माफिया की मोहब्बत by Pooja Singh in Hindi Novels
सुबह का वक्त था। हल्की ठंडी हवा कॉलेज कैंपस के पेड़ों से टकराकर गुजर रही थी। गेट के बाहर हमेशा की तरह भीड़ लगी हुई थी —...
माफिया की मोहब्बत by Pooja Singh in Hindi Novels
चैप्टर 2 — बेचैनीबारिश रात तक चलती रही।सावी के कमरे की खिड़की आधी खुली थी। पर्दे हवा के साथ हिल रहे थे और मेज़ पर रखा वह...
माफिया की मोहब्बत by Pooja Singh in Hindi Novels
चैप्टर 3 — शिकायतक्लासरूम में सन्नाटा ठहरा हुआ था।रेयांश दरवाज़े पर खड़ा था। उसकी निगाहें सीधी सावी पर टिकी थीं।“तुम्हें...