सीप का मोती. by manasvi Manu in Hindi Novels
भाग १कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... फिर एक पांव दिखता था सपने...
सीप का मोती. by manasvi Manu in Hindi Novels
भाग २ सुनी को दोस्ती करने की आदत ही थी। वह जगत मित्र थी। उसकी बहुत सी सहेलियां थीं, और वह उन सब के बीच ऐसे रहती थी जैसे...