लोग सोए हुए हैं। तीनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। एक की नाक बजती है। फुटपाथ के किनार...

Read Free

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

तनुदा का अपहरण By Dr. Suryapal Singh

तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्तों के साथ स्थानीय चटकीले रंग, संयोजन-विखण्डन, रडार छवि- संस्कृति, अतियथार्थता के बीच नाटकों का स्थान कहाँ...

Read Free

नशा By Dr. Suryapal Singh

(चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।)

डुग्गीवाला- कल से इस पूरे षहर में कोई नशा नहीं करेगा.....कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा न...

Read Free

उन्हें नींद नहीं आती By Dr. Suryapal Singh

सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।)
बातुल- समय तो हो...

Read Free

इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

Read Free

इश्क़ का इलाका By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।

सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।
आँगन में दादी...

Read Free

गीत गाने दो मुझे By Dr. Suryapal Singh

पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

Read Free

ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

Read Free

दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी By Praveen Kumrawat

दुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख मिलता है। फिर भी वे इंसान को...

Read Free

फुटपाथिया By Dr. Suryapal Singh

अंक एक
(मुंबई का फुटपाथ। आधीरात के बाद का समय। वाहनों का आना जाना बन्द हो गया है। तीन लोग सोए हुए हैं। तीनों की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच है। एक की नाक बजती है। फुटपाथ के किनार...

Read Free

नम आँखे By Nandini Agarwal Apne Kalam Sein

मम्मीमम्मी - मम्मी -मम्मी कहाँ हो आप ' अभिनव अवाज देता हुआ घर में आता है। बेटा मैं यहां स्टोर मे हूं। दीवाली की सफाई कर रही हूँ। अभिनव ये क्या है ? बक्शे मे क्या टटॉल रही हो। म...

Read Free

तनुदा का अपहरण By Dr. Suryapal Singh

तकनीकी दृष्टि से नाटकों से अधिक सक्षम माध्यम आज उपलब्ध हैं। महान वृत्तान्तों के साथ स्थानीय चटकीले रंग, संयोजन-विखण्डन, रडार छवि- संस्कृति, अतियथार्थता के बीच नाटकों का स्थान कहाँ...

Read Free

नशा By Dr. Suryapal Singh

(चौराहे का एक दृश्य । एक तरफ डुग्गी पीटने वाला डुग्गी पीटता हुआ प्रवेश करता है।)

डुग्गीवाला- कल से इस पूरे षहर में कोई नशा नहीं करेगा.....कल से इस पूरे षहर में कोई भी आदमी नशा न...

Read Free

उन्हें नींद नहीं आती By Dr. Suryapal Singh

सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।)
बातुल- समय तो हो...

Read Free

इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

Read Free

इश्क़ का इलाका By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।

सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।
आँगन में दादी...

Read Free

गीत गाने दो मुझे By Dr. Suryapal Singh

पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

Read Free

ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

Read Free