दिव्य अंश (एक अदृश्य उदय) by Anil singh in Hindi Novels
लहू के आँसू और वो काली रातआज अमावस्या की बेहद डरावनी और काली रात थी। मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव के उस मोहल्ले पर इस...
दिव्य अंश (एक अदृश्य उदय) by Anil singh in Hindi Novels
अतीत के घाव और वो तीन केलेबलुआ पत्थर की ठंडी सीढ़ियाँ रुद्रांश की रीढ़ में सिहरन पैदा कर रही थीं, लेकिन उसने सिकुड़ने की...
दिव्य अंश (एक अदृश्य उदय) by Anil singh in Hindi Novels
मंदिर की ठंडी सीढ़ियाँ उतरते समय रुद्रांश की देह का वजन जैसे हवा हो गया था। कल तक जो लड़का अपनी ही परछाई से कतराकर चलता थ...